‘हेरा फेरी 3’ न भी बने, तब भी परेश और अक्षय के बीच द्वेष नहीं देखना चाहता: सुनील शेट्टी

नयी दिल्ली: हेरा फेरी फिल्म शृंखला के तीन मुख्य अभिनेताओं में से एक अभिनेता सुनील शेट्टी का कहना है कि वह अपने साथी कलाकारों अक्षय कुमार और परेश रावल के बीच कोई द्वेष नहीं चाहते। रावल इस सीरीज की तीसरी फिल्म ह्लहेरा-फेरीह्व में अभिनय करने वाले थे, लेकिन हाल ही में उन्होंने इससे हटने का फैसला किया है।

फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन करने वाले हैं। इससे पहले की फिल्मों में रावल ने बाबू भैय्या, कुमार ने राजू और शेट्टी ने श्याम की भूमिका निभाई थी। “हेरा फेरी 3” की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। पिछले हफ्ते रावल के अचानक हटने के बाद फिल्म पर अनिश्चितता मंडरा रही है।

खबरों के अनुसार “हेरा फेरी 3” के निर्माता के रूप में भी काम करने जा रहे कुमार ने रावल के इस फैसले के लिए उनके खिलाफ मुकदमा दायर किया है। शेट्टी ने कहा कि वह रावल के फिल्म से हटने से दुखी हैं, लेकिन वह नहीं चाहते कि उनके सह-कलाकारों के बीच चीजें खराब हों।

उन्होंने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “मैं दुखी हूं, (लेकिन) मुझे विश्वास है कि सब ठीक हो जाएगा। मैं इस बारे में कुछ नहीं जानता, क्योंकि मैंने इसके बारे में मीडिया से सुना है। मुझे उम्मीद है कि चीजें ठीक हो जाएंगी। अगर फिल्म नहीं भी बनती है, तो भी मैं परेश और अक्षय के बीच कोई द्वेष नहीं चाहूंगा।” शेट्टी (63) की अगली फिल्म “केसरी वीर” है, जिसमें वह सूरज पंचोली और नवोदित अभिनेत्री आकांक्षा शर्मा के साथ अभिनय करते करेंगे।

फिल्म 14वीं शताब्दी में आक्रमणकारियों से सोमनाथ मंदिर को बचाने के लिए लड़ने वाले योद्धाओं की कहानी है। फिल्म में शेट्टी ने वेगडाजी भील नामक योद्धा की भूमिका निभाई है। ंिप्रस धीमान द्वारा निर्देशित “केसरी वीर” का निर्माण चौहान स्टूडियो के कनुभाई चौहान ने किया है।

शेट्टी इस फिल्म के साथ ही ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित फिल्मों में वापसी करेंगे। इससे पहले उन्होंने 2006 में जेपी दत्ता की ह्लउमराव जानह्व में अभिनय किया था। शेट्टी ने कहा कि ऐसी फिल्में बनाना मुश्किल होता है और निर्माताओं को विषय के बारे में पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “उसे (निर्माता को) यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिस विषय पर वह फिल्म बनाने जा रहा है वह सही है। ऐतिहासिक घटनाओं पर फिल्म बनाने में बहुत सारे पहलू शामिल होते हैं। वेशभूषा, छायांकन, कला निर्देशन और प्लेबैक म्यूजिक सभी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह सबकुछ टीम वर्क होता है। जब आपके पास एक मजबूत टीम नहीं होती है, तो आप इस तरह की फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं करते। ऐसी फिल्म महंगी भी होती हैं।

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