
चेन्नई. मक्कल निधि मय्यम पार्टी के प्रमुख और अभिनेता कमल हासन ने कहा है कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा हथियार है जो ”निरंकुशता और सनातन धर्म की बेड़ियों को तोड़ सकती है”. इस टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई ने हासन की निंदा की.
राज्यसभा सदस्य हासन ने रविवार को यहां एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्रीय प्रवेश-सह-पात्रता परीक्षा (नीट) ने बहुत से बच्चों को चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच से वंचित कर दिया है और परीक्षा के इस नियम को बदलने की शक्ति केवल शिक्षा से ही आ सकती है.
कुछ दिन पहले ही राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने वाले हासन प्रसिद्ध तमिल अभिनेता सूर्या के अगारम फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. जब हासन ने यह टिप्पणी की, उस समय अभिनेता सूर्या मंच पर मौजूद थे.
हासन ने कहा कि नीट परीक्षा के खिलाफ इस युद्ध में, अगारम फाउंडेशन भी कुछ नहीं कर सकता और केवल शिक्षा ही बिना किसी अन्य हथियार के राष्ट्र को आकार दे सकती है. उन्होंने कहा, ”यही एकमात्र ऐसा हथियार है जो निरंकुशता और सनातन (धर्म) की बेड़ियों को तोड़ सकती है.”
हासन ने कहा, ”किसी और चीज पर हाथ मत रखना, क्योंकि तुम जीत नहीं सकते; क्योंकि बहुसंख्यक तुम्हें हरा देंगे, बहुसंख्यक मूर्ख तुम्हें हरा देंगे और समझदारी (ज्ञान) हार जाएगी.” भाजपा की तमिलनाडु इकाई की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने हासन के बयान को हिंदू भावनाओं का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की.
सुंदरराजन ने आश्चर्य जताया कि शिक्षा और उसके महत्व के बारे में बोलते हुए हासन ने सनातन का नकारात्मक उल्लेख क्यों किया.
उन्होंने हासन पर निशाना साधते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए कोई भी टिप्पणी कर सकते हैं. तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ”अब, वह (हासन) लोगों को धर्म के नाम पर बांटना चाहते हैं.” भाजपा की तमिलनाडु इकाई की उपाध्यक्ष खुशबू सुंदर ने कमल हासन की टिप्पणी को अनावश्यक और ”अनुचित” बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की.



