इस देश का हर नागरिक एक सैनिक के समान: वायुसेना प्रमुख

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Wed, 08 Jan 2025 08:46 PM
इस देश का हर नागरिक एक सैनिक के समान: वायुसेना प्रमुख

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नयी दिल्ली. भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत का हर नागरिक एक सैनिक के समान है और वर्दी में देश की सेवा करने का एक अलग ही मजा है लेकिन कोई भी व्यक्ति बिना सैन्य वर्दी के भी देश की सेवा कर सकता है. दिल्ली छावनी में आयोजित गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने एनसीसी के चरित्र को रेखांकित किया और कहा कि यह वह स्थान है जहां विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग ‘एक हो जाते हैं’ और भारत के सार को आत्मसात करते हैं.

उन्होंने कहा कि एनसीसी और गणतंत्र दिवस शिविर में प्रशिक्षित भारत के युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार किया जा रहा है क्योंकि वे भारत का भविष्य हैं, जो आगे चलकर विभिन्न जिम्मेदारियों को अपनाएंगे. वायुसेना प्रमुख ने कहा, ह्लमैंने सुना है कि कई कैडेटों ने सशस्त्र बलों (सेना, नौसेना और वायुसेना) में शामिल होने की इच्छा जताई है. यह बहुत बढि.या है कि आप ऐसा करना चाहते हैं क्योंकि वर्दी में राष्ट्र की सेवा करने का एक अलग ही मजा है. लेकिन राष्ट्र की सेवा करने के लिए किसी को वर्दी पहनना जरूरी नहीं है. यह एक ऐसी बात है जिसे हमें याद रखना चाहिए.” उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा केवल वर्दी में रहने वालों तक ही सीमित नहