
नयी दिल्ली/श्रीनगर/गुरुग्राम. लाल किले के पास हुए विस्फोट की जांच मंगलवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी गई. जांचकर्ताओं ने पुलवामा के एक डॉक्टर पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसका संबंध मुख्य रूप से फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी के साथ पर्दाफाश किए गए एक आतंकी मॉड्यूल से है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
डॉ. उमर नबी उस कार को चला रहा था, जिसमें विस्फोट हुआ और माना जा रहा है कि वह मारे गए 12 लोगों में से एक है. विस्फोट के एक दिन बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने उमर की मां का डीएनए नमूना लिया, ताकि अवशेषों की पुष्टि हो सके. श्रीनगर में एक अधिकारी ने कहा, ”हमने विस्फोट स्थल पर मिले अवशेषों का मिलान करने के लिए डीएनए नमूना लिया है.” गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद यह मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दिया गया है. इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि इस विस्फोट को सरकार आतंकवादी कृत्य मान रही है, क्योंकि एनआईए को केवल आतंकवादी मामलों की जांच करने का अधिकार है.
लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट से कुछ ही घंटे पहले जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े एक ”सफेदपोश” आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें तीन डॉक्टर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किया गया था. यह मॉड्यूल कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था.
सोमवार को गिरफ्तार किए गए लोगों में डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन सईद भी शामिल थे, जो फरीदाबाद स्थित अल फला विश्वविद्यालय से जुड़े थे. फरीदाबाद से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया था. जांच अधिकारियों के अनुसार, शाहीन भारत में जैश-ए-मोहम्मद की महिला भर्ती शाखा का नेतृत्व कर रही थी. वह समूह की महिला शाखा जमात-उल-मोमिनात की प्रमुख थी.
शाहीन के पिता सैयद अहमद अंसारी ने लखनऊ में पत्रकारों को बताया कि उन्हें उसकी गिरफ़्तारी के बारे में मीडिया से पता चला. अंसारी ने कहा, “मैंने शाहीन से आखिरी बार लगभग एक महीने पहले बात की थी. मैंने कभी भी उसे डॉ. मुजम्मिल या ऐसी गतिविधियों से जुड़े किसी भी व्यक्ति का ज.क्रि करते नहीं सुना.” अधिकारियों ने बताया कि उमर भी अल फला से जुड़ा था और माना जा रहा है कि वह हुंदै आई20 कार चला रहा था, जिसमें यह शक्तिशाली विस्फोट हुआ था. उमर ने कथित तौर पर यह आतंकी हमला इसलिए किया, क्योंकि उसे डर था कि वह भी अपने साथी चिकित्सकों की तरह पकड़ा जा सकता है.
उन्होंने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के लेथपोरा का यह डॉक्टर कथित तौर पर कार में विस्फोटक, संभवत? अमोनियम नाइट्रेट ले जा रहा था. आत्मघाती हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उसकी रिश्तेदार मुजम्मिल ने बताया कि उमर बचपन से ही अंतर्मुखी था और अपनी पढ़ाई और काम पर ध्यान केंद्रित करता था. उन्होंने बताया, ”वह फरीदाबाद के एक कॉलेज में संकाय सदस्य के रूप में काम कर रहा था. उसने शुक्रवार को फोन करके कहा कि वह परीक्षाओं में व्यस्त है और तीन दिन बाद घर लौटेगा. वह बचपन से ही शर्मीले किस्म का व्यक्ति था.” उन्होंने बताया कि उमर आखिरी बार दो महीने पहले कश्मीर गया था. उन्होंने यह भी बताया कि वह अकेला रहता था और उसके ज्यादा दोस्त नहीं थे.
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह संकेत मिलता है कि लाल किले के पास हुए विस्फोट में संभवत: अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया है. विस्फोट और आतंकी मॉड्यूल की जांच जारी रहने के बीच अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के एक व्यक्ति तारिक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने उमर मोहम्मद को हुंदै आई20 कार कथित तौर पर दी थी.
