नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शनों को लेकर बुधवार को प्रमुख विपक्षी पार्टी पर करारा हमला बोला और कहा कि वह एक परिवार को देश तथा कानून से ऊपर समझती है. ईडी ने ‘‘नेशनल हेराल्ड’’ अखबार से जुड़े कथित धनशोधन के एक मामले में पूछताछ के लिए बुधवार को तीसरी बार कांग्रेस अध्यक्ष को तलब किया है. इसके विरोध में कांग्रेस के नेता देश भर में ‘‘सत्याग्रह’’ कर रहे हैं.
नड्डा ने कहा, ‘‘यह सत्याग्रह नहीं है. यह असत्य के लिए आग्रह है. सच बात तो ये है कि सत्य को ग्रहण लगाने की कोशिश है.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो विषय उठा रही हैं, वह ना तो देश के लिए और ना ही पार्टी के लिए आवश्यक है. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक परिवार को बचाने का कुत्सित प्रयास है.’’ नड्डा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपयों का घोटाला हुआ है और उस घोटाले के बारे में एजेंसियों को जवाब देने की आवश्कता है लेकिन ‘‘परिवार’’ अपने आपको देश और कानून से ऊपर समझता है. उन्होंने कहा, ‘‘उनसे कोई पूछताछ की हिमाकत करे तो वह उन्हें नागवार गुजरता है.’’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के कुछ प्रावधानों की वैधता को उच्चतम न्यायालय द्वारा बरकरार रखने के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और कानून के सामने विषयों को रखना किसी भी व्यक्ति का अधिकार है.
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कांग्रेस पार्टी द्वारा एक परिवार को कानून से ऊपर समझने का कुत्सित प्रयास, इस देश में चलने वाला नहीं है. देश कानून और नियमों से चलता है और नियम सब के लिए बराबर हैं. कानून के सवालों का जवाब देना सबकी जिम्मेदारी है.’’ नड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और ‘‘परिवार’’ को नियम के अनुसार चलना चाहिए और कानून का जवाब देना चाहिए. ज्ञात हो कि उच्चतम न्यायालय ने पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की वैधता को बुधवार को बरकरार रखते हुए कहा कि हर मामले में ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) अनिवार्य नहीं है.
प्रदर्शनों के जरिए जांच एजेंसियों का गुमराह करने का प्रयास कर रही है कांग्रेस : अनुराग ठाकुर
केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सड़कों पर प्रदर्शनों के माध्यम से वह केन्द्रीय जांच एजेंसियों को ‘‘भ्रमित करने और उनपर दबाव बनाने’’ का प्रयास कर रही है. ठाकुर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘कांग्रेस जांच से भाग क्यों रही है ? उनके पास छुपाने को क्या है? क्या गांधी परिवार कानून से ऊपर है? क्या गांधी परिवार के लिए अलग से कानून होना चाहिए? वे (जांच) एजेंसियों से क्यों भाग रहे हैं? उन्हें भी जांच का सामना करना चाहिए.’’
अखबार ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़े धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय बुधवार को लगातार तीसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ कर रहा है, जिसके विरोध में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इन्हीं प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में ठाकुर ने उक्त टिप्पणी की है.
संसद भवन के बाहर ठाकुर ने कहा, ‘‘बलात्कार, हत्या और अन्य अपराधों के मामलों में तेजी आ रही है और राज्यों में प्रशासनिक कमियां हैं. राजस्थान में हालात चिंताजनक हैं, लेकिन मुख्यमंत्री यहां समय बिता रहे हैं.’’ ठाकुर ने बताया कि कांग्रेस नेताओं द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन जांच एजेंसियों को ‘‘भ्रमित करने और उनपर दबाव बनाने का प्रयास है.’’ उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेताओं का प्रदर्शन उचित नहीं है क्योंकि उसका (सरकार) एजेंसियों द्वारा की जा रही स्वतंत्र जांच से कोई लेना-देना नहीं है.
ठाकुर ने कहा, ‘‘लोकतंत्र पर हमला करने से कांग्रेस कभी नहीं पीछे हटी है. उसने संवैधानिक पदों पर मौजूद लोगों पर भी सवाल उठाए हैं और सत्ता में रहते हुए उसने अध्यादेशों को भी फाड़ा है.’’ मंत्री ने कहा, ‘‘कांग्रेस को लगता है कि एक परिवार देश के कानून से ऊपर है. क्या गांधी परिवार कानून से ऊपर है? क्या गांधी परिवार और कांग्रेस के भ्रष्टाचार की जांच नहीं की जानी चाहिए? क्या देश को यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि वे भ्रष्टाचार में लिप्त रहेंगे और जांच एजेंसियां उनकी जांच नहीं करेंगी.’’