
नयी दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ के जिला खनिज कोष (डीएमएफ) में कथित अनियमितताओं से संबंधित धन शोधन मामले की जांच के तहत छत्तीसगढ़ कैडर की आईएएस अधिकारी रानू साहू, राज्य आदिवासी विकास विभाग की पूर्व सहायक आयुक्त माया वारियर और कुछ अन्य की 21 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की है. संघीय एजेंसी ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
एजेंसी ने बताया कि सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अनंतिम आदेश जारी किया गया, जिसमें 21.47 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि, आवासीय संपत्तियां और सावधि एवं बैंक जमाएं कुर्क की गईं. ईडी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक ये संपत्तियां मामले के ”आरोपियों” की हैं या उनके स्वामित्व में हैं. बयान में कहा गया इनमें साहू, वारियर, राधेश्याम मिर्झा, भुवनेश्वर सिंह राज, वीरेंद्र कुमार राठौड़, भरोसा राम ठाकुर, संजय शेंडे, मनोज कुमार द्विवेदी, ऋषभ सोनी और राकेश कुमार शुक्ला शामिल हैं.
कथित डीएमएफ घोटाले में धन शोधन की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज तीन प्राथमिकियों का ईडी द्वारा संज्ञान लेने के बाद शुरू की गई थी. पुलिस ने ठेकेदारों द्वारा राज्य सरकार के अधिकारियों और अन्य के साथ मिलीभगत करके सरकारी धन की हेराफेरी करने के आरोप में मामला दर्ज किया था.
आरोप है कि डीएमएफ ठेकों को ”धोखाधड़ी से” हासिल करने के लिए, ठेकेदारों ने ”भ्रष्ट” सरकारी अधिकारियों को ठेके की कुल राशि के 15-42 प्रतिशत के बराबर ”कमीशन और रिश्वत” दी. जांच एजेंसी के मुताबिक साहू मई 2021 से जून 2022 तक कोरबा जिले की जिलाधिकारी थीं जबकि वारियर अगस्त 2021 से मार्च 2023 तक उसी जिले में आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त पद पर कार्यरत थीं.



