छग में वरिष्ठ नागरिकों की हत्या की दर सबसे ज्यादा, छग­ देश में आत्महत्या दर में चौथे स्थान पर

रायपुर. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छत्तीसग­ढ़ में वरिष्ठ नागरिकों की हत्या की दर सबसे ज्यादा दर्ज की गई. रिपोर्ट के अनुसार कुल मिलाकर, वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष और उससे अधिक आयु के) के खिलाफ कुल अपराध के मामले में राज्य देश में चौथे स्थान पर है. यहां वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध दर 89.7 दर्ज की गयी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की हत्या की सबसे ज्यादा दर छत्तीसग­ढ़ (3.6) में दर्ज की गई, उसके बाद अरुणाचल प्रदेश (3.1), मध्य प्रदेश तथा तमिलनाडु (2.7) का स्थान है. जबकि राष्ट्रीय औसत 1.2 रहा. रिपोर्ट के अनुसार अपराध दर की गणना प्रति एक लाख जनसंख्या पर अपराध के रूप में की जाती है. छत्तीसग­ढ़ की अनुमानित जनसंख्या लगभग 3.03 करोड़ है. देश में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश हैं.

रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसग­ढ़ में 2023 में हत्या की 72 घटनाओं में 73 वरिष्ठ नागरिकों की मौत हुई, जबकि अरुणाचल प्रदेश में दो घटनाओं में दो हत्याएं, मध्यप्रदेश में 155 घटनाओं में 156 हत्याएं और तमिलनाडु में 201 घटनाओं में 211 हत्याएं दर्ज की गई.
रिपोर्ट के अनुसार देश में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ कुल अपराध दर के मामले में दिल्ली 118.6 के साथ शीर्ष स्थान पर रही, उसके बाद मध्य प्रदेश (100.4), चंडीग­ढ़ (99.9) और छत्तीसग­ढ़ (89.7) का स्थान रहा.

2023 में, दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध की 1,361 घटनाएं दर्ज की गईं. वहीं मध्य प्रदेश में 5,738 और चंडीग­ढ़ में 67 घटनाएं दर्ज की गई. एनसीआरबी के आंकड़े छत्तीसग­ढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि को भी दर्शाते हैं. राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ 2021 में 1,408 मामले, 2022 में 1,632 और 2023 में 1,798 मामले दर्ज किए गए.

छत्तीसग­ढ़ में 2023 में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में 2,307 पुरुषों और 214 महिलाओं सहित कुल 2,521 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,457 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए. वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध के मामलों में 235 लोगों को दोषी ठहराया गया तथा 392 लोगों को बरी कर दिया गया. वर्ष 2023 में, छत्तीसग­ढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध के 1,520 मामले सुनवाई के लिए भेजे गए, जबकि इससे पिछले वर्ष के 5,032 मामले पहले से ही लंबित थे.

छत्तीसग­ढ़ आकस्मिक मृत्यु दर में तीसरे और आत्महत्या दर में चौथे स्थान पर

छत्तीसग­ढ़ वर्ष 2023 में आकस्मिक मृत्यु दर के मामले में तीसरे और आत्महत्या दर के मामले में चौथे स्थान पर रहा. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई. वार्षिक रिपोर्ट 2023 के अनुसार, देश के 28 राज्यों में आकस्मिक मृत्यु दर सबसे अधिक महाराष्ट्र (55.1) में दर्ज की गई, उसके बाद हरियाणा (53.7) और छत्तीसग­ढ़ (52.9) का स्थान रहा जबकि राष्ट्रीय औसत 31.9 है.

रिपोर्ट में बताया गया कि दो केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और पुडुचेरी में आकस्मिक मृत्यु दर क्रमश? 75.4 और 66.5 रही. देश में आठ केंद्र शासित प्रदेश हैं. देश के 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में से 19 में प्रति एक लाख जनसंख्या पर 31.9 मौतों के औसत की तुलना में ‘आकस्मिक मृत्यु’ की उच्च दर दर्ज की गई.

आकस्मिक मौतों को दो व्यापक श्रेणियों में बांटा गया: ‘प्राकृतिक कारणों से होने वाली मौतें’, जिनमें बिजली गिरना, लू, जमीन धंसना, भूस्खलन आदि शामिल हैं. वहीं ‘अन्य कारणों से होने वाली मौतों’ में यातायात दुर्घटनाएं, जानवरों के हमले में मारे गए लोग, नकली शराब का सेवन और फैक्टरी दुर्घटनाएं आदि शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसग­ढ़ में 2023 में 16,011 आकस्मिक मौतें दर्ज की गई, जिनमें 230 ‘प्राकृतिक कारणों’ से और 15,781 ‘अन्य कारणों’ से हुईं.

वर्ष 2022 में राज्य में 16,893 आकस्मिक मौतें दर्ज की गई, जिनमें 248 ‘प्राकृतिक कारणों’ से और 16,645 ‘अन्य कारणों’ से हुई थी.
वर्ष 2023 में इन मामलों में 5.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी. देश में प्राकृतिक कारणों से हुई कुल 6,444 आकस्मिक मौतों में से 39.7 फीसदी (2,560) मौतें ‘आकाशीय बिजली’ की चपेट में आने से हुईं. छत्तीसग­ढ़ में प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुई 230 मौतों में से 180 आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुईं. रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2023 के दौरान अवैध/नकली शराब के सेवन की कुल 456 घटनाओं में 522 मौतें हुईं.

रिपोर्ट में बताया गया कि जिन राज्यों में ऐसी विभिन्न मौतें हुईं, उनमें झारखंड (194 मौतें), कर्नाटक (79), बिहार (57), छत्तीसग­ढ़ (37), पंजाब (33) और हिमाचल प्रदेश (25 मौतें) शामिल हैं. वहीं 2023 में 28 राज्यों में सिक्किम (40.2), केरल (30.6) और तेलंगाना (27.7) के बाद छत्तीसग­ढ़ में आत्महत्या की दर 26 फीसदी रही. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 के दौरान अखिल भारतीय आत्महत्या दर (प्रति एक लाख जनसंख्या पर आत्महत्याओं की संख्या) 12.3 थी. अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (49.6) और पुडुचेरी (28) उन केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल हैं, जो आत्महत्या की दर में छत्तीसग­ढ़ से आगे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसग­ढ़ में 2023 में 7,868 आत्महत्या दर्ज की गई, जो 2022 में दर्ज की गई संख्या 8446 से 6.8 प्रतिशत कम है.

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