ईजमाईट्रिप ने महादेव ऐप सट्टेबाजी मामले में संस्थापक पिट्टी के खिलाफ आरोपों को किया खारिज

नयी दिल्ली. यात्रा बुकिंग मंच ईजमाईट्रिप ने बुधवार को महादेव ऐप सट्टेबाजी मामले में अपने संस्थापक और चेयरमैन निशांत पिट्टी के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज कर दिया. मंच ने कहा कि ये दावे ‘पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और तथ्यों से परे हैं.’ पिट्टी पर कथित तौर पर सट्टेबाजी के संचालकों के एक नेटवर्क के साथ मिलीभगत करने का आरोप लगाया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने प्रवर्तकों के साथ मिलीभगत करके अवैध सट्टेबाजी से प्राप्त राशि का इस्तेमाल 25 सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर मूल्यों में हेरफेर करने के लिए किया.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अप्रैल में महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन के मामले में हाल ही में कई राज्यों में छापेमारी की थी, जिनमें पिट्टी के परिसरों की भी तलाशी ली गई थी. ये छापे दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, अहमदाबाद, इंदौर, जयपुर, चेन्नई और ओडिशा के संबलपुर सहित 55 स्थानों पर मारे गए.

ईजमाईट्रिप ने बयान में कहा, “हम अपने संस्थापक और चेयरमैन निशांत पिट्टी के खिलाफ तथाकथित महादेव ऐप सट्टेबाजी मामले में लगाए गए आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन करते हैं. ये दावे पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं.” बयान के अनुसार, पिट्टी का महादेव ऐप से संबंधित किसी भी अवैध सट्टेबाजी संचालन या इकाइयों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नहीं है. ईजमाईट्रिप ने दावा किया कि ‘दो इकाइयों’ ने मई, 2021 में खुले बाजार के माध्यम से ईजमाईट्रिप के शेयर स्वतंत्र रूप से खरीदे.
मंच ने कहा, “शेयरधारक अधिकारों के अनुसार दिसंबर, 2021 में सामान्य तौर पर उन्हें लगभग पांच लाख रुपये का लाभांश दिया गया. इन इकाइयों के साथ कोई अन्य लेन-देन या जुड़ाव नहीं हुआ है.”

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