ईडी ने धन शोधन मामले में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया से पूछताछ की

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 17 Oct 2024 09:49 PM
ईडी ने धन शोधन मामले में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया से पूछताछ की
ऑडियो सुनें

गुवाहाटी. अभिनेत्री तमन्ना भाटिया से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ‘एचपीजेड टोकन’ मोबाइल ऐप से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में यहां बृहस्पतिवार को पूछताछ की. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. ऐप के जरिये, ‘बिटकॉइन’ और कुछ अन्य ‘क्रिप्टोकरेंसी’ के रूप में अत्यधिक रिटर्न दिलाने के बहाने कई निवेशकों से कथित तौर पर ठगी की गई थी.

प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि भाटिया (34) का बयान यहां एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया. सूत्रों ने बताया कि भाटिया को ऐप कंपनी के एक कार्यक्रम में ”सेलिब्रिटी के रूप में शामिल होने” के लिए कुछ धनराशि मिली थी और उनपर मामले में उनकी संलिप्तता होने का कोई आरोप नहीं है. उन्होंने बताया कि अभिनेत्री को पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने काम के कारण इसे टाल दिया था और बृहस्पतिवार को उपस्थित होने का निर्णय लिया था.

मामले में मार्च में ईडी द्वारा दाखिल आरोपपत्र में कुल 299 इकाइयों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें 76 चीन नियंत्रित इकाइयां हैं, जिनमें 10 निदेशक चीनी मूल के हैं जबकि दो इकाइयां अन्य विदेशी नागरिकों द्वारा नियंत्रित हैं. इन लोगों को इस साल मार्च में दाखिल ईडी के आरोपपत्र में नामजद आरोपी बनाया गया है.

धन शोधन का यह मामला कोहिमा पुलिस के साइबर अपराध प्रकोष्ठ की प्राथमिकी से उपजा है, जिसमें विभिन्न आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इन आरोपियों पर बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी के रूप में अत्यधिक रिटर्न दिलाने का वादा करके भोले-भाले निवेशकों से ठगी करने का आरोप है.

पुलिस ने कहा कि निवेशकों से ”ठगी” करने के लिए आरोपियों ने ‘एचपीजेड टोकन’ मोबाइल फोन एप्लीकेशन (ऐप) का इस्तेमाल किया था. एजेंसी ने कहा कि अपराध से हासिल धन को छिपाने के उद्देश्य से फर्जी निदेशकों वाली विभिन्न फर्जी कंपनियों द्वारा बैंक खाते और मर्चेंट आईडी खोले गए थे. इसने दावा किया कि ये धन अवैध ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी तथा बिटकॉइन बनाने के लिए निवेश के वास्ते ”धोखाधड़ी” कर प्राप्त किए गए थे.

ईडी ने कहा कि 57,000 रुपये के निवेश पर तीन महीने तक प्रतिदिन 4,000 रुपये का रिटर्न देने का वादा किया गया था, लेकिन केवल एक बार ही पैसे का भुगतान किया गया. ईडी ने कहा कि इस मामले में देश भर में छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 455 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और बैंक में जमा राशि जब्त की गई.

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu