हिंदी साहित्य को केद्र में लाने के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता: गीतांजलि श्री

Author: www.navabharat.news
UPDATED: Sun, 29 May 2022 11:18 AM
हिंदी साहित्य को केद्र में लाने के लिए सतत प्रयासों की आवश्यकता: गीतांजलि श्री
ऑडियो सुनें

लंदन. किसी हिंदी उपन्यास के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय लेखिका गीतांजलि श्री के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने से पहले का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा.श्री के मूल उपन्यास का नाम ‘रेत समाधि’ है और इसका अंग्रेजी संस्करण है ‘टॉम्ब आॅफ सैंड’. इसका अनुवाद डेजी रॉकवेल ने किया है. पुरस्कार की घोषणा होने के बाद से श्री और रॉकवेल को दुनिया भर से बधाई संदेश मिल रहे हैं और दोनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. इस पुरस्कार के बाद से ंिहदी साहित्य भी चर्चा के केंद्र में बना हुआ है, लेकिन लेखिका का मानना है कि इस लय को बनाए रखने के लिए कुछ गंभीर प्रयासों की आवश्यकता होगी.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By www.navabharat.news