डीजीसीए ने एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा जांच बढ़ाने के आदेश दिये

नयी दिल्ली. विमानन नियामक डीजीसीए ने एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े की सुरक्षा जांच बढ़ाने का शुक्रवार को आदेश दिया. यह आदेश अहमदाबाद में एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 241 लोगों की मौत होने के एक दिन बाद दिया गया है.

डीजीसीए के विस्तृत निरीक्षण के तहत टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एअर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान की विभिन्न प्रणालियों की जांच और ‘टेक-ऑफ’ (उड़ान भरने संबंधी) मापदंडों की समीक्षा की जाएगी. टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया के बेड़े में 26 बोइंग 787-8 और सात बोइंग 787-9 विमान हैं.

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एअर इंडिया को जीईएनएक्स इंजन से लैस अपने बोइंग 787-8 और 787-9 विमानों पर अतिरिक्त रखरखाव कार्रवाई करने का तत्काल प्रभाव से निर्देश दिया है. ये कार्रवाई डीजीसीए के संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के समन्वय से की जाएंगी.

अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान बृहस्पतिवार दोपहर उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में सवार 242 लोगों में से केवल एक व्यक्ति जीवित बचा. नियामक ने 15 जनवरी से बोइंग 787 विमानों की विभिन्न एकबारगी जांच के आदेश दिए हैं, जिनमें ईंधन मापदंड निगरानी एवं संबंधित प्रणाली जांच का निरीक्षण भी शामिल है.
‘केबिन एयर कंप्रेसर’ और संबंधित प्रणालियों का निरीक्षण, इलेक्ट्रॉनिक इंजन नियंत्रण प्रणाली परीक्षण, इंजन ईंधन चालित प्रवर्तक-परिचालन परीक्षण और तेल प्रणाली जांच का भी आदेश दिया गया है.

इसके अलावा, डीजीसीए ने हाइड्रोलिक प्रणाली की सेवा क्षमता जांच और ‘टेक-ऑफ’ मापदंडों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है.
नियामक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उड़ान नियंत्रण निरीक्षण को अगले आदेश तक पारगमन निरीक्षण में शामिल किया जाना है. इसके अलावा दो सप्ताह के भीतर ऊर्जा संबंधी जांच भी की जानी है.

डीजीसीए ने कहा है कि ”बी787-8/9 विमान में पिछले 15 दिन में बार-बार हुई खराबी की समीक्षा के आधार पर रखरखाव की कार्रवाई जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए.” इन जांचों की रिपोर्ट समीक्षा के लिए विनियामक को प्रस्तुत की जानी चाहिए. अहमदाबाद में बृहस्पतिवार को दुर्घटनाग्रस्त हुआ बोइंग 787 विमान जीईएनएक्स इंजन द्वारा संचालित था. जीईएनएक्स इंजन जीई एयरोस्पेस द्वारा बनाए जाते हैं. जीई एयरोस्पेस ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह अहमदाबाद में विमान दुर्घटना की जांच में सहायता करने के लिए तैयार है.

ड्रीमलाइनर 787: पहली बार इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से गई यात्रियों की जान

लंबी दूरी की उड़ानों के लिए उपयोगी माने जाने वाले बोइंग के ड्रीमलाइनर विमानों ने 14 वर्ष पहले उड़ान भरी थी और फिलहाल 1,100 से अधिक ऐसे विमानों का संचालन किया जा रहा है. बृहस्पतिवार को एअर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से उसमें सवार 241 लोगों की जान चली गई. यह पहली बार है कि सबसे अधिक बिकने वाले बड़े आकार के ड्रीमलाइनर (बोइंग 787) के दुर्घटनाग्रस्त होने से लोगों की जान गई और खुद विमान का ढांचा भी नष्ट हो गया.

विमानों का विश्लेषण करने वाली कंपनी सिरियम के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त हुआ बोइंग 787-8 विमान – वीटी-एएनबी – 11.5 वर्ष पुराना था और 41,000 घंटों से अधिक उड़ान भर चुका था. कंपनी ने कहा कि दुनिया भर में बोइंग 787 के 1,148 विमान सेवा में हैं, जिनकी औसत आयु 7.5 वर्ष है.

