
मैसुरु. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोमवार को कहा कि राज्य नेतृत्व में किसी भी संभावित बदलाव के संबंध में कांग्रेस आलाकमान का निर्णय अंतिम होगा. पत्रकारों से यहां बात करते हुए उन्होंने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन के बारे में दूसरों के कुछ कहने का तब तक कोई महत्व नहीं है, जब तक पार्टी इस पर बात नहीं करती. जब मीडिया ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार की बिहार के प्रवासी श्रमिकों के साथ बातचीत का हवाला दिया, तो सिद्धरमैया ने इसे ज्यादा महत्व नहीं दिया. बिहार के ये प्रवासी श्रमिक शिवकुमार को कथित तौर पर अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं.
सिद्धरमैया ने जवाब दिया, ”लोग बात कर सकते हैं, लेकिन आलाकमान कौन है? क्या सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने इस बारे में बात की है? लोगों से ज्यादा बस आप ही इस बारे में बात कर रहे हैं. आलाकमान को फैसला करना है. पार्टी आलाकमान के अलावा इस मामले पर किसी और के बोलने का कोई महत्व नहीं है.” बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री ने ‘इंडिया’ गठबंधन की जीत का विश्वास व्यक्त किया. उन्होंने कहा, ”बेंगलुरु में बिहार के बहुत लोग हैं. हम उनसे अनुरोध करेंगे कि वे हमें वोट दें.” सिद्धरमैया ने कहा कि बिहार में अत्यधिक गरीबी और मजबूत अल्पसंख्यक वोट बैंक आगामी चुनावों में महागठबंधन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करते हैं.



