लोकसभा चुनाव के बाद तृणमूल सरकार को हटाने का भाजपा का सपना कभी पूरा नहीं होगा: ममता

सोनारपुर. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को उखाड़ फेंकने की उसकी (भाजपा की) आकांक्षा अधूरी रहेगी.

बनर्जी ने यहां यादवपुर निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का यह कहना कि ‘लोकसभा चुनाव के बाद टीएमसी सरकार के दिन गिने-चुने रह जाएंगे’, परोक्ष धमकी देने के समान है, लेकिन यह महत्वाकांक्षाएं पूरी नहीं होंगी. उन्होंने कहा, ”भाजपा को लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार गिराने की कोशिश करने की हिम्मत नहीं करनी चाहिए. लोकसभा चुनावों में सफलता की उसकी (भाजपा की) महत्वाकांक्षाएं चकनाचूर हो जाएंगी, क्योंकि जनादेश टीएमसी के साथ होगा.”

उन्होंने कहा, ”पिछले छह चरणों का मेरा विश्लेषण यह है कि भाजपा 200 सीट का आंकड़ा पार नहीं करेगी, जबकि दिल्ली में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ सत्ता में आएगा, जिसमें पश्चिम बंगाल और तृणमूल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.” बनर्जी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी-भाजपा के बीच टक्कर है. उन्होंने कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पर भाजपा के साथ गुप्त गठबंधन करने का आरोप लगाया.

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिशत शुभेंदु अधिकारी का नाम लिये बिना बनर्जी ने कहा, ”पूर्व मेदिनीपुर जिले का एक नेता चुनाव परिणामों में हेरफेर करने के लिए जिला और पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी कर रहा है.” उन्होंने अडाणी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार की यह कहते हुए आलोचना की कि रक्षा क्षेत्र और महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपक्रमों की हिस्सेदारी बड़े व्यवसायों के हित में बेची गई, जबकि रसोई गैस की कीमतें 1,000 रुपये प्रति सिलेंडर से अधिक पहुंच गईं.

भाजपा पर (एडोल्फ) हिटलर और (जोसेफ) गोएबल्स जैसी तानाशाही प्रवृत्ति दिखाने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने संविधान को बदलने, इतिहास को विकृत करने और एनआरसी एवं सीएए के जरिये पिछड़ी जाति के नागरिकों को देश से ‘बाहर निकालने’ के उसके कथित एजेंडे के खिलाफ चेतावनी दी.

उन्होंने कहा, ”हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं लेकिन गर्मी की छुट्टियों के बाद हम कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाएंगे.” कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में 2010 से कई वर्गों को दिया गया ओबीसी का दर्जा बुधवार को अवैध करार दे दिया, जिससे लोकसभा चुनाव के बीच एक राजनीतिक बहस छिड़ गई.

संदेशखाली मुद्दे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महिला अत्याचारों के बारे में झूठे दावे करके अशांति फैलाने की भाजपा की योजना उल्टी पड़ गई और ‘अब वह सांप्रदायिक हिंसा की साजिश रच रही है जो सफल नहीं होगी.’ चक्रवात रेमल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ”हम सभी निवारक कदम उठा रहे हैं. डरो मत. अपने घरों में रोशनी और पंखे को छोड़कर अतिरिक्त बिजली खपत करने वाली इकाइयों को बंद रखें.”

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