अदाणी मामले में जेपीसी जांच की मांग पर बीआरएस अपना रुख स्पष्ट करे: मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी

हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बृहस्पतिवार को मांग की कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) प्रमुख माधवी बुच के इस्तीफे पर और अदाणी समूह की कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन पर अपना रुख स्पष्ट करें.

तेलंगाना कांग्रेस के प्रमुख रेड्डी ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों और पार्टी विधायकों के साथ सेबी प्रमुख माधवी बुच के इस्तीफे और अदाणी की कथित वित्तीय धोखाधड़ी की जेपीसी से जांच की मांग को लेकर यहां एक धरने में हिस्सा लिया. विरोध प्रदर्शन के दौरान रेड्डी ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राजग सरकार पर सवाल नहीं उठाने के लिए बीआरएस नेताओं पर हमला बोला.

उन्होंने कहा, ”मैं मोदी के खिलाफ लड़ने के बड़े-बड़े दावे करने वाले बीआरएस के नेताओं से पूछ रहा हूं : आपने अब तक क्या किया है? आपने अपनी आवाज क्यों नहीं उठाई?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बात की चिंता नहीं है कि बीआरएस का भाजपा में विलय होगा या नहीं, लेकिन केसीआर (के चंद्रशेखर राव) को सेबी मामले में अपने रुख का खुलासा करना चाहिए. रेड्डी ने पूछा कि बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव इस मुद्दे पर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं.

उन्होंने कहा, “मैं पूछ रहा हूं कि ‘ट्विटर किंग’ (केटीआर का जिक्र करते हुए) जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं. यदि भाजपा के साथ कोई समझ नहीं है, तो बीआरएस को जेपीसी (अदाणी मुद्दे की जांच के लिए) की मांग पर अपना रुख प्रकट करना चाहिए.” तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद में अदाणी ‘घोटाले’ पर जवाब दिए बिना चले गए. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक भारत पर कुल कर्ज का बोझ सिर्फ 55,000 करोड़ रुपये था, लेकिन मोदी के शासनकाल में महज 11 साल में देश पर कर्ज का बोझ बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के एक पुराने अभियान की ‘टैगलाइन’ का जिक्र करते हुए मोदी और अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘हम दो, हमारे दो’ के रूप में र्विणत किया. उन्होंने कहा कि इस देश को ‘लूट’ से बचाने की जिम्मेदारी प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता की है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी क्योंकि भाजपा एक ‘खतरा’ बन गई है. उन्होंने सेबी प्रमुख के तुरंत इस्तीफे या केंद्र द्वारा उन्हें हटाए जाने की मांग की. रेड्डी ने यह भी मांग की कि पूरे मामले की जांच ईडी से कराई जाए. वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले नेताओं में शामिल रहे.

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति (टीपीसीसी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत ”सत्य की जीत होगी” के नारे लगाते हुए और तख्तियां लेकर ‘गन पार्क’ से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय तक रैली निकाली तथा बाद में ईडी कार्यालय परिसर के सामने धरने में भाग लिया.

उन्होंने कहा, ”हम सेबी अध्यक्ष के इस्तीफे और अदाणी महाघोटाले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग करते हैं.” अमेरिकी संस्था ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ ने हाल में अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि सेबी की प्रमुख बुच और उनके पति की अदाणी समूह से जुड़े कथित धन अनियमितता मामले में इस्तेमाल किए गए विदेशी फंड में हिस्सेदारी थी. इस मामले को लेकर कांग्रेस राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार को घेर रही है.

सेबी प्रमुख बुच और उनके पति ने एक संयुक्त बयान जारी कर हिंडनबर्ग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से बेबुनियाद बताया था. अदाणी समूह ने भी हिंडनबर्ग रिसर्च के नवीनतम आरोपों को दुर्भावनापूर्ण और चुनिंदा सार्वजनिक सूचनाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाला बताया है. अदाणी समूह ने दावा किया है कि उसका सेबी अध्यक्ष या उनके पति के साथ कोई व्यावसायिक संबंध नहीं है.

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