कांवड़ यात्रा पर कांग्रेस और सपा की टिप्पणियों को लेकर भाजपा ने किया पलटवार

नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांवड़ यात्रा के बारे में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेताओं की टिप्पणियों को लेकर दोनों पार्टियों की आलोचना की और “देश की वास्तविक तस्वीर देखने के लिए मोदी विरोधी चश्मा” उतारने की हिदायत दी. सावन माह में होने वाली कांवड़ यात्रा एक वार्षिक तीर्थयात्रा है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं.

आगामी कांवड़ यात्रा के संबंध में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सरकार के निर्देशों को लेकर विवाद के बीच, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि किसी भी राज्य सरकार को नफरत का माहौल बनाने के लिए इस अवसर का उपयोग करने का अधिकार नहीं है. सपा के पूर्व सांसद एस. टी. हसन ने बुधवार को कुछ हिंदू संगठनों द्वारा उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मार्ग पर भोजनालय मालिकों की कथित तौर पर धार्मिक पहचान किए जाने की निंदा की और इसे “आतंकवाद का एक रूप” बताया.

खबरें आई हैं कि कुछ हिंदू संगठनों के सदस्य उत्तराखंड के कई शहरों में भोजनालय मालिकों और कर्मचारियों की पहचान की कथित तौर पर जांच कर रहे हैं और मुस्लिम होने का संदेह होने पर व्यक्तियों को निशाना बना रहे हैं. भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि सिंह और हसन के बयानों से स्पष्ट है कि वे एक ही भावना से प्रेरित हैं.

उन्होंने एक बयान में कहा, “मैं कहना चाहूंगा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश यात्रा करते हैं. एक सम्मेलन आयोजित किया गया था – ‘वैश्विक हिंदुत्व का उन्मूलन’. फिर चेन्नई में एक सम्मेलन हुआ, ‘सनातन धर्म का उन्मूलन’. दोनों नेता इस विचारधारा से प्रभावित प्रतीत होते हैं.” राज्यसभा भाजपा सांसद ने कहा कि सिंह जाकिर नाइक को “शांति का दूत” मानते हैं, ओसामा बिन लादेन उनके लिए “ओसामा जी” हैं और हाफिज सईद “हाफिज साहब” है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग ही कांवड़ यात्रा में सांप्रदायिकता लाते हैं.

त्रिवेदी ने कहा, “जहां तक ??हसन के बयान का सवाल है, मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि वे उन लोगों के साथ क्यों खड़े होना चाहते हैं जो अपना नाम छिपाते हैं.” उन्होंने कहा, “कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जिसके नेता राहुल गांधी अक्सर विदेश में रहते हैं. उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता भारत और विदेश में अंतर नहीं कर पाते.” त्रिवेदी ने कहा कि उन्हें अपना “मोदी विरोधी” चश्मा उतार देना चाहिए तभी देश की असली तस्वीर दिखाई देगी.

उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों के लिए खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र को प्रमुखता से प्रर्दिशत करना अनिवार्य किया है. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालय मालिकों की पहचान के अनधिकृत सत्यापन से जुड़ी घटना को लेकर स्वामी यशवीर महाराज से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को तलब किया है.

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