द्रमुक सरकार अल्पसंख्यकों के साथ मजबूती से खड़ी है: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन

चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बृहस्पतिवार को कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार अल्पसंख्यकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी. उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल कर और विरोधियों को हटाकर देश को तानाशाही की ओर ले जाने के लिए “काला कानून” ला रहे हैं.
वह संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 को पेश किये जाने का उल्लेख कर रहे थे.

शाह ने लोकसभा में बुधवार को ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’ पेश किया, जिसमें प्रधानमंत्री, मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों को गंभीर अपराध के आरोपों में 30 दिन तक गिरफ्तार रहने पर पद से हटाने का प्रावधान है. स्टालिन ने कहा, ”कल केंद्रीय गृह मंत्री खुफिया एजेंसियों का इस्तेमाल करके और अपने विरोधियों को हटाकर देश को तानाशाही की ओर ले जाने के लिए एक काला कानून लेकर आए.” उन्होंने कहा कि इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अल्पसंख्यकों के खिलाफ नागरिकता संशोधन अधिनियम और वक्फ संशोधन अधिनियम जैसे कई कानून लेकर आए थे.

स्टालिन ने यहां पुस्तक विमोचन समारोह में कहा, ”जिस तरह द्रविड़ मुनेत्र कषगम ने उस समय इन कानूनों का कड़ा विरोध किया था, हम भी उसी तरह इस काले कानून का विरोध करेंगे.” उन्होंने पूछा कि केंद्र ऐसी चीजों में क्यों शामिल होने की कोशिश कर रहा है और दावा किया कि यह लोगों की समस्या से ध्यान भटकाने का प्रयास है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ”वे न केवल लोगों का ध्यान भटका रहे हैं, बल्कि देश को लोकतंत्र के रास्ते से भटकाने का भी प्रयास कर रहे हैं.” स्टालिन ने यहां द्रमुक के पूर्व मंत्री ए. रहमान खान द्वारा लिखित पांच पुस्तकों का विमोचन करते हुए कहा, ”द्रमुक हमेशा अल्पसंख्यकों के साथ दृढ़ता से खड़ी रहेगी.” स्टालिन द्रमुक के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने दिवंगत रहमान खान की निष्ठा की सराहना करते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री एम. जी. रामचंद्रन (एमजीआर) ने उन्हें कई बार अन्नाद्रमुक में शामिल होने का आमंत्रण दिया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.

उन्होंने कहा, ”रहमान खान द्रमुक की विचारधारा से जुड़े रहे और पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के नेतृत्व के प्रति निष्ठा रखते थे.” मुख्यमंत्री ने रहमान खान को ‘स्टार स्पीकर’ करार देते हुए कहा कि वह और वरिष्ठ नेता दुरईमुरुगन और के. सुब्बु ‘इदि, मिन्नल और मझाई’ (गर्जना, बिजली और मूसलाधार बारिश) के रूप में विख्यात थे. स्टालिन ने कहा ”जब एमजीआर मुख्यमंत्री थे, उस समय ये तीनों नेता विधानसभा में विपक्ष में हुआ करते थे और उनके प्रभावशाली भाषणों से सदन गूंज उठता था.”

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