
हुब्बाली. कांग्रेस के एक विधायक द्वारा भाजपा पर कर्नाटक सरकार गिराने का आरोप लगाए जाने के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को पलटवार करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के मद्देनजर सत्तारूढ़ पार्टी में ही विधायकों की ”खरीद-फरोख्त” के प्रयास हो रहे हैं.
कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया है कि भाजपा कर्नाटक में सरकार गिराने की योजना बना रही है और उसने केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से 55 विधायकों को निशाना बनाने के लिए एक सूची तैयार की है.हुंगुंड से कांग्रेस विधायक विजयानंद कशप्पनवर ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने 55 कांग्रेस विधायकों की सूची तैयार की है, ताकि अगर वे भाजपा में शामिल नहीं हुए, तो उन पर ईडी या सीबीआई के छापे डलवाए जा सकें.
विजयानंद के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए जोशी ने कहा, ”क्या उन्होंने (विजयानंद ने) ईडी की सूची में आने के लिए कुछ (गलत) किया है? जिन्होंने गलत किया है, वे ईडी की नजर में आएंगे, दूसरे नहीं. जो सही हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है और उन्हें किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. 55 विधायकों का यह दावा मुद्दों को भटकाने की साजिश है.” पत्रकारों से यहां बात करते हुए उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने समर्थन जुटाने के लिए कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी है.
जोशी ने दावा किया, ”सिद्धरमैया ने हाल ही में कहा था कि शिवकुमार के पास ज्यादा विधायकों का समर्थन नहीं है, इसलिए दोनों अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए अपने धनबल का इस्तेमाल कर रहे हैं. विधायकों को खरीदने के लिए तैयार दोनों ही लोग वहां (कांग्रेस में) मजबूत हैं, इसलिए हमारे (भाजपा) लिए वहां प्रयास करने का कोई मौका नहीं है और हम ऐसी चीजों में शामिल नहीं होना चाहते.” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा का आधिकारिक रुख जनादेश के विरुद्ध नहीं जाने का है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पांच साल का कार्यकाल पूरा करना चाहिए, क्योंकि उसके पास जनादेश है, लेकिन आंतरिक कलह के कारण वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए वे विधायकों से ऐसे बयान दिलवा रहे हैं कि भाजपा उनके 55 विधायकों को निशाना बना रही है.
कांग्रेस शासित राज्य खराब वित्तीय स्थिति के कारण रिक्तियों को भरने में असमर्थ: प्रह्लाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक जैसे कांग्रेस शासित राज्यों में खराब वित्तीय स्थिति के कारण सरकारें रिक्त पदों को भरने में असमर्थ हैं. हालांकि, उन्होंने देश में रोजगार दर बढ.ाने के लिए केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया.
बेरोजगारी के मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्र की भाजपा सरकार पर कथित तौर पर निशाना साधे जाने से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए जोशी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह विस्तार से बताने के बजाय अपने सलाहकारों के कहने पर बयान दे देते हैं.
जोशी ने कहा, “राहुल गांधी हमेशा विस्तार से नहीं बताते. वह अपने सलाहकारों से मिले ‘फीडबैक’ के आधार पर ही प्रतिक्रिया देते हैं. वह व्यक्तिगत रूप से विस्तारपूर्वक नहीं बताते. खासकर कोविड-19 के बाद रोजगार दर में जबरदस्त वृद्धि हुई है, ईपीएफओ के आंकड़े खुद यह दर्शाते हैं.” उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जहां तक केंद्र सरकार में रिक्तियों को भरने का सवाल है तो 2022 से लेकर आज तक हर महीने रोजगार मेला लगता है और हर महीने 50,000 से एक लाख लोगों को नौकरी दी जाती है.
उन्होंने कहा, ”पिछले ढाई साल में अब तक विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में साढ.े सात लाख से ज्यादा लोगों की भर्ती की जा चुकी है.” कर्नाटक में सत्तारूढ. कांग्रेस द्वारा राज्य में दो लाख से ज्यादा रिक्त पदों को न भरने का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये रिक्तियां इसलिए नहीं भरी जा सकीं क्योंकि सरकार स्वयं सेवारत कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रही है.
उन्होंने दावा किया, ”वे (कर्नाटक सरकार) सेवारत कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे पा रहे हैं. वेतन भुगतान में 10-15 दिन से लेकर 20 दिन तक की देरी हो रही है. उनकी (सरकार की) आर्थिक स्थिति खस्ता है, इसलिए वे रिक्तियों को नहीं भर रहे हैं.” उन्होंने कहा, “किसी और विषय पर बात करने से पहले मैं राहुल गांधी से कहूंगा कि वह कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में जो हो रहा है, उस पर नजर डालें. इन तीनों राज्यों में उनकी पार्टी की सरकारें हैं और इनकी हालत बहुत खराब है.”



