नयी दिल्ली/इंफाल/रांची/हैदराबाद/गुवाहाटी/दीमापुर/बेंगलुरु/कोलकाता/भोपाल/चंडीगढ़. कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों, विदेश नीति और आर्थिक संकट से ध्यान हटाने के लिए उसके शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने संवाददाताओं से कहा, “पिछले दो दिन से प्रतिशोध, उत्पीड़न और धमकी देने की राजनीति जारी है. कांग्रेस नेतृत्व खासतौर पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को जानबूझकर निशाना बनाया गया.” उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों, विदेश नीति और आर्थिक संकट से ध्यान हटाने के लिए यह सब किया जा रहा है.
रमेश ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का संदर्भ देते हुए कहा कि इस प्रतिशोध की राजनीति के सूत्रधार दो व्यक्ति हैं. उन्होंने कहा कि “मेक इन इंडिया” विफल हो गया तो अब “फेक इन इंडिया” के जरिए फर्जी विमर्श गढ़ा जा रहा है. रमेश ने कहा, “हमें चुप नहीं किया जा सकता. हम जनता के मुद्दे उठाते रहेंगे.” पार्टी के वरिष्ठ नेता और अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यह इतना अजीबो गरीब मामला है कि एक रुपये का लेनदेन नहीं हुआ, लेकिन धनशोधन का आरोप लगा दिया गया.
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह मामला तो दुनिया का आठवां अजूबा है. ईडी ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में धनशोधन के आरोप में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने नौ अप्रैल को दाखिल आरोप-पत्र के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की और सुनवाई की अगली तारीख 25 अप्रैल निर्धारित की.
सोनिया, राहुल के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को लेकर कांग्रेस की मणिपुर इकाई का प्रदर्शन
कांग्रेस की मणिपुर इकाई ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र का विरोध करते हुए बुधवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कीशम मेघचंद्र ने कहा, ”भाजपा प्रतिशोध की राजनीति कर रही है और विपक्षी कांग्रेस को दबा रही है. हम प्रवर्तन निदेशालय द्वारा नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को मनमाने और अन्यायपूर्ण तरीके से जब्त करने तथा कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”हम भाजपा के एक औजार के रूप में ईडी के इस्तेमाल की कड़ी निंदा करते हैं. यह डराना-धमकाना और राजनीतिक प्रतिशोध है तथा लोकतंत्र के लिए चुनौती है.” कांग्रेस विधायक दल के नेता ओ. इबोबी सिंह ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया.
सिंह ने कहा, ”सोनिया गांधी को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा कई बार अनावश्यक रूप से तलब किया गया और परेशान किया गया. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. जैसे-जैसे मुकदमा आगे बढ़ेगा, न्याय मिलेगा. उन्हें कुछ नहीं मिलेगा. हम सत्ता के इस दुरुपयोग की कड़ी निंदा करते हैं. अगर ईडी और सीबीआई को राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं है. आखिरकार न्याय की जीत होगी.”
कांग्रेस ने रांची में ईडी कार्यालय के बाहर किया प्रदर्शन
कांग्रेस की झारखंड इकाई के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और नेशनल हेराल्ड मामले में निदेशालय द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किये जाने का विरोध किया.
कांग्रेस की झारखंड इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और राज्य प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा-नीत केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को कहा था कि उसने नेशनल हेराल्ड अखबार से संबंधित धनशोधन मामले में नौ अप्रैल को आरोपपत्र दाखिल किया था.
तेलंगाना: कांग्रेस ने सोनिया, राहुल गांधी के खिलाफ ईडी के आरोप-पत्र के विरोध में प्रदर्शन किया
तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के आरोप-पत्र के विरोध में बुधवार को यहां प्रदर्शन किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने काले झंडे और तख्तियां लेकर विधायक क्वार्टर से बीएसएनएल भवन तक विरोध रैली निकाली. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए. गौड़ ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी का आरोप-पत्र एक राजनीतिक प्रतिशोध है.
राहुल, सोनिया के खिलाफ आरोपपत्र को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुवाहाटी में प्रदर्शन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए जाने के विरोध में गुवाहाटी में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के नेतृत्व में लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई, पूर्व राज्यसभा सदस्य रिपुन बोरा और विधायक जाकिर हुसैन सिकदर जैसे वरिष्ठ नेताओं ने बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जीएस रोड स्थित ईडी कार्यालय तक मार्च किया.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ईडी कार्यालय के बाहर हिरासत में लिया गया और 10वीं असम पुलिस बटालियन के शिविर में ले जाया गया, जहां से बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.
