
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को हलषष्ठी व शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों विशेषकर सभी माताओं को हलषष्ठी (कमरछट) की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलरामजी के जन्मोत्सव के रूप में हलषष्ठी मनाई जाती है. छत्तीसगढ़ में यह त्यौहार कमरछठ के नाम से मनाया जाता है. इस दिन घरों और मंदिरों में तालाब के प्रतिरूप स्वरूप सगरी बनाई जाती है. महिलाएं इकट्ठा होकर पसहर चावल, काशी फूल, महुआ पत्ते, लाई अर्पित कर भगवान शिव और सगरी की पूजा-अर्चना करती हैं. इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अपने बच्चों के स्वास्थ्य, लंबी उम्र और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं. मुख्यमंत्री ने कामना की है कि सभी माताओं की कामना पूरी हो, सभी बच्चे स्वस्थ और खुशहाल रहें.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है. मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर हम गौरवान्वित महसूस करते हैं. डॉ. राधाकृष्णन एक दार्शनिक और अध्यापक भी रहे हैं. देश को शिक्षा की दिशा में आगे ले जाने में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने उच्च नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारा और अपने छात्रों को भी प्रेरित किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक अच्छा नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. शिक्षा के माध्यम से वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं. आशा है कि डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए सभी शिक्षक देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.