दिल्ली पुलिस, एनआईए और खुफिया एजेंसियों की कई टीम दिल्ली और कश्मीर में जांच में जुटी हैं. कश्मीर में छापेमारी के दौरान चार लोगों को हिरासत में लिया गया है. इन चारों में से दो को दिल्ली विस्फोट और अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल में उनकी भूमिका के आरोप में संयुक्त पूछताछ के लिए ले जाया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि कैसे एक “सफेदपोश” आतंकवादी नेटवर्क ने अमोनियम नाइट्रेट सहित भारी मात्रा में विस्फोटक हासिल करने और भंडारण करने में कामयाबी हासिल की. दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम के तहत आतंकवादी हमला मामले की साजिश एवं ऐसे मामलों में सजा से संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया है. दिल्ली पुलिस कई जगहों पर छापेमारी कर रही है और राष्ट्रीय राजधानी को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है तथा हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में “मास्क पहने हुए एक व्यक्ति” को उस कार को चलाते हुए देखा जा सकता है, जिसमें विस्फोट हुआ था. पुलिस ने कहा कि कई टीम को लाल किले और उसके आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के लिए तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि उमर कार में अकेला था. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों, चाहे वे निजी हों या व्यावसायिक, की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरी जांच और सत्यापन किया जा रहा है.
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, ”लाल किले और आसपास के रास्तों से सीसीटीवी फुटेज खंगालने के लिए कई टीम तैनात की गई हैं, ताकि हुंदै आई20 कार को चलाने वाले मास्क पहने व्यक्ति के बारे में और जानकारी मिल सके जिसमें विस्फोट हुआ था.” सूत्र ने कहा, ”हमें यह भी पता चला है कि विस्फोट से पहले कार तीन घंटे तक पास की एक पार्किंग में खड़ी थी. विभिन्न पार्किंग स्थलों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.” उन्होंने बताया कि संभावित संदिग्धों का पता लगाने के लिए दरियागंज और पहाड़गंज इलाकों के होटलों और गेस्ट हाउस में रात भर तलाशी अभियान चलाया गया.
लाल किला मेट्रो स्टेशन यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया, जबकि इलाके में यातायात प्रतिबंध लगाए गए हैं. मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी अशोक कुमार (34) और दिल्ली निवासी अमर कटारिया (35) के रूप में हुई है. अन्य शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है. उनकी उम्र 28 से 58 वर्ष के बीच है. अधिकारियों ने बताया कि कार के क्षतिग्रस्त हिस्सों से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया. 20 घायलों में से 12 दिल्ली के निवासी हैं तथा आठ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित अन्य राज्यों के निवासी हैं.
दिल्ली धमाका : कार के पहले मालिक के मकान मालिक को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
दिल्ली में लाल किले के नजदीक जिस कार में धमाका हुआ था उसके पहले मालिक के मकान मालिक को पूछताछ के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया है. उक्त मकान मालिक के परिवार ने मंगलवार को यह दावा किया. परिवार के मुताबिक कार का पहला मालिक मोहम्मद सलमान 2016 से 2020 तक उनका किराएदार था.
दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार शाम हरियाणा में पंजीकृत कार के पहले मालिक मोहम्मद सलमान को गुरुग्राम से हिरासत में लिया था. एक अधिकारी ने बताया कि सलमान ने डेढ़ साल पहले दिल्ली के ओखला निवासी देवेंद्र नामक व्यक्ति को अपनी कार बेची थी. बाद में, गाड़ी अंबाला में किसी और को बेच दी गई, और फिर पुलवामा के तारिक नामक व्यक्ति को वह कार बेची गई. अधिकारी ने बताया कि पुलिस सभी का पता लगा रही है.
इस बीच, 2016 से 2020 तक सलमान के मकान मालिक रहे दिनेश के परिवार ने गुरुग्राम स्थित अपने आवास पर मीडियार्किमयों से बात की. दिनेश की मां वीरवती ने बताया कि उनके बेटे को पुलिस पूछताछ के लिए ले गई है. उन्होंने बताया कि सलमान 2020 तक चार साल तक उनके शांति नगर स्थित मकान में रहा और बाद में वह गुरुग्राम स्थित अपने फ्लैट में रहने लगा. उन्होंने आगे कहा, ”कल शाम कुछ लोग आए और मेरे बेटे को ले गए. हमने 2015 में अपना घर बनाया था और सलमान 2016 में किराएदार के रूप में रहने आया. वह ऊपरी मंजिल पर रहता था और 2020 में गुरुग्राम में अपने फ्लैट में शिफ्ट हो गया. वीरवती ने बताया कि अब मकान में नया किराएदार रहता है.
दिनेश के भाई महेश ने बताया कि 2020 में मकान खाली करने के बाद से उनका सलमान से कोई संपर्क नहीं था. उन्होंने कहा, ”कल कुछ लोग हमारे घर आए और मेरे भाई को ले गए. हमें बताया गया कि उसे पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा है.” महेश ने बताया कि सलमान पत्नी और दो बच्चों के साथ उनके मकान में रहता था. उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सलमान निजी कंपनी में काम करता था.
