
नयी दिल्ली. कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय क्षेत्र में “बढ़ती चीनी घुसपैठ” और उस संबंध में प्रधानमंत्री की “चुप्पी देश के लिए “बहुत हानिकारक” है. राहुल ने ट्वीट कर ‘प्रधानमंत्री के पांच सच’ को साझा किया और आरोप लगाया कि वह ‘‘चीन से डरते हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के कुछ सच: 1. चीन से डरते हैं, 2. जनता से सच छिपाते हैं, 3. सिफर्Þ अपनी छवि बचाते हैं, 4. सेना का मनोबल गिराते हैं, 5. देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं.’’ राहुल ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘चीन की बढ़ती घुसपैठ और प्रधानमंत्री की चुप्पी, देश के लिए बहुत हानिकारक है.’’ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भारतीय क्षेत्र में चीनी घुसपैठ और इस मुद्दे से निपटने को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते रहे हैं. कांग्रेस अक्सर आरोप लगाती रही है कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है और इसे वापस हासिल करने के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया है.
कांग्रेस ने एलएसी पर अप्रैल 2020 की स्थिति बहाल करने में ‘नाकाम’ रहने पर सरकार की आलोचना की
कांग्रेस ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत में चीन की घुसपैठ पर देश को विश्वास में लेने और राष्ट्रीय सुरक्षा, अखंडता व संप्रभुता पर देशवासियों की ंिचताओं को दूर करने के लिए कहा. कांग्रेस प्रवक्ता गौरव गोगोई ने दावा किया कि भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हालिया बातचीत ‘‘विफल’’ हो गई और इससे लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अप्रैल 2020 जैसी यथास्थिति बनाए रखने का वांछित परिणाम नहीं मिला.
गोगोई ने इस मुद्दे पर श्वेत-पत्र जारी करने, संसद में दो दिवसीय चर्चा कराने और संसद में रक्षा मामलों की स्थायी समिति को इस मुद्दे पर जानकारी दिए जाने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि चीन के प्रति सरकार का दृष्टिकोण अब तक ‘‘बेहद कमजोर’’ रहा है और यह समय है कि प्रधानमंत्री को चीन का सामना करना चाहिए.
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी चीन के खतरे के बारे में देश को विश्वास में लें और एक श्वेत पत्र जारी करने के बाद वर्तमान स्थिति को स्पष्ट करने के लिए प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करें.’’ गोगोई ने यह भी कहा कि कांग्रेस पूर्णकालिक प्रमुख रक्षा अध्यक्ष की जल्द नियुक्ति चाहती है, खास तौर पर यह देखते हुए कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण समय के दौरान यह पद सात महीने से खाली है.
पार्टी ने यह आरोप लगाते हुए ‘अग्निपथ’ सैन्य भर्ती योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की कि यह उच्च राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौती के समय सैनिकों को हतोत्साहित करती है. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री को अपनी छवि की रक्षा के लिए चीन को खुश करना बंद कर देना चाहिए तथा साहसपूर्वक और सख्ती से कार्य करना चाहिए.’’ गोगोई ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा संकट शुरू होने के दो साल से अधिक समय बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति को ‘डीडीएलजे’ के साथ अभिव्यक्त किया जा सकता है: डिनाइ (इनकार), डिस्ट्रैक्ट (विचलित), लाइ (झूठ), जस्टिफाई (औचित्य).’’
गौरतलब है कि ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ शाहरुख खान की मुख्य भूमिका वाली एक लोकप्रिय फिल्म है जिसे संक्षेप में ‘डीडीएलजे’ कहा जाता है. उन्होंने प्रधानमंत्री के उस भाषण को याद किया जिसमें गलवान में देश के 20 बहादुर सैनिकों के जान गंवाने के कुछ दिनों बाद उन्होंने कहा था कि कोई भी भारतीय क्षेत्र में दाखिल नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जुलाई में विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच नवीनतम दौर की बातचीत का कोई परिणाम नजर नहीं आया.
बैठक के बाद विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक, हालांकि चीन को ‘‘शेष सभी क्षेत्रों से (सैनिकों की) वापसी को पूरा करने के लिए’’ कहा गया, चीनी बयान ने लद्दाख का कोई संदर्भ नहीं दिया, इसके बजाय, यूक्रेन पर चीनी ंिचताओं पर चर्चा की. भारत की ंिचताओं को चीन द्वारा गंभीरता से नहीं लिए जाने का जिक्र करते हुए गोगोई ने कहा, ‘‘हम ऐसी दयनीय स्थिति में पहुंच गए हैं की चीन ने भारत की मांगों को तवज्जो देने की भी जहमत नहीं उठाई.’’ उन्होंने कहा कि भारत और चीन ने कोर कमांडर स्तर पर 15 दौर की बातचीत और भारत-चीन सीमा मामलों पर विचार-विमर्श एवं समन्वय के लिये कार्यकारी तंत्र (डब्लूएमसीसी) के तहत विदेश मंत्रालय के स्तर पर 10 दौर की बातचीत की है.
इस अवधि के दौरान हालांकि चीन ने हाल ही में अक्साई चीन में एक अभूतपूर्व सैन्य संयोजन के साथ अपने नियंत्रण को मजबूत किया है जिसमें एलएसी तक 5जी नेटवर्क, पांच नए हेलीपोर्ट, पैंगोंग झील पर एक बड़ा पुल और हवाई गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि शामिल है.
गोगोई ने आरोप लगाया, ‘‘इस विस्तार का उद्देश्य चीन को पूर्वी लद्दाख में तेजी से बढ़ने और तेजी से युद्धाभ्यास करने की क्षमता देना है. यह स्पष्ट है कि चीनी अति-आक्रामक हो रहे हैं, जबकि हमारा नेतृत्व अपनी ‘डीडीएलजे’ रणनीति के तहत भारतीय लोगों को धोखे में रखना पसंद करता है.’’ उन्होंने मांग की, ‘‘कांग्रेस पार्टी का रुख बिल्कुल स्पष्ट है: 5 मई 2020 से पहले एलएसी पर मौजूद यथास्थिति को हर कीमत पर बहाल किया जाना चाहिए’’. उन्होंने कहा कि इससे कोई समझौता नहीं हो सकता.



