
धारवाड़. कर्नाटक विश्वविद्यालय में 23 साल तक कुलपतियों और कुलसचिवों की सेवा करने वाले चालक रुद्रप्पा की सेवानिवृत्ति का दिन यादगार बन गया, जब कुलसचिव (मूल्यांकन) निजलिंगप्पा मटिहाल ने खुद उनकी गाड़ी चलाकर उन्हें और उनके परिवार को घर पहुंचाया.
रुद्रप्पा को शुरू में पूर्व कुलसचिव रजनीश गोयल के कार्यकाल के दौरान अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था. बाद में उन्होंने पूर्व कुलपतियों ए एम पठान, एम खाजापीर, एस के सैदापुर, एच बी वालिकर और कार्यवाहक कुलपति ए मुरीगप्पा के आधिकारिक चालक के रूप में काम किया. उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक कई कुलसचिवों के लिए चालक के रूप में भी काम किया, जिनमें निजलिंगप्पा मटिहाल भी शामिल थे. मटिहाल ने रुद्रप्पा के समर्पण और कड़ी मेहनत का सम्मान करते हुए उन्हें घर तक पहुंचाया.
रुद्रप्पा 22 वर्ष नौ महीने की सेवा के बाद 29 नवंबर को अपराह्न तीन बजे आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्त हो गये. रुद्रप्पा ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मैंने पांच कुलपतियों और छह कुलसचिवों (मूल्यांकन) के साथ काम किया.” रुद्रप्पा ने कहा कि उन्होंने जिन अधिकारियों के साथ काम किया, उनमें से प्रत्येक ने उनके साथ बहुत गर्मजोशी, स्नेह और सम्मान के साथ व्यवहार किया.



