नयी दिल्ली/हैदराबाद. केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि उनकी पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लोग किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेते और वे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को भी चुनौती मानते हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा का एजेंडा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार देश की सेवा करने का अवसर मिले.
प्रधान ने ‘पीटीआई भाषा’ से साक्षात्कार में यह भी कहा कि अगर पार्टी अवसर देती है, तो वह 2024 में ओडिशा से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहेंगे और उन्होंने इसके लिए पार्टी से अनुरोध किया है. उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने (कांग्रेस ने) अपने शासनकाल में महिला आरक्षण विधेयक को निष्प्रभावी (लैप्स) होने दिया और उसकी नीयत इसे पारित कराने की कभी नहीं रही.
यह पूछे जाने पर कि आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में क्या ‘इंडिया’ गठबंधन भाजपा नीत राजग के लिए वास्तविक चुनौती है, तो इसपर प्रधान ने कहा, ” मैं इसको भी चुनौती मानता हूं. भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के लोग किसी भी चुनाव को हल्के में नहीं लेते. सामान्य कार्यकर्ता से लेकर सर्वोच्च नेतृत्व तक गंभीरता से लेता है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद सामने से नेतृत्व करते हैं, अपने कार्यों का ब्योरा देते हैं, लोगों से निवेदन करते हैं, अपना रिपोर्ट कार्ड देते हैं तथा विपक्ष की गुमराह करने वाली बातों को और उनके दोहरेपन को उजागर करते हैं .
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री ने कहा, ” यह तो बेमन का गठजोड़ है, मौकापरस्ती का गठजोड़ है, ‘घमंडिया’ गठजोड़ है, स्वार्थियों का गठजोड़ है तथा वे कोई भी गठजोड़ बनाएं, हमारा अथक परिश्रम करके लोगों का आशीर्वाद पाने का प्रयास है.” उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार देश की सेवा करने का अवसर मिले .
महिला आरक्षण विधेयक से संबंधित एक सवाल के जवाब में प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की माताओं, बहनों को राजनीतिक अधिकार देकर दुनिया के अंदर एक मिसाल कायम की. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ” आप (कांग्रेस नीत संप्रग) तो 2008 में इसे (महिला आरक्षण विधेयक) लेकर आए और 2014 तक इसे लैप्स होने दिया, विशेष कर कांग्रेस पार्टी ने. आपको किसने मना किया था. आपकी कभी नीयत नहीं थी, उसको करने की.”
जातिगत गणना को लेकर राहुल गांधी के बयान के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में प्रधान ने कहा कि पहले राहुल गांधी जी को उनके ”खानदान की पार्टी, उनके परिवार की पार्टी” द्वारा पिछले 75 साल में पिछड़ों, गरीबों के बारे में किये गए कार्यों का विवरण देना चाहिये कि उसने क्या-क्या किया .
इस साल के अंत तक कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ., तेलंगाना जैसे राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार की बनेगी.
भाजपा एकमात्र पार्टी है, जो पारिवारिक दलों के बीच एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में लड़ रही है: नड्डा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो पूरे देश में पारिवारिक दलों के बीच एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में लड़ रही है और यह एक मजबूत राष्ट्र के लिए हर राज्य में काम कर रही है. शहर के बाहरी इलाके में भाजपा की तेलंगाना इकाई की राज्य परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए नड्डा ने नरेन्द्र मोदी नीत राजग सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया और पार्टी नेताओं से आगामी तेलंगाना विधानसभा चुनाव में मतदाताओं तक पहुंचने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा, ”फिलहाल एकमात्र राजनीतिक दल, जो राष्ट्रीय पार्टी के रूप में लड़ रहा है, वह भारतीय जनता पार्टी है और मेरे शब्दों को गौर से सुन लीजिए आज नहीं तो कल हर राज्य में भाजपा और उसकी विचारधारा होगी. पार्टी एक मजबूत राष्ट्र के लिए काम करेगी.” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्षेत्रीय दल पारिवारिक पार्टियों में तब्दील हो गए हैं. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष जी किशन रेड्डी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे.
उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने 1997 में काकीनाडा में आयोजित एक बैठक में अलग तेलंगाना राज्य के पक्ष में एक प्रस्ताव पारित करने का साहस किया था. तेलंगाना राज्य का गठन 2014 में हुआ था. नड्डा ने याद दिलाया कि जब देश राजनीतिक संकट से गुजर रहा था, तब कांग्रेस ने राष्ट्रीय पार्टी होने के बावजूद क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अनदेखी की, जिसके कारण क्षेत्रीय दलों का गठन हुआ.
उन्होंने कहा, ”.. उस समय कांग्रेस ने क्षेत्र के लोगों की क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अनदेखी की थी. यही कारण है कि धीरे-धीरे हर राज्य में क्षेत्रीय दल उभरकर सामने आए. टीआरएस (भारत राष्ट्र समिति का पूर्ववर्ती नाम तेलंगाना राष्ट्र समिति) भी उसी रास्ते पर आ गई.” उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद), उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस, तमिलनाडु में द्रमुक, महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना का उदाहरण दिया.
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ”यह भी राष्ट्रीय पार्टी नहीं रही….” उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना में केवल मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्य ही पार्टी चलाते हैं. नड्डा ने सत्तारूढ. बीआरएस को ‘भ्रष्टाचार रिश्वत समिति’ करार दिया.
तेलंगाना राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने का जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने राज्य के युवाओं से पूछा कि क्या वे ऐसी सरकार चाहते हैं? उन्होंने कहा, ”ऐसी सरकार की छुट्टी किए जाने की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में 13.50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले और भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ.ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. नड्डा ने तेलंगाना की अपनी हालिया यात्रा के दौरान एक आदिवासी विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन की प्रधानमंत्री मोदी की घोषणाओं का भी उल्लेख किया, जिससे राज्य को बड़े पैमाने पर फायदा होगा.