शिकायतों का समाधान होगा, ‘आत्महत्या’ की बात न करें: बुजुर्ग से बोले ओडिशा के मुख्यमंत्री

भुवनेश्वर. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को कुछ लोगों की मानसिकता पर चिंता व्यक्त की और एक बुजुर्ग व्यक्ति से ‘आत्महत्या’ की बात न करने का आग्रह किया तथा उन्हें आश्वासन दिया कि जब तक उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता, तबतक वे धैर्य बनाए रखें. माझी ने यह टिप्पणी मुख्यमंत्री की जन शिकायत सुनवाई के 14वें सत्र की अध्यक्षता करते हुए की, जिसमें कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

मुख्यमंत्री उस समय काफी परेशान हो गए, जब जगबंधु पांडा नामक एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे कहा कि वह “आत्महत्या करके मरना पसंद करेंगे”, क्योंकि उनकी शिकायतों पर लंबे समय से ध्यान नहीं दिया गया है.” पांडा की बातों से नाराज होकर माझी ने कहा, “अगर आपकी शिकायतें सच्ची हैं, तो उनका समाधान जरूर किया जाएगा. मैं आपके साथ हूं. कृपया ‘आत्महत्या’ जैसी बात न करें. यह अच्छा शब्द नहीं है.” बाद में मुख्यमंत्री ने पांडा की शिकायतें सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.
बाद में पत्रकारों से बात करते हुए पांडा ने कहा कि वह 1993 से लोक निर्माण विभाग में अस्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं और 6,000 रुपये प्रतिमाह कमाते हैं.

उन्होंने कहा, “मेरी पत्नी लकवाग्रस्त है और मेरा बेटा शारीरिक रूप से अक्षम है. मेरे लिए जीवन कठिन हो गया है. इसलिए, मैंने अचानक आत्महत्या शब्द का इस्तेमाल किया. मुझे ऐसा नहीं कहना चाहिए था. हालांकि, मुख्यमंत्री ने मेरी शिकायतें सुनीं और मुझे आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा.” इस बीच, बरगढ़ जिले के गाइसिलाटा में एक स्कूली छात्रा की कथित तौर पर आत्मदाह से हुई मौत पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा, “सरकार ने घटना को गंभीरता से लिया है और कदम उठाए जा रहे हैं. ऐसी घटनाएं पिछले कुछ समय से हो रही हैं. आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है.” कानून मंत्री ने परेशान लोगों से अपना जीवन समाप्त करने के बजाय कानूनी सहायता लेने की अपील की.

उन्होंने कहा, “लोग अपनी शिकायतें कहने के लिए स्वतंत्र हैं. मुख्यमंत्री के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं. सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रही है.” विपक्षी दलों के बारे में कानून मंत्री ने कहा, “उनका काम झूठ बोलकर सरकार को निशाना बनाना है. हमें इसकी चिंता नहीं है. हमें जानमाल के नुकसान की चिंता है.” इस बीच, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का पदभार संभालने के कुछ घंटों बाद शोवना मोहंती ने कहा कि लोगों को मजबूत होना चाहिए और आत्महत्या से बचना चाहिए. उन्होंने कहा, “मैं राज्य की सभी महिलाओं को आश्वस्त करती हूं कि हम उन्हें प्रभावित करने वाले सभी मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे.”

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