उत्तरकाशी के धराली में बादल फटा, चार की मौत

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 05 Aug 2025 11:00 PM
उत्तरकाशी के धराली में बादल फटा, चार की मौत
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उत्तरकाशी/नयी दिल्ली/देहरादून. उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गांव धराली में बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में बाढ. आने से चार लोगों की मौत हो गई तथा 60-70 लोग फंस गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि बाढ. के कारण कई मकान और होटल भी तबाह हो गए. धराली गंगोत्री धाम से करीब 20 किलोमीटर पहले पड़ता है और यात्रा का प्रमुख पड़ाव है.

अधिकारियों ने बताया कि दोपहर बाद की इस घटना में कम से कम आधा गांव मलबे और कीचड़ में दब गया. बाढ. के पानी के तेज बहाव और मलबे के कारण तीन-चार मंजिला मकानों सहित आस-पास की इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं. उन्होंने बताया कि खीर गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बादल फटने से यह विनाशकारी बाढ. आई.

आपदा से प्रभावित धराली अकेला स्थान नहीं था. राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि तेज गति से आया सैलाब एक ही पहाड़ी के दो अलग-अलग छोर से बहा-एक धराली की ओर दूसरा सुक्की गांव की ओर. इस बीच, शाम तक बारिश जारी रही जिसके कारण राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा आई. इसके अलावा, राज्यभर में भूस्खलन के कारण सड़कों के अवरुद्ध होने के कारण भी राहत कार्य में अड़चनें आईं और बचावर्किमयों को आपदाग्रस्त क्षेत्र में पहुंचने में कठिनाई हुई.

सुमन ने बताया कि र्हिषल में मौजूद सेना की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया लेकिन खराब मौसम और सड़कों के कारण अन्य स्थानों से टीम को पहुंचने में काफी मुश्किलें आयीं. घटनास्थल के लिए रवाना होने से पहले उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में चार लोगों की मृत्यु हुई है. बाढ. में लापता हुए लोगों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन इस संख्या के अधिक होने की आशंका है क्योंकि पानी के अचानक आने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका ही नहीं मिला.

उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने बताया कि 40 से 50 इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं. उन्होंने बताया कि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर की सेवाएं भी नहीं ली जा सकीं. उन्होंने कहा कि लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि धराली बाजार का एक बड़ा हिस्सा आपदा में बह गया है. एक स्थानीय निवासी राजेश पंवार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना में संभवत: करीब 20-25 होटल और होमस्टे तबाह हुए होंगे.

अधिकारियों ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की टीम को भी आपदाग्रस्त स्थल पर पहुंचने को कहा गया है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम भी मौके के लिए रवाना हो गयी है. बादल फटने से धराली में आई आपदा के एक वीडियो में लोगों को डर के मारे चीखते सुना जा सकता है जबकि एक अन्य वीडियो में एक आवाज सुनाई दे रही है, ”सब कुछ खत्म हो गया है.” प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है.

उन्होंने कहा, ”उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं. मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है. राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं. लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है.”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी धामी से बात की और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सात बचाव दल भेजने का आदेश दिया.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं और कीमती जानें बचाने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं.

ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्वज्ञिान संस्थान (एम्स) में घायलों के लिए बिस्तर आरक्षित रखे गए हैं और एंबुलेंस धराली पहुंच गयी हैं. मुख्यमंत्री धामी अपना आंध्र प्रदेश का दौरा बीच में ही छोड़कर देहरादून लौट आए और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया.

धामी ने धराली में हुए भारी नुकसान पर दुख जताया और कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी .
उन्होंने बताया कि बताया कि राहत एवं बचाव कार्यों में सेना, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा जिला प्रशासन की टीम युद्धस्तर पर लगी हैं.

धामी ने प्रभावितों को हवाई मार्ग से लाने तथा उनके लिए तत्काल भोजन, कपड़े और दवाइयां भिजवाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को वायु सेना के एमआई-17 का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों मेहरबान सिंह बिष्ट, अभिषेक रुहेला तथा गौरव कुमार को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए हैं जो उत्तरकाशी जाकर बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी करेंगे. बुधवार को भी मौसम से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है. मौसम विभाग ने नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर, पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार और देहरादून समेत सात जिलों में भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तरकाशी के धराली में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह उत्तरकाशी के धराली में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की कुशलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं. उन्होंने प्रभावित लोगों को पूरी मदद का आश्वासन दिया है. मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”मैं उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. इसके साथ ही, मैं सभी प्रभावित लोगों की कुशलता की कामना करता हूं. मैंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात की है और स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की है.” उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल अपने काम में जुट गये हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, ”लोगों को सहायता पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है.”

