कांग्रेस ने गुमराह करने वाली गारंटी दी और अब लगायी शर्तें: भाजपा

बेंगलुरु. कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को विधानसभा में राज्य की कांग्रेस सरकार पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उसने ‘गुमराह करने वाली विभिन्न चुनावी गारंटी’ से लोगों को ठगा है और अब इन्हें पूरा करने के लिए शर्तें लगा दी गयी हैं.

भाजपा ने दावा किया कि सिद्धरमैया सरकार तेजी से अपनी लोकप्रियता गंवाती जा रही है क्योंकि लोग अब उनकी विभिन्न गारंटी पर भरोसा नहीं कर रहे हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक ने कांग्रेस पार्टी के चुनाव घोषणापत्र में दी गयी पांच गारंटी की खामियां गिनाने की कोशिश की. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने इन गारंटी में विभिन्न शर्तें जोड़ दीं तथा लाभार्थियों की संख्या सीमित कर दी है.

अशोका ने आरोप लगाया कि गारंटी में ये शर्तें लोगों में भ्रम पैदा कर रही हैं. सरकारी बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा से जुड़ी ‘शक्ति’ योजना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में किसी शर्त का जिक्र नहीं था लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने कहा कि यह योजना बस ‘गैर लक्जरी बसों’ में ही उपलब्ध है.

अशोका ने सरकार पर सीमित संख्या में बसें चलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि भारी भीड़ के कारण बसों के दरवाजों एवं खिड़कियों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ रही हैं. भाजपा विधायक ने दावा किया, ” सरकारी बसों में खचाखच भीड़ दर्शाती है कि लोगों का सरकार पर विश्वास नहीं है. महिलाएं मानती हैं कि यह योजना शीघ्र वापस ले ली जाएंगी इसलिए वे मुफ्त यात्रा के लिए उमड़ रही हैं.” आवासीय उद्देश्य के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली से जुड़ी’गृहज्योति योजना’ के बारे में अशोका ने कहा कि पार्टी को घोषणापत्र में ही कहना चाहिए था कि वह औसत विद्युत खपत पर गौर करेगी.

परिवारों की महिला प्रमुखों को 2000 रुपये देने से जुड़ी गृह लक्ष्मी योजना के बारे में भाजपा विधायक ने कहा कि इस गारंटी ने सास और बहू को एक दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया है. जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि विपक्ष का नेता नियुक्त करने में विफल रही भाजपा ‘गारंटियों की विफलता की बात कर रही है.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ” लगता है कि अशोका महिलाओं के मुफ्त सफर का विरोध कर रहे हैं. यदि आप खड़े होकर व्यवधान करेंगे तो भी हम नहीं डरेंगे.” उन्होंने कहा कि पांच गारंटी में तीन तो प्रभाव में आ गयी हैं जबकि एक 16 जुलाई को लागू की जाएगी एवं ‘युवानिधि ‘ छह महीने बाद प्रभाव में आयेगी. उन्होंने कहा कि पांचों गारंटी इसी वित्त वर्ष में लागू होंगी.

इससे पहले दिन में विधानसभा अध्यक्ष से चुनावी घोषणा पत्र में शामिल ‘पांच गारंटी’ को कांग्रेस द्वारा कथित रूप से लागू नहीं करने का विषय शून्यकाल के बाद उठाने का आश्वासन मिलने के बाद भाजपा ने सदन में अपना विरोध वापस ले लिया था. विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को इन गारंटी को ‘लागू नहीं करने’ के मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगनादेश लाने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद सदन की कार्यवायी में व्यवधान पैदा हुआ था. भाजपा सदस्य इस मुद्दे पर बहस की अपनी मांग पर अड़ गये थे. सदन की कार्यवायी आज सुबह शुरू होते ही भाजपा सदस्यों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए समय मांगा. अध्यक्ष शून्यकाल के बाद का समय देने पर राजी हो गये, जिसके बाद भाजपा ने अपना विरोध वापस ले लिया.

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