कांग्रेस ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा, देश को ‘नफरत की आग में झोंकने’ का आरोप लगाया

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 29 Aug 2022 09:16 PM
कांग्रेस ने महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा, देश को ‘नफरत की आग में झोंकने’ का आरोप लगाया
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नयी दिल्ली. कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे को लेकर सोमवार को देश के 22 शहरों में संवाददता सम्मेलन का आयोजन किया और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान हैं, लेकिन इस सरकार ने देश को ‘नफरत की आग’ में झोंक दिया है. पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह भी कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और करों के बोझ के तले जनता दबी जा रही है, जिसके खिलाफ कांग्रेस ‘भारत जोड़ो’ यात्रा शुरू करने जा रही है.

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘महंगाई का जाल तोड़ो, भारत जोड़ो! आज देश में सबसे बड़ी समस्याएं हैं-बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती नफरत. ‘बहुत हुई महंगाई की मार’ वाला जुमला आप सबको याद ही होगा, लेकिन आज खाद्य पदार्थों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगाकर जनता से वसूली की जा रही है.’’

राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन आज देश में 45 वर्षों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. कहा था, ‘हम 2022 तक विश्वगुरु बनेंगे’, लेकिन आज देश को नफरत की आग में झोंक दिया गया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दे कई हैं जिन पर बात होनी चाहिए, सवाल उठने चाहिए, जवाब मिलने चाहिए. अगर सरकार द्वारा जनता के मुद्दे उठाने के लिए द्वेष, भय और प्रतिशोध की राजनीति की जाएगी तो हम सब कुछ झेलने के लिए तैयार हैं. सच बोलने के लिए मुझ पर जितने आक्रमण करने हैं, कर लें, मैं पीछे नहीं हटूंगा.’’

कांग्रेस ने चार सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘महंगाई पर हल्ला बोल’ रैली से पहले, सोमवार को देश के 22 शहरों में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया. दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह दावा भी किया कि बेरोजगारी और महंगाई नरेंद्र मोदी सरकार के दो भाई हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘सीएमआईई (सेंटर फॉर मानिटंिरग आॅफ इंडियन इकॉनोमी) के आंकड़ों के अनुसार, बेरोजगारी दर 8 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तो बेरोजगारी दर शहरी क्षेत्रों से भी अधिक है. मगर मोदी सरकार को इन सबसे कहां फर्क पड़ता है ? मोदी सरकार ‘बांटो और राज करो’ तथा ईडी और सीबीआई के दुरुपयोग में लगी हुई है.’’ कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के समय कच्चे तेल का मूल्य 106 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था, उस दौरान पेट्रोल की कीमत 71 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 55 रुपये प्रति लीटर थी.

उन्होंने कहा कि 2014 में केन्द्र में भाजपा नीत सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही ईंधन पर उत्पाद शुल्क लगातार बढ़ाया जा रहा है.
खेड़ा ने कहा, ‘‘लेकिन हर सप्ताह असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद पैदा किया जा रहा है. वे धर्म, भाषा और लोगों के पहनावे के आधार पर समाज को बांट रहे हैं. हर दिन नया विवाद पैदा हो रहा है.’’ कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लखनऊ में दावा किया, “प्रधानमंत्री मोदी विपक्ष में रह कर बहुत बड़ी-बड़ी बात करते थे मगर आज उन्होंने ही जनता को महंगाई के बोझ तले दबा दिया है. आज जब 45 वर्षों में सबसे अधिक बेरोजगारी है और आय घट गयी है तब देश को महंगाई तले रौंदा जा रहा है. पिछले आठ वर्षों में मोदी सरकार का रिकॉर्ड इस सच्चाई को उजागर करता है.” पार्टी नेताओं देश के कई अन्य शहरों में महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा.

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