
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस को मणिपुर में ‘आग भड़काने’ की बजाय इस संवेदनशील क्षेत्र में मिलकर काम करने पर ध्यान देना चाहिए. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू से बात की लेकिन उन्हें मणिपुर के सांसदों या राजनीतिक नेताओं से बात करने का समय नहीं मिला.
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यहां इस बारे में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा, ”’मैं पलटकर उनसे सवाल पूछूंगा. जहां तक आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का सवाल है, क्या वह प्रधानमंत्री मोदी के रुख का समर्थन करते हैं.” उन्होंने कहा, ”कांग्रेस पार्टी को मणिपुर से इतर भी सोचने की जरूरत है. यह एक संवेदनशील क्षेत्र है और हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है. कांग्रेस पार्टी को मणिपुर में आग भड़काना बंद करना चाहिए….” प्रसाद ने कहा, ”मणिपुर में स्थिति सुधारने के प्रयास चल रहे हैं.” रमेश की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस की आलोचना करते हुए प्रसाद ने प्रमुख विपक्षी पार्टी से अनुच्छेद 370 और आतंकवाद पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा.
उन्होंने कहा, ”इस बारे में तो कांग्रेस पार्टी चुप्पी साध लेती है. उन्हें अनुच्छेद 370 और आतंकवाद पर अपना रुख स्पष्ट करने की जरूरत है.” उन्होंने कहा, ”केवल मणिपुर के बारे में बात करना और अन्य मुद्दों पर चुप्पी बनाए रखना सही नहीं है.” प्रसाद की इस प्रतिक्रिया पर पलटवार करते हुए रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”क्या रविशंकर प्रसाद एक आसान सवाल का जवाब देंगे? नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री को मई 2023 से अभी तक मणिपुर का दौरा करने का समय क्यों नहीं मिला है, जब वह स्वयंभू विश्वबंधु/विश्वगुरु के रूप में पूरी दुनिया में गए हैं?” मोदी ने सोमवार को नेतन्याहू से पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों को लेकर बात की थी और कहा था कि आतंकवाद के लिए दुनिया में कोई जगह नहीं है.
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि क्षेत्रीय तनाव को रोकना और सभी बंधकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि भारत शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है. रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री ने इजरायली प्रधानमंत्री से बात की है जो उपद्रव मचा रहे हैं. लेकिन पिछले 16 महीनों में मोदी को मणिपुर के मुख्यमंत्री, विधायकों, सांसदों, विभिन्न राजनीतिक दलों के राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज और मीडिया से बात करने का समय नहीं मिला है.” कांग्रेस नेता ने कहा था, ”वह खुद को विश्वज्ञानी के रूप में पेश करते हैं, लेकिन मणिपुर, लद्दाख में चीनी घुसपैठ आदि जैसे घरेलू राजनीतिक मुद्दों पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखते हैं.” भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र