बोरा ने कहा, ”कांग्रेस हमेशा से प्रेस पर भाजपा के बढ़ते हमलों का विरोध करती रही है. अब इसने नेशनल हेराल्ड अखबार की संपत्ति कुर्क करने और हमारे नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी को फंसाने की कोशिश की है.” उन्होंने कहा कि असम कांग्रेस नरेन्द्र मोदी सरकार के हालिया कदम की स्पष्ट रूप से निंदा करती है जिसमें नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को मनमाने और अन्यायपूर्ण तरीके से जब्त किया गया तथा पार्टी नेतृत्व के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया गया.
सोनिया, राहुल के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को लेकर नगालैंड कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया
नगालैंड प्रदेश कांग्रेस समिति (एनपीसीसी) के कार्यकर्ता’नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) द्वारा बुधवार को आहूत देशव्यापी प्रदर्शन में शामिल हुए. एनपीसीसी कार्यकर्ताओं ने कोहिमा में कांग्रेस भवन और दीमापुर में आयकर के अतिरिक्त आयुक्त के कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया.
एनपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष सी अपोक जमीर ने कहा कि यह प्रदर्शन महज विरोध नहीं, बल्कि “लोकतंत्र की रक्षा और संविधान को बनाए रखने के लिए एक जन आंदोलन है.” जमीर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर संवैधानिक सिद्धांतों को नियोजित रूप से नष्ट करने का आरोप लगाया.
जमीर ने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं को बिना किसी ठोस सबूत के निशाना बनाने के लिए ईडी का “राजनीतिक हथियार के रूप में दुरुपयोग” किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को इसलिए लक्षित किया जा रहा है, क्योंकि “वह गरीबों, अल्पसंख्यकों और हाशिये पर पड़े लोगों के साथ खड़ी है.”
बेंगलुरु: कांग्रेस ने केंद्रीय एजेंसियों के ‘दुरुपयोग’ का आरोप लगाया, ईडी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां शांति नगर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय के सामने बुधवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया और नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े धन शोधन मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए जाने की निंदा की. पार्टी के झंडे, तख्तियां लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ईडी के खिलाफ नारे लगाए.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है.
जब वे ईडी कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे तो पुलिस ने उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया. मंगलुरु और राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ.
सोनिया, राहुल के खिलाफ आरोप पत्र : कांग्रेस ने कोलकाता में ईडी के कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डब्ल्यूबीपीसीसी) के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए जाने के विरोध में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया. उन्होंने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे ”बदले की राजनीति” करार दिया. डब्ल्यूबीपीसीसी प्रमुख शुभंकर सरकार के नेतृत्व में करीब 100 पार्टी सदस्य सीजीओ कॉम्प्लेक्स के सामने एकत्र हुए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की.
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार गांधी परिवार को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है क्योंकि गांधी परिवार ”अलोकतांत्रिक और जनविरोधी” शासन के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है. ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दायर किया है, जिसमें उन पर कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये का धनशोधन करने का आरोप लगाया गया है.
मप्र: कांग्रेस ने सोनिया-राहुल के खिलाफ आरोपपत्र को ‘राजनीतिक षड्यंत्र’ बताया, भाजपा का पलटवार
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के शीर्ष नेताओं ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने को लेकर बुधवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला और इसे गांधी परिवार की छवि खराब करने का ‘राजनीतिक षडयंत्र’ करार दिया. पार्टी नेताओं ने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कदम बताया और दावा किया कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में एक पैसा भी नेहरू-गांधी परिवार ने अपने ऊपर खर्च नहीं किया. हालांकि, भाजपा ने कहा कि यह पूरी तरह से कानूनी मामला है और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है.
भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष और सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में ईडी द्वारा आरोपपत्र में सोनिया गांधी और राहुल गांधी का नाम शामिल किया जाना पूरी तरह से तकनीकी व कानूनी मामला है. शर्मा ने बताया कि कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि उनकी ही पार्टी में सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ किसने साजिश रची? ईडी ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में धनशोधन के आरोप में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है.
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने नौ अप्रैल को दाखिल आरोप-पत्र के संज्ञान के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पड़ताल की और सुनवाई की अगली तारीख 25 अप्रैल निर्धारित की.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित कई कांग्रेस नेताओं के खिला ईडी का आरोपपत्र दायर करना भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की हताशा को दर्शाता है.