यकीन नहीं हो रहा कि वह आतंकवादी गतिविधि में शामिल हो सकता है : दिल्ली विस्फोट के संदिग्ध का परिवार
दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट में संलिप्त संदिग्ध व्यक्ति के परिवार ने कहा कि उसे विश्वास नहीं हो रहा है कि वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो सकता है. डॉ. उमर नबी की भाभी मुजम्मिल ने बताया कि वह बचपन से ही अंतर्मुखी था, उसके ज्यादा दोस्त नहीं हैं और वह अपनी पढ़ाई एवं काम पर ध्यान केंद्रित करता था.
मुजम्मिल ने बताया, ”वह फ.रीदाबाद के एक कॉलेज में अध्यापक के तौर पर काम कर रहा था. उसने शुक्रवार को फ.ोन कर बताया था कि वह परीक्षाओं में व्यस्त है और तीन दिन बाद घर लौटेगा. वह बचपन से ही थोड़ा संकोची स्वभाव का था.” मुजम्मिल ने कहा कि उमर ऐसा व्यक्ति नहीं है जो आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो. उन्होंने कहा, ”हमने यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत संघर्ष किया कि वह अच्छी तरह पढ़-लिख ले ताकि वह अपना और अपने परिवार का ख.याल रख सके. इन बातों पर बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा है.” मुजम्मिल ने बताया कि उमर आखिरी बार दो महीने पहले कश्मीर आया था.
लाल किला के पास विस्फोट से पहले कार के 11 घंटे की यात्रा से संदिग्ध गतिविधि का पता चला
दिल्ली पुलिस ने उस हुंदै आई20 कार के 11 घंटे के रूट का पता लगा लिया है, जिसका इस्तेमाल लाल किला के पास विस्फोट में किया गया था. जांच से पता चला है कि वाहन हरियाणा के फरीदाबाद से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचा था. सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और टोल प्लाजा से प्राप्त आंकड़ों से जांच अधिकारियों को वाहन की गतिविधियों की विस्तृत समय-सीमा जानने में मदद मिली है.
सूत्रों ने बताया कि कार का सफर सोमवार सुबह फरीदाबाद से शुरू हुआ और दिल्ली के कई हिस्सों से होते हुए सोमवार शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोट हुआ. एक सूत्र ने बताया, “कार को सबसे पहले सुबह करीब 7:30 बजे फरीदाबाद के एशियन अस्पताल के बाहर देखा गया. करीब 8:13 बजे इसने बदरपुर टोल प्लाजा पार किया और दिल्ली में प्रवेश किया.” सुबह 8:20 बजे, ओखला औद्योगिक क्षेत्र के पास एक पेट्रोल पंप के पास से गुज.रती हुई गाड़ी की तस्वीर सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुई.
जांच अधिकारियों ने बताया कि दोपहर 3:19 बजे, कार लाल किला परिसर से सटे एक पार्किंग क्षेत्र में पहुंची, जहां वह कथित तौर पर लगभग तीन घंटे तक खड़ी रही. सूत्र ने बताया, “शाम 6:22 बजे कार को पार्किंग क्षेत्र से निकलकर लाल किले की ओर जाते देखा गया. विस्फोट से पहले का यह 30 मिनट का समय अब ??हमारी जांच का मुख्य पहलू है. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वाहन के अंदर कौन था.” गाड़ी के पार्किंग क्षेत्र से निकलने के बमुश्किल 24 मिनट बाद, शाम लगभग 6:52 बजे, जोरदार विस्फोट ने चलती कार को तहस-नहस कर दिया. विस्फोट से गाड़ी के परखच्चे उड़ गए, शवों के टुकड़े सड़क पर बिखर गए, आस-पास की इमारतों और मेट्रो स्टेशन की खिड़कियां टूट गईं. विस्फोट से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत फैल गई.
पुलिस ने कहा कि वे दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के आसपास से एकत्र सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि कार की हर गतिविधि का पता लगाया सके और उसके संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति की पहचान की जा सके. पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि यही कार एक पेट्रोल पंप के बाहर भी देखी गई, जहां वह प्रदूषण प्रमाण पत्र लेने गई थी. सूत्र ने कहा, “हमारी जांच जारी है. हमें पता चला है कि कार ने एक पेट्रोल पंप से प्रदूषण प्रमाणपत्र हासिल किया था, ताकि अगर पुलिस उसे सीमा के पास रोके, तो वह सभी दस्तावेज. दिखा सके. कई जानकारियां सामने आ रही हैं और हम सभी कड़ियों को जोड़ रहे हैं.”



