अपराध की निंदा करना ठीक है, लेकिन हमें समाधान की जरुरत है: नीना गुप्ता

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Sun, 18 Aug 2024 08:46 PM
अपराध की निंदा करना ठीक है, लेकिन हमें समाधान की जरुरत है: नीना गुप्ता
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मुंबई/नयी दिल्ली. अभिनेत्री नीना गुप्ता ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना की निंदा करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाधान निकालने की जरूरत है. अभिनेत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर काफी विचार किया है.

नीना गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कहा, “इसकी (अपराध की) निंदा करना ठीक है, लेकिन हमें समाधान की जरूरत है. समाधान क्या हो सकता है? हमारा देश बहुत बड़ा है. हर राज्य, जिले, क्षेत्र या गांव में समितियां होंगी जहां वे (महिलाएं) काम करेंगी, निगरानी करेंगी और रिपोर्ट दर्ज करेंगी.” उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, गांव में एक शिक्षिका को शाम को या रात को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है उसके बाद ही वह घर पहुंच पाती है… ऐसे में जो महिलाएं सुरक्षा के लिए जाती हैं वे भी खतरे में होती हैं. मैंने बहुत सोचा, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल पाया. समाज को बदलने में बहुत समय लगेगा.” सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का जिक्र करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद अगला कदम रोजगार की ओर है, लेकिन बेटियां कार्यस्थल पर ही सुरक्षित नहीं हैं. नीना गुप्ता ने कहा, ” ‘बेटी पढ़ाओ’ के बाद बेटी काम तो करेगी ना, पढ़ाओगे तो. काम करेगी तो भी सुरक्षित नहीं है, इसलिए मैं पूछना चाहती हूं कि समाधान क्या है?”

अभिनेत्री सेलिना जेटली ने स्कूल के दिनों में अपने साथ हुए उत्पीड़न को बयां किया

अभिनेत्री सेलिना जेटली ने कहा है कि उन्होंने स्कूल के दिनों में कई बार उत्पीड़न का सामना किया था और इस बात पर दुख जताया कि हर बार पीड़ित को ही दोषी ठहराया जाता है. अभिनेत्री की यह टिप्पणी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से बलात्कार व हत्या के खिलाफ जारी प्रदर्शनों के बीच आई है.

सेलिना ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया, जिसका शीर्षक है ”पीड़ित को ही हमेशा दोषी ठहराया जाता है.” उन्होंने पोस्ट में कहा, ”समय आ गया है कि हम खड़े हों और अपनी सुरक्षा के अधिकार की मांग करें क्योंकि महिलाओं की कोई गलती नहीं है.” छठी कक्षा की अपनी तस्वीर साझा करते हुए अभिनेत्री ने याद किया कि कैसे नजदीक के एक विश्वविद्यालय के लड़के स्कूल के बाहर उसका इंतजार करते थे और हर रोज घर तक उसके रिक्शे का पीछा करते थे.

अब 42 वर्ष की हो चुकीं अभिनेत्री ने पोस्ट में लिखा, ”मैं उनकी ओर ध्यान नहीं देने का दिखावा करती और कुछ दिनों बाद इसी वजह से उन्होंने मेरा ध्यान खींचने के लिए बीच सड़क पर मेरी ओर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. मेरे एक शिक्षक ने कहा : मेरे साथ ऐसा इसलिए हुआ कि मैं अधिक ढीले कपड़े नहीं पहनती और अपने बालों में तेल लगाकर दो चोटियां नहीं बांधती. यह मेरी गलती है!” उन्होंने कहा, “सुबह स्कूल रिक्शा का इंतजार करते समय एक व्यक्ति ने मुझे अपने गुप्तांग दिखाये. कई साल तक मैं इस घटना के लिए खुद को दोषी मानती रही और बार-बार अपने मन में टीचर के शब्दों को दोहराती रही कि यह मेरी ही गलती थी.” अभिनेत्री ने बताया कि जब वह 11वीं कक्षा में थी, तब विश्वविद्यालय के छात्र उसके दोपहिया वाहन के तार काट देते क्योंकि वह उन्हें नजरअंदाज करती थीं. सेलिना ने कहा कि वे उसे परेशान करते, गालियां देते और उसकी गाड़ी पर अश्लील शब्द लिख दिया करते थे.

उत्पीड़न के बारे में अभिनेत्री के कुछ पुरुष सहपाठियों द्वारा शिक्षकों को सूचित किये जाने के बाद, सेलिना ने कहा कि ‘क्लास टीचर’ ने उसे ही जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि वह “खुले विचारों वाली, स्कूटी चलाने वाली और अतिरिक्त कक्षाओं में जीन्स पहन कर आने तथा खुले व छोटे बाल रखने वाली लड़की है.” उन्होंने कहा, ”यही कारण है कि लड़के सोचते हैं कि आप चरित्रहीन हैं. मुझे आज भी वह दिन याद है जब मैंने अपनी स्कूटी से कूदकर खुद को बचाने की कोशिश की क्योंकि वाहन के ब्रेक के तार काट दिये गए थे. मुझे काफी चोटें आई थीं और फिर भी यह मेरी गलती थी… मुझे शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा… और मुझे बताया गया कि यह मेरी गलती थी.” उन्होंने पोस्ट में लिखा, ”अब समय आ गया है कि हम खड़े हों और सुरक्षा किये जाने के अपने अधिकार की मांग करें. हमारी कोई गलती नहीं है.”

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