– भारतीय विमानन कंपनियां और 787- फिलहाल एअर इंडिया और इंडिगो दो भारतीय एयरलाइंस हैं जो बी787 विमानों का संचालन कर रही हैं.
एअर इंडिया के बेड़े में 34 बी787 में से 27 बी787-8 पुराने विमान हैं. जुलाई में पुराने बी787-8 में से पहले विमान को ‘रेट्रोफिट’ के लिए भेजा जाएगा.
पिछले साल विस्तारा के साथ विलय के बाद शेष सात बी 787-9 विमान एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हुए.
एक अधिकारी के अनुसार, अहमदाबाद दुर्घटना विश्व स्तर पर पहली दुर्घटना है, जिसमें किसी बी787 विमान का ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है.
सिरियम ने बृहस्पतिवार को कहा कि विमान ने 14 दिसंबर 2013 को अपनी पहली उड़ान भरी थी.
विमान 28 जनवरी 2014 को एयर इंडिया को सौंपा गया था और यह 11.5 वर्ष पुराना था.
सिरियम ने कहा, “विमान में 18 बिजनेस क्लास सीट और 238 इकॉनोमी क्लास सीट थीं. यह 41,000 घंटों से अधिक समय उड़ान भर चुका था और लगभग 8,000 बार उड़ान भरी व लैंडिंग की थी. पिछले 12 महीनों में विमान ने 700 बार उड़ान भरी थी. इस विमान के निर्माण वर्ष और आयु के हिसाब से इतनी उड़ान औसत हैं.” सीरियम के अनुसार, अपने बेड़े और विदेशी नेटवर्क का विस्तार कर रही एअर इंडिया ने 20 अतिरिक्त बी787 विमानों का ऑर्डर दिया है तथा 24 अतिरिक्त विमानों को बदलने के लिए आशय पत्र भी भेजा है.
हाल ही में इंडिगो ने नॉर्वे की एअरलाइन नॉर्स अटलांटिक से लीज पर लिए गए बी787 का परिचालन शुरू किया है. इंडिगो लंबी दूरी के परिचालन के लिए ऐसे कुल छह विमान पट्टे पर लेने वाली है.

-विपरीत परिस्थितियां-
कुछ वर्ष पहले, अमेरिकी विमानन नियामक संघीय विमानन प्रशासन (एफएए) ने कुछ मुद्दों के कारण ड्रीमलाइनर विमानों की आपूर्ति रोक दी थी, लेकिन बृहस्पतिवार के हादसे से पहले तक इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से किसी की जान नहीं गई थी.
जहां तक ??भारत की बात है तो एअर इंडिया को 2013 में ड्रीमलाइनर्स में बैटरी संबंधी समस्या के कारण परेशानी हुई थी.
बैटरी की समस्या के कारण तत्कालीन सरकारी स्वामित्व वाली एअर इंडिया को भी अपने ड्रीमलाइनर बेड़े को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था. उस समय एअरलाइन के पास ऐसे छह विमान थे.
इसके अलावा, एअरलाइन को इन मुद्दों के लिए बोइंग से मुआवजा भी मिला था.

– सबसे अधिक बिकने वाला बड़े आकार का विमान- हाल के वर्षों में कई चुनौतियों का सामना करने वाली बोइंग के अनुसार बी787 अब तक का सबसे ज्यादा बिकने वाला बड़े आकार का यात्री विमान है.
ड्रीमलाइनर तीन मॉडल में आते हैं – 787-8, 787-9 और 787-10.
इनमें से 787-8 की रेंज 13,530 किलोमीटर तक है.
बोइंग की वेबसाइट के अनुसार, विमान की लंबाई 57 मीटर, ऊंचाई 17 मीटर तथा पंखों का फैलाव 60 मीटर है.
वेबसाइट के अनुसार, ड्रीमलाइनर बेड़े ने 14 वर्षों से भी कम समय में एक अरब से अधिक यात्रियों को यात्रा कराई है, जो विमानन इतिहास में इस प्रकार के किसी भी अन्य विमान की तुलना में अधिक तेज है.
वेबसाइट पर कहा गया है, “इसकी हल्की और मजबूत संरचना की वजह से दूसरे विमानों की तुलना में 25 प्रतिशत तक ईंधन की बचत होती है.”

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