बीजेपी संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर मंथन शुरू…

Author: navabharat digital
UPDATED: Fri, 18 Apr 2025 11:30 AM
बीजेपी संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर मंथन शुरू…
ऑडियो सुनें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक बड़ी बैठक हुई, जिसमें अमित शाह, राजनाथ सिंह तथा बी एल संतोष जैसे पार्टी और आरएसएस के बड़े नेता शामिल हुए।

खबरों की मानें तो इस बैठक में पार्टी के संगठन में बदलाव और नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर भी मंथन हुआ। पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के हवाले से एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि अभी मुख्य रूप से पांच नामों पर चर्चा चल रही है और हो सकता है कि इस बार कर्नाटक के किसी नेता को पार्टी की कमान सौंप दी जाए।

कौन होगा अगला अध्यक्ष?

बीजेपी सूत्र ने बताया कि अभी नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम चल रहा है। इनके अलावा भी उन्होंने 4 और नाम बताए। वहीं इस रेस में एक चौंकाने वाला नाम छठे नेता का है, जो अबतक इस चर्चा में पूरी तरह से गायब रहे हैं। यहां पर भाजपा के सभी संभावित राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम और उन्हें ये जिम्मेदारी दिए जाने की संभावित वजह भी बताई जा रही है।

1) प्रह्लाद जोशी

भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों की मानें तो, प्रह्लाद जोशी को पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना है। जोशी वर्तमान में धारवाड़ से सांसद हैं तथा केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, तथा अक्षय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से शुरू हुआ और अब वो मोदी सरकार में एक महत्वपूर्ण चेहरा बन चुके हैं।

2) बी.एल. संतोष

कर्नाटक से आने वाले बी.एल. संतोष भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में एक हैं। वो आरएसएस के पूर्णकालिक प्रचारक रहे हैं और भाजपा संगठन में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी और संघ के बीच सेतु का कार्य करने वाला यह पद संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, अगर संतोष को यह जिम्मेदारी दी जाती है तो सुनील बंसल को संगठन महासचिव की भूमिका दी जा सकती है, जैसा पहले कुशाभाऊ ठाकरे के मामले में हुआ था।

3) सी.टी. रवि

कर्नाटक के प्रभावशाली नेता सी.टी. रवि भी इस दौड़ में हैं। वो चिकमगलूर से चार बार विधायक रह चुके हैं तथा राज्य सरकार में मंत्री पद पर भी कार्य कर चुके हैं। उनकी आक्रामक शैली और आरएसएस से गहरे जुड़ाव ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के संभावित चेहरों में शामिल कर दिया है। वर्तमान में वे कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं।

4) धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान का नाम काफी समय से अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में है। उनके पास आरएसएस से जुड़ाव, संगठकीय दक्षता तथा चुनावी रणनीति में पारंगता जैसी तमाम खूबियाँ हैं। वो वर्तमान में संबलपुर (ओडिशा) से सांसद हैं और भाजपा की चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

5) भूपेंद्र यादव

राजस्थान से सांसद भूपेंद्र यादव भी राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए एक मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं। वे पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का नेतृत्व कर रहे हैं और संगठनात्मक कार्यों में विशेष दक्षता रखते हैं। संघ से उनके जुड़ाव और रणनीतिक क्षमताओं की वजह से पार्टी के अंदर उनका भी नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है।

मनोज सिन्हा का नाम भी चर्चा में

एक और नाम जो अचानक चर्चा में आया है, वह है जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का। भाजपा के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अक्सर अप्रत्याशित फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं, इसलिए अगर मनोज सिन्हा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाता है तो यह आश्चर्यजनक जरूर होगा, लेकिन असंभव नहीं। सूत्रों का यह भी मानना है कि अगला अध्यक्ष अपेक्षाकृत युवा चेहरा हो सकता है।

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By navabharat digital