राष्ट्रपति पर अधीर की टिप्पणी के लेकर विवाद, कांग्रेस और भाजपा ने किये एक-दूसरे पर प्रहार

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 28 Jul 2022 10:08 PM
राष्ट्रपति पर अधीर की टिप्पणी के लेकर विवाद, कांग्रेस और भाजपा ने किये एक-दूसरे पर प्रहार

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नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘‘राष्ट्रपत्नी’’ कहकर संबोधित किए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी और मुख्य विपक्षी दल ने एक-दूसरे पर तीखे प्रहार किये जिसके बाद संसद के भीतर और बाहर एक नया राजनीतिक बवंडर पैदा हो गया. भाजपा ने कांग्रेस को ‘आदिवासी, महिला और गरीब विरोधी’ करार देते हुए कहा कि मुख्य विपक्षी दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस ने दावा किया कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कई भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को माफी मांगनी चाहिए. दूसरी तरफ, चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि ‘‘चूकवश’’ उनके मुंह से एक शब्द निकल गया जिसे भाजपा ‘तिल का ताड़’ बना रही है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात कर माफी मांगेंगे, लेकिन इन ‘पाखंडियों’ से माफी नहीं मांग सकते.

भाजपा ने चौधरी की ‘राष्ट्रपत्न’ वाली टिप्पणी को लेकर संसद के दोनों सदनों में भारी हंगामा किया जिस कारण कार्यवाही बाधित हुई. पार्टी की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया. लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सत्तापक्ष की ओर से मोर्चा संभाला और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने चौधरी पर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही, आदिवासी समुदाय, महिलाओं और गरीबों का अपमान किया है.

महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि इस मामले में सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए. संसद परिसर में जब सोनिया गांधी से पूछा गया कि क्या वह चौधरी से माफी मांगने के लिए कहेंगी तो उन्होंने कहा, ‘‘वह पहले ही माफी मांग चुके हैं.’’ इसी विषय पर लोकसभा में कार्यवाही स्थगित होने के बाद सदन के भीतर ही सोनिया गांधी और स्मृति ईरानी के बीच नोकझोंक भी हो गयी.
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे के कुछ ही देर बाद जब दोबारा स्थगित कर दी गयी तो सोनिया गांधी सत्तापक्ष की सीटों की तरफ गयीं और उन्होंने भाजपा सांसद रमा देवी से पूछना चाहा कि इस विवाद में उनका नाम क्यों खींचा जा रहा है.

इसी दौरान स्मृति ईरानी भी वहां पहुंचीं और वह सोनिया गांधी के नजदीक पहुंचकर वस्तुत: चौधरी के बयान का विरोध करती दिखीं. पहले तो सोनिया ने स्मृति ईरानी को अनदेखा करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही क्षण बाद उन्हें केंद्रीय मंत्री की ओर रुख करके नाराजगी भरे स्वर में कुछ कहते देखा गया.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सदस्य सुप्रिया सुले और तृणमूल कांग्रेस की सांसद अपरूपा पोद्दार को बाद में सोनिया गांधी को सत्तापक्ष की सीटों की तरफ से ले जाते हुए देखा गया. इससे पहले भाजपा के सांसद रमा देवी और सोनिया के आसपास जमा हो गये थे. चौधरी की टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भाजपा की महिला सदस्यों को सदन में आगे की पंक्तियों में बैठे देखा गया.

रमा देवी ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि सोनिया गांधी जानना चाह रही थीं कि इस मुद्दे में उन्हें क्यों खींचा जा रहा है. रमा देवी के अनुसार सोनिया ने उनसे पूछा, ‘‘मेरी क्या गलती है?’’ रमा देवी ने कहा कि उन्होंने, सोनिया से कहा कि उनकी गलती यह है कि उन्होंने चौधरी को लोकसभा में कांग्रेस का नेता चुना है.

वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी भाजपा सदस्यों से ‘धमकी भरे अंदाज’ में बात कर रही थीं. उन्होंने दावा किया कि सोनिया ने भाजपा सांसदों से कहा, ‘‘आप मुझसे बात मत कीजिए.’’ राज्यसभा में सीतारमण ने कांग्रेस पर हमला किया और अधीर की टिप्पणी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी की मांग की. उन्होंने कांग्रेस नेता की टिप्पणी को ‘‘सेक्सिस्ट’’ (लैंगिक भेदभाव) बताया और कांग्रेस से इसके लिए देश व राष्ट्रपति से माफी मांगने की मांग की.

उधर, कांग्रेस ने दावा किया कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत भारतीय जनता पार्टी के कई सांसदों एवं मंत्रियों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित और अपमानजनक व्यवहार किया तथा ऐसी स्थिति पैदा कर दी गई थी कि उन्हें (सोनिया को) चोट भी पहुंच सकती थी.

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में दावा किया, ‘‘संसद में आज मंत्री स्मृति ईरानी ने सांसद एवं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी से अमर्यादित व्यवहार किया व उन्हें अपमानजनक शब्द कहे.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ये कौन सी मर्यादा है? क्या एक सांसद, साथी सांसद से बात भी नहीं कर सकती? स्मृति ईरानी राजनीतिक तरीके से अपनी बात रख सकती हैं. वे एक वरिष्ठ सांसद और एक पार्टी की अध्यक्ष के साथ इस तरह के रवैए पर क्यों उतारू हैं? राजनीतिक विरोध अपनी जगह है लेकिन क्या किसी वरिष्ठ सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार जायज है?’’

लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अधीर रंजन चौधरी पहले ही माफी मांग चुके हैं. अगर वे (भाजपा सदस्य) हमसे अपेक्षा करते हैं कि महिला नेत्री और राष्ट्रपति का सम्मान करें तो उन्होंने ऐसा व्यवहार क्यों नहीं दिखाया? सोनिया जी के साथ जो व्यवहार हुआ वह ठीक नहीं है. आज सोनिया जी को शारीरिक रूप से चोट पहुंच सकती थी.’’ गोगोई ने कहा, ‘‘भाजपा के लोग सोचते हैं कि सोनिया जी डर जाएंगी तो यह उनकी भूल है.’’

कांग्रेस सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने कहा, ‘‘सोनिया जी, पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी हैं,देश की वरिष्ठ नेता हैं और बहुत वरिष्ठ सांसद हैं. उनके साथ यह व्यवहार देखकर दुख हुआ. इसके लिए प्रधानमंत्री जी को माफी मांगनी चाहिए.’’ इस पूरे विवाद पर कांग्रेस नेता चौधरी ने सफाई देते हुए कहा, ‘‘देश का राष्ट्रपति जो भी हो, चाहे वह ब्राह्मण हो, या आदिवासी, हमारे लिए राष्ट्रपति हैं. पद की गरिमा का पूरा सम्मान है.’’

कांग्रेस नेता चौधरी ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘मैं एक बंगाली हूं, ंिहदी बहुत अच्छी नहीं आती, मैंने गलती की है, मैं इसे स्वीकार करता हूं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रपति से मिलने का परसों (शनिवार) का समय मांगा है, उनसे माफी मांगूगा, लेकिन इन ‘पाखंडियों’ से नहीं.’’ उधर, महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने यहां भाजपा कार्यालय के निकट स्मृति ईरानी का पुतला दहन किया.

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