सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध उमर धमाके से पहले दिल्ली में दाखिल होते व मस्जिद जाते हुए दिखा

दिल्ली विस्फोट की साजिश और नक्शे साझा करने के लिए संदिग्धों ने स्विस ऐप का इस्तेमाल किया: जांच

नयी दिल्ली/सहारनपुर/श्रीनगर. दिल्ली में लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए विस्फोट का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें उस दिन मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर नबी को बदरपुर बॉर्डर टोल प्लाजा से दिल्ली में प्रवेश करते हुए और बाद में रामलीला मैदान के नजदीक एक मस्जिद के पास टहलते हुए देखा जा सकता है. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

बदरपुर टोल प्लाजा के फुटेज में उमर को विस्फोट के दिन 10 नवंबर को एक सफेद हुंदै आई20 कार चलाते हुए और सुबह 8.02 बजे टोल गेट पर रुकते हुए देखा जा सकता है. कार कुछ देर के लिए रुकती है व उमर नकदी निकालता है और आगे ब­ढ़ने से पहले उसे टोल ऑपरेटर को सौंप देता है. जांचकर्ताओं ने बताया कि मास्क पहने हुए उमर बार-बार सीसीटीवी कैमरे की ओर देख रहा था – संभवत? उसे पता था कि सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में हैं.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि (सीसीटीवी फुटेज में) कार की पिछली सीट पर एक बड़ा बैग भी रखा हुआ देखा जा सकता है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि उसमें विस्फोटक रखा हुआ था. पुलिस अधिकारी ने कहा, ”सीसीटीवी कैमरे की ओर उसका बार-बार देखना इस बात का संकेत हैं कि उसे पता था कि एजेंसियां उसे ढूंढ रही हैं, और वह सचेत होकर अपने आस-पास की गतिविधियों पर नजर रख रहा था. ” उसी दिन बाद में, रामलीला मैदान के पास एक मस्जिद के पास की गली से एक और सीसीटीवी क्लिप में उमर को एक संकरी सड़क पर चलते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद वह कुछ देर के लिए अपना सिर घुमाता है – और इस क्षण उसका चेहरा कैमरे में स्पष्ट रूप से दर्ज हो जाता है.

पुलिस को संदेह है कि लाल किले की ओर ब­ढ़ने से पहले वह नमाज अदा करने के लिए मस्जिद गया था. दिल्ली में सोमवार शाम को लाल किले के पास शाम 6:52 बजे एक हुंदै आई20 कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. विस्फोट का प्रभाव इतना भीषण था कि कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए तथा घटनास्थल से प्राप्त दृश्यों में क्षत-विक्षत शव और बिखरा हुआ मलबा दिखाई दे रहा था.

विस्फोट से पहले उमर का शांत भाव से कार चलाना और बार-बार मार्ग बदलने का पता चला
दिल्ली पुलिस ने लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉ. उमर नबी द्वारा इस घटना को अंजाम दिए जाने से पहले उसके फरीदाबाद से निकलने और फिर अलग-अलग रास्तों से होकर लाल किला पहुंचने तक के रूट की कड़ी से कड़ी जोड़ी है. इसके लिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है.

पुलिस ने पता लगाया है कि कैसे उमर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के रास्ते हरियाणा से दिल्ली आया, सड़क किनारे एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुका और अगली सुबह राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से पहले अपनी कार में रात बिताई. सोमवार शाम को लाल किला मेट्रो स्टेशन के नजदीक हुंदै आई20 कार में हुए विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, 50 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दर्ज उमर की गतिविधियां गहरी साजिश और पकड़े जाने से बचने के लिए की गई कोशिशों की ओर इशारा करती हैं.

पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि उमर ने रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सफर शुरू किया और फिर एक्सप्रेसवे से उतरकर हरियाणा के नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका पहुंचा. बताया जा रहा है कि वह वहां सड़क किनारे एक ढाबे पर रुका और अपनी कार में ही रात बिताई. पुलिस सूत्र ने कहा, ”उमर छिपने की कोशिश करता हुआ तो लग रहा था, लेकिन घबराया हुआ नहीं था. उसने बड़े शहरों से गुजरने से परहेज किया और राजमार्गों और छोटे ढाबों पर रुकने को तरजीह दी.” बाद में, सोमवार सुबह उमर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों में फिर से धीमी गति से दिल्ली की ओर गाड़ी चलाते हुए देखा गया. फुटेज में उसे दो बार रुकते हुए देखा जा सकता है, एक बार चाय पीने के लिए और दूसरी बार अपने मोबाइल फोन में कुछ देखने के लिए.

दिल्ली विस्फोट की साजिश और नक्शे साझा करने के लिए संदिग्धों ने स्विस ऐप का इस्तेमाल किया: जांच

फरीदाबाद के अल फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े तीन डॉक्टर, जो सोमवार शाम लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट के लिए जांच के घेरे में हैं, ‘थ्रीमा’ नामक एक स्विस संचार ऐप के जरिए लगातार संपर्क में थे. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. उसने बताया कि तीनों संदिग्धों – डॉ. उमर उन नबी, डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. शाहीन शाहिद – ने कथित तौर पर इस ए्क्रिरप्टेड मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल आतंकी साजिश से जुड़ी अपनी गतिविधियों की योजना बनाने और समन्वय करने के लिए किया था.

जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि सोमवार को विस्फोट वाली कार चलाने वाला उमर और उसकी टीम ने फरीदाबाद से जब्त की गई एक लाल इकोस्पोर्ट कार का इस्तेमाल अमोनियम नाइट्रेट के परिवहन और भंडारण के लिए किया था. सूत्रों ने उमर को मॉड्यूल का सबसे कट्टरपंथी सदस्य और सभी आरोपी डॉक्टरों के बीच सेतु बताते हुए कहा कि मुजम्मिल और आतंकी साजिश से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के बाद उसने कथित तौर पर अपने फोन बंद कर दिए और डिजिटल संपर्क तोड़ दिए.

लाल किला विस्फोट: सहारनपुर से पकड़े गए डाक्टर के घर से विमान का टिकट बरामद

लाल किला बम विस्फोट मामले की जांच के बीच जम्मू कश्मीर के निवासी डाक्टर आदिल अहमद के घर से श्रीनगर से दिल्ली का हवाई टिकट मिलने से जांच एजेंसियों को नए संकेत मिले हैं. पिछले सप्ताह अहमद को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था. उसने 10 नवंबर को बम धमाके से कुछ दिन पहले 31 अक्टूबर को श्रीनगर से दिल्ली की यात्रा की थी.

अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को सहारनपुर में अंबाला रोड के पास अमन विहार कालोनी में आदिल के किराए के मकान के बाहर कचरे के ढेर से आदिल के नाम का हवाई टिकट और यात्रा के विवरण मिले हैं. उन्होंने कहा कि इस मकान को अब सील कर दिया गया है और पुलिस की निगरानी में है. इस सप्ताह की शुरुआत में खुफिया और आंतक रोधी टीमों ने कई बार घर की तलाशी ली. पुलिस सूत्रों ने कहा कि टिकट को जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इन तथ्यों से आदिल के आवागमन और दिल्ली विस्फोट से संभावित जुड़ाव को लेकर नए सवाल खड़े हुए हैं. जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि वह राजधानी में कितने दिन ठहरा और इस दौरान वह किन लोगों से मिला.

आदिल को छह नवंबर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया. उसकी यात्रा के रिकॉर्ड से पता चलता है कि लाल किले के पास बम विस्फोट से कुछ दिन पहले 31 अक्टूबर को वह विमान से श्रीनगर से दिल्ली गया था. एमबीबीएस और एमडी डिग्रीधारक डाक्टर आदिल सहारनपुर में अंबाला रोड स्थित फेमस हॉस्पिटल में काम कर रहा था. उसके साथी उसे शांत, विनम्र और पेशेवर डाक्टर बताते हैं. पेशेवर रुख के बावजूद जांचकर्ताओं का आरोप है कि आदिल का संबंध जैश-ए-मोहम्मद सहित आतंकी संगठनों से था और उसने उनके ऑपरेशन के लिए ‘लॉजिस्टिक’ सुविधाएं मुहैया कराई होंगी.

लाल किले के पास छत पर कटा हाथ पाया गया

दिल्ली में लाल किला विस्फोट स्थल के पास एक दुकान की छत पर बृहस्पतिवार सुबह एक कटा हुआ हाथ मिला. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के मुताबिक कटा हुआ यह हाथ विस्फोट स्थल से कुछ मीटर दूर जैन मंदिर के पीछे मिला. कटे हुए हाथ के बारे में सूचना मिलने के बाद पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे, इलाके की घेराबंदी की और उसे अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान सुनिश्चित करने के लिए कटे हुए हाथ को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है.

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉक्टर मुजफ्फर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस के लिए इंटरपोल का रुख किया

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस सप्ताह की शुरुआत में सामने आए अंतरराज्यीय ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल के सिलसिले में काजीगुंड निवासी डॉ. मुजफ्फर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया है. अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. मुजफ्फर, डॉ. अदील का भाई है, जो लाल किला विस्फोट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए तीन डॉक्टरों सहित आठ लोगों में शामिल है.

गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से सात कश्मीर के हैं. इन लोगों से पूछताछ के दौरान मुजफ्फर का नाम सामने आया.अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने कहा कि वह 2021 में मुजम्मिल गनी और उमर नबी के साथ तुर्किये का दौरा करने वाली चिकित्सकों की टीम का हिस्सा था. उन्होंने बताया कि नबी विस्फोटकों से लदी कार चला रहा था, जिसमें सोमवार को लाल किले के बाहर विस्फोट होने से 13 लोग मारे गए. पुलिस ने तुरंत मुजफ्फर का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन पता चला कि वह अगस्त में भारत छोड़कर दुबई चला गया था. माना जा रहा है कि वह फिलहाल अफगानिस्तान में है. तीनों चिकित्सक 21 दिनों तक तुर्किये में रहे थे.

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