धराली में बादल फटने से हुए नुकसान पर अमित शाह ने दुख जताया, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में मंगलवार को बादल फटने की घटना पर गहरा दु?ख प्रकट करते हुए राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. उन्होंने इस आपदा में हुई जन-धन की हानि पर संवेदना व्यक्त की है और प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई है. शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली तथा राज्य सरकार को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया. केंद्रीय गृह मंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ समेत सभी राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं.

धराली में मची तबाही ने केदारनाथ, ऋषिगंगा आपदा की भयावह यादें ताजा कीं

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली में मंगलवार दोपहर बादल फटने से मची भीषण तबाही ने 2013 की केदारनाथ और 2021 की ऋषिगंगा आपदा की भयावह यादें ताजा कर दीं. केदारनाथ और ऋषिगंगा में आई बाढ. की तरह ही धराली की खीरगंगा नदी में आया पानी और मलबे का विनाशकारी सैलाब कुछ क्षणों में ही बड़े-बड़े होटलों और मकानों को अपने साथ बहा ले गया और गंगोत्री धाम के रास्ते में स्थित खूबसूरत क्षेत्र पलक झपकते ही मलबे के ढेर के नीचे दब गया.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो में पानी की ऊंची लहरें उठती दिखाई दे रही हैं जिनकी चपेट में आकर मकान, होटल और अन्य इमारतें ढहती हुई दिख रही हैं. एक अन्य वीडियो में कुछ लोग तेजी से आ रहे पानी के बहाव से अपनी जान बचाने का प्रयास करते हुए दिख रहे हैं, लेकिन पानी की लहरें उन्हें अपनी चपेट में ले लेती हैं. धराली के पास स्थित प्रसिद्ध मुखबा गांव के लोग भी इस ह्रदयविदारक दृश्य को देखकर दहल गए. मुखबा गांव के रहने वाले एक प्रत्यक्षदर्शी सुभाष चंद्र सेमवाल (60) ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा भयावह दृश्य कभी नहीं देखा.

उन्होंने कहा कि दोपहर बाद जब वह आराम करने जा रहे थे कि तभी उन्हें तीव्र गति से पानी और पत्थरों के बहने की आवाज सुनाई दी, जिसे सुनकर वह और उनके परिवार के अन्य सदस्य बाहर निकल आए. सेमवाल ने कहा, ह्लजब हमने खीरगंगा में भारी मात्रा में पानी बहकर नीचे की ओर आते देखा तो हम सब पहले तो घबरा गए, फिर हमने धराली बाजार में रहने वाले लोगों को सतर्क करने के लिए सीटियां बजायीं और चिल्ला-चिल्ला कर उन्हें वहां से भागने को कहा.ह्व सेमवाल ने कहा कि उन लोगों की आवाज सुनकर कई लोग होटल से निकलकर भागे भी लेकिन बाढ. का वेग इतना तेज था कि देखते ही देखते वे सब उसमें समा गए और सब कुछ वहीं दफन हो गया.

एक अन्य वीडियो में लोग अपने रिश्तेदारों का कुशलक्षेम जानने के लिए उन्हें फोन करते दिख रहे हैं. वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना गया, ह्लसब कुछ खत्म हो गया.ह्व आपदा की सूचना मिलते ही मौके पर सबसे पहले सेना पहुंची और तुरंत राहत व बचाव कार्यों में जुट गयी.

जानकारी के अनुसार, सेना का र्हिषल कैंप घटनास्थल से केवल चार किलोमीटर दूर है और इस कारण सेना के करीब 150 जवान केवल 10 मिनट में ही वहां पहुंच गए और 20 लोगों को बचा लिया. कई जगह सेना के जवानों ने रस्सी के सहारे लोगों को खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया.

सेना द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो में हर जगह मलबा दिखाई दे रहा है. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि लोगों को आपदाग्रस्त धराली से फिलहाल दूर रहने को कहा गया है. एसडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि उनकी 50 जवानों की विशेषज्ञ टीम भी अपने आवश्यक उपकरणों जैसे ‘विक्टिम लोकेटिंग कैमरा’, ‘थमैल इमेजिंग कैमरा’, ‘कटिंग टूल्स’, ‘रोटरी हैमर’ के साथ राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है . अधिकारियों के अनुसार, धराली के अलावा, र्हिषल में सेना के कैंप के पास एक और बादल फटने की घटना हुई है. हालांकि, उसमें हुए नुकसान के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है.

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