राजनांदगांव क्षेत्र में केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर समेत 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया

Author: navabharat digital
UPDATED: Mon, 08 Dec 2025 08:59 PM
राजनांदगांव क्षेत्र में केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर समेत 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
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राछत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव क्षेत्र में माओवादियों के केंद्रीय समति सदस्य रामधेर समेत 12 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है. पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि छह महिलाओं समेत 12 माओवादियों ने यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया. उन्होंने कहा कि वे सरकार की नई आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित हैं.

उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के सिर पर कुल कुल 2.95 करोड़ रुपये का इनाम है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने 10 हथियार सौंपे, जिनमें तीन एके-47 राइफल, तीन इंसास राइफल, दो .303 राइफल, एक एसएलआर और एक कार्बाइन राइफल शामिल हैं. उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में केंद्रीय समिति सदस्य रामधेर उर्फ होरुपु उर्फ अमरजीत उर्फ देउ मज्जी शामिल हैं.

अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में ‘डिविजनल कमेटी’ सदस्य रामधेर की पत्नी अनीता उर्फ ललिता उर्फ जैनी, चंदू उर्फ नरेश उर्फ चैतराम उर्फ देवचंद, प्रेम उर्फ उमराव और जानकी उर्फ प्रेमा उर्फ लिमी, पार्टी सदस्य शीला उर्फ वैसंती उर्फ सेवंती, लक्ष्मी उर्फ मनीता, योगिता उर्फ लक्ष्मी, सागर उर्फ रैनू, कविता उर्फ मासे तथा दो एरिया कमेटी सदस्य रामसिंह उर्फ संपत और सुकेश उर्फ रंगा शामिल हैं.

अधिकारियों का कहना है कि रामधर (53) पर कुल 1.05 करोड़ रुपये का इनाम है जबकि चार डिविजनल कमेटी सदस्यों पर 33-33  लाख रुपये, दो एरिया कमेटी सदस्यों पर 14-14 लाख रुपये और चार पार्टी सदस्यों पर छह-छह लाख रुपये का इनाम है. उन्होंने बताया आत्मसमर्पण करने वाले रामधेर समेत सभी माओवादी एमएमसी (मध्यप्रदेशझ्रमहाराष्ट्रझ्रछत्तीसगढ़) जोन में सक्रिय थे.
राजनांदगांव में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं.

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—”31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा, ”पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. पांच सौ से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि चार हजार से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया या उन्हें गिरफ्तार किया गया, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है.” उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी ंिहसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि “गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना” अब बस्तर में हकीकत बन रहा है. उन्होंने कहा कि पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं. साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएं बन रही हैं.

उन्होंने कहा, ”नई औद्योगिक नीति (2024-30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. वनोपज आधारित मूल्य सवंर्धन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है.” साय ने कहा,‘‘ पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है. कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं. होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है.’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ”नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है. प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा.” उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग के प्रभारी विजय शर्मा ने कहा कि एमएमसी जोन के स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य पहले भी अलग-अलग राज्यों में मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं, जबकि इसके प्रमुख रामधेर, जो छत्तीसगढ़ के रहने वाले केंद्रीय समिति सदस्य थे, ने आज हथियार डाल दिए.

शर्मा ने कहा कि अब एमएमसी ज़ोन, जिसमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से आते हैं, माओवादी खतरे से लगभग मुक्त हो गया है. आज रामधेर के आत्मसमर्पण के साथ ही इस साल अलग-अलग राज्यों में सुजाता (तेलंगाना में), भूपति (महाराष्ट्र में) और रूपेश (छत्तीसगढ़ में) समेत चार केंद्रीय समिति सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है. माओवादियों के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) और नौ केंद्रीय समिति सदस्य इस साल अब तक अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं. छत्तीसगढ़ में मारे गए नक्सली नेताओं में नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (70) और पांच केंद्रीय समिति सदस्य हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस साल झारखंड में दो केंद्रीय समिति सदस्य मारे गए तथा आंध्र प्रदेश में दो और मारे गए.

सरेंडर करने वाले नक्सलियों के नाम
रामधेर मज्जी- सीसीएम
चंदू उसेंडी – डीवीसीएम
ललिता – डीवीसीएम
जानकी – डीवीसीएम
प्रेम -डीवीसीएम
रामसिंह दादा- एसीएम
सुकेश पोट्टम -एसीएम
लक्ष्मी- पीएम
शीला – पीएम
सागर -पीएम
कविता – पीएम
योगिता -पीएम

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