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भाजपा की कोशिश है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की आवाज दबा कर भारत की जनता की आवाज दबा दी जाए. इसलिए जानबूझकर एक ऐसे मामले को उठाया जा रहा है, जिसमें कोई दम ही नहीं है.” पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इसे एक ‘खुला राजनीतिक षडयंत्र’ बताया और दावा किया कि ईडी के माध्यम से गांधी परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने कहा, “लेकिन अत्याचार करने वालों को याद रखना चाहिए कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार की घुटने टेकने की आदत नहीं है.” कमलनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी तानाशाही तरीके से जेल में डाला गया था लेकिन वह झुकी नहीं और राजीव गांधी के खिलाफ भी दुष्प्रचार का अभियान चलाया गया लेकिन अंत में वह बेदाग साबित हुए.
पाप पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस को निशाना बना रही सरकार: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘नेशनल हेराल्ड’ मामले का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली ”निरंकुश सरकार” अपने ”पाप” पर पर्दा डालने के लिए उनकी पार्टी को निशाना बनाने पर तुली हुई है.
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और वह सरकार की नाकामियों को उजागर करती रहेगी.
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”नरेन्द्र मोदी जी, आपकी निरंकुश सरकार अपने पाप पर पर्दा डालने के लिए कांग्रेस को निशाना बनाने पर तुली हुई है. भाजपा का आर्थिक कुप्रबंधन नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है. हताशा बढ़ती जा रही है, कोई दृष्टि नहीं, कोई समाधान नहीं, केवल ध्यान भटकाना.” उन्होंने दावा किया कि व्यापार घाटा तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है और ‘टैरिफ’ एवं व्यापार युद्ध पर कोई स्पष्टता नहीं दिख रही है तथा केवल खोखले शब्द और निरर्थक मुलाकातें हो रही हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा, ”90 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने बताया कि वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं. 80 प्रतिशत से अधिक लोगों का कहना है कि उनका खर्च बढ़ गया, भले ही आय में वृद्धि नहीं हुई.” खरगे ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में एफएमसीजी कंपनियों की राजस्व वृद्धि धीमी होकर केवल पांच प्रतिशत रह गई है.
उन्होंने दावा किया, ”मोदी सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ईंधन पर कर/शुल्क के रूप में (दिसंबर, 2024 तक) 39 लाख करोड़ रुपये का भारी संग्रह किया. रसोई गैस की कीमतें 50 रुपये तक बढ़ाई गईं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए भी कोई राहत नहीं मिली.” उन्होंने कहा कि स्नातक बेरोजगारी दर 13 प्रतिशत और युवा बेरोजगारी दर 10.2 प्रतिशत है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 23 आईआईटी में से 22 और 25 आईआईआईटी में से 23 में प्लेसमेंट में गिरावट देखी गई और एनआईटी में प्लेसमेंट में 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
खरगे ने दावा किया, ”एफडीआई में गिरावट से भारत को नुकसान हुआ है. अप्रैल से जनवरी 2024-25 तक भारत में शुद्ध एफडीआई केवल 1.4 अरब डॉलर से कम थी, जबकि अप्रैल से जनवरी 2012-13 तक यह 19 अरब डॉलर थी.” उन्होंने कहा, ”भारतीय अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने के लिए लोग भाजपा को माफ नहीं करेंगे. हम डरेंगे नहीं. हम अपनी आवाज उठाते रहेंगे और आपकी नाकामियों को उजागर करते रहेंगे.”
पंजाब: कांग्रेस ने सोनिया, राहुल के खिलाफ ईडी के आरोपपत्र को लेकर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन किया
कांग्रेस की पंजाब इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यहां प्रवर्तन निदेशालय कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी नेताओं सोनिया गांधी व राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों का “दुरुपयोग” करने और “झूठे” आरोपों के साथ गांधी परिवार को “बदनाम” करने का भी आरोप लगाया.
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी तथा अन्य के खिलाफ यहां एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें उन पर कथित तौर पर 988 करोड़ रुपये के धनशोधन का आरोप लगाया गया है. आरोप-पत्र में वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को भी सह-आरोपी बनाया गया है.
कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी ईडी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और धरना दिया. पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, विधायक राणा गुरजीत सिंह और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू और अन्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया.
यहां पत्रकारों से बात करते हुए वडिंग ने भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधा और सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किये जाने की कड़ी निंदा की. वडिंग ने आरोप लगाया, “सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.” उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार झूठे आरोपों के जरिए गांधी परिवार को बदनाम करने पर तुली हुई है. प्रताप सिंह बाजवा ने आरोपपत्र को “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया.
उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है. केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए.” बाजवा ने कहा कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि न्यायपालिका उन्हें न्याय देगी. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जालंधर जिले में ईडी कार्यालय के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और विधायक परगट सिंह समेत पार्टी के कई नेता शामिल हुए.