
नयी दिल्ली: दिल्ली के एक कोचिंग सेंटर की इमारत के ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने के कारण तीन सिविल सेवा अर्भ्यिथयों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को बर्खास्त और एक अन्य अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
एमसीडी ने सोमवार को यहां ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान भी चलाया। नगर निगम ने रविवार को इस इलाके में 13 अवैध कोंिचग सेंटर को सील कर दिया था। पुलिस ने ‘राव आईएएस स्टडी र्सिकल’ को पहले ही सील कर दिया है, जिसके ‘बेसमेंट’ में पानी भर जाने के कारण शनिवार को तीन सिविल सेवा अर्भ्यिथयों की मौत हो गई थी।
एमसीडी आयुक्त अश्वनी कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि कोंिचग सेंटर में अर्भ्यिथयों की मौत के संबंध में एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया है और एक सहायक इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि दोनों अधिकारी करोल बाग जोन के रखरखाव विभाग में तैनात थे।
एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि जूनियर इंजीनियर का अनुबंध ‘‘तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है’’, जबकि सहायक इंजीनियर को ‘‘निलंबन अवधि के दौरान गुजारा भत्ता दिया जाएगा।’’ सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों का बर्खास्तगी और निलंबन आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।
इस बीच, एमसीडी ने ओल्ड राजेंद्र नगर में बरसाती नालों पर बने अवैध ढांचों को हटाने के लिए इलाके में अतिक्रमण रोधी अभियान शुरू किया है। इस अतिक्रमण के कारण इलाके में जलभराव हो गया था। ‘राव आईएएस स्टडी र्सिकल’ के पास कुछ बुलडोजर भी कार्रवाई करते हुए देखे गए।
एमसीडी आयुक्त ने पहले ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि इलाके में अतिक्रमणकर्ताओं ने बरसाती नालों को ढक दिया था और इससे जलभराव हुआ तथा बारिश का पानी कोंिचग सेंटर की इमारत के ‘बेसमेंट’ में घुस गया।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय अर्भ्यिथयों की मौत को लेकर दोपहर में एमसीडी अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक करेंगी।



