छत्तीसगढ़ : नक्सली मुठभेड़ के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने बीजापुर जिले में हुई मुठभेड़ पर सवाल उठाए और दावा किया कि इस घटना में मारे गए ज्यादातर लोग नक्सली नहीं बल्कि निर्दोष ग्रामीण थे. कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर हंगामा भी मचाया. राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों के जवाब में कहा कि मुख्य विपक्षी दल को नक्सलियों का समर्थन करना बंद कर देना चाहिए.

प्रश्नकाल में विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने पिछले वर्ष दिसंबर से इस वर्ष जून के बीच राज्य में नक्सली घटनाओं के आंकड़ों के बारे में सवाल किया. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने अपने जवाब में कहा कि इस अवधि के दौरान 273 नक्सली घटनाएं हुईं, जिनमें सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच 92 मुठभेड़ शामिल हैं. शर्मा गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिसंबर (2023) से इस साल जून के बीच नक्सली घटनाओं और मुठभेड़ में 19 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए और 88 जवान घायल हुए जबकि 34 माओवादियों को मार गिराया गया.

शर्मा ने सदन को बताया कि इस अवधि में राज्य में 137 नक्सली मारे गए और 171 को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि इस वर्ष 30 जून तक 790 नक्सलियों को जेल में डाला गया, जिनमें से 765 पर मुकदमा जारी है और 25 को दोषी ठहराया गया है. पूर्व मंत्री कवासी लखमा और विक्रम मंडावी समेत कांग्रेस विधायकों ने बीजापुर जिले के पीडिया गांव के करीब इस वर्ष मई माह में हुई मुठभेड़ की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए और दावा किया कि तेंदूपत्ता संग्रह में लगे निर्दोष ग्रामीणों को पुलिस ने मार डाला.

उपमुख्यमंत्री ने आरोपों पर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह के बयान नहीं दिए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नक्सलियों का समर्थन करना बंद कर देना चाहिए. इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कहा कि राज्य सरकार को नक्सलियों के नाम पर निर्दोष आदिवासियों को निशाना बनाना बंद करना चाहिए. प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद अध्यक्ष रमन सिंह ने आगे की कार्यवाही शुरू की.

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