छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: रायपुर की अदालत ने भूपेश बघेल के बेटे की न्यायिक हिरासत बढ़ाई

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 04 Aug 2025 08:27 PM
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: रायपुर की अदालत ने भूपेश बघेल के बेटे की न्यायिक हिरासत बढ़ाई
ऑडियो सुनें

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक विशेष पीएमएलए अदालत ने कथित शराब घोटाले से जुड़े एक धनशोधन मामले में सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक हिरासत 18 अगस्त तक बढ़ा दी.
बघेल के वकील फैसल रिजवी ने संवाददाताओं को बताया कि ईडी ने चैतन्य की पिछली 14 दिनों की न्यायिक हिरासत खत्म हो जाने पर और 14 दिनों की न्यायिक रिमांड की मांग की.

उन्होंने बताया कि अदालत ने उनकी न्यायिक हिरासत 18 अगस्त तक बढ़ा दी है. चैतन्य को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 18 जुलाई को उनके घर की तलाशी के बाद गिरफ्तार किया था. चैतन्य दुर्ग जिले के भिलाई में अपने पिता के मकान में रहते हैं. ईडी ने एक बयान में दावा किया था कि चैतन्य ने राज्य में शराब घोटाले से हुई एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की “आपराधिक कमाई’ का प्रबंधन किया तथा अपनी रियल एस्टेट परियोजना में 16.7 करोड़ रुपये लगाये.

भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि वह न्यायपालिका पर भरोसा करते हैं और उनके साथ सहयोग करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के खिलाफ ईडी की कार्रवाई राज्य में कोयला खदानों के लिए “अवैध वृक्षों की कटाई” से ध्यान हटाने के लिए की गई थी, क्योंकि कांग्रेस विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए तैयार थी.

ईडी ने कहा है कि कथित घोटाले के फलस्वरूप राज्य के खजाने को “बड़ा नुकसान” हुआ और एक शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेब में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक भरी गई . ईडी के अनुसार, राज्य में यह “घोटाला”, 2019 और 2022 के बीच किया गया था जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी.

ईडी ने जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य लोगों को मामले की जांच के तहत गिरफ्तार किया था.
राज्य के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) / भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पिछले साल 17 जनवरी को इस घोटाले को लेकर एक मामला दर्ज किया था. इसमें पूर्व आबकारी मंत्री कावासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक समेत 70 व्यक्तियों और कंपनियों के नाम थे. ईडी के अनुसार, शराब की अवैध बिक्री के माध्यम से उत्पन्न कथित कमीशन को “राज्य के सर्वोच्च राजनीतिक लोगों के निर्देशों के अनुसार” साझा किया गया था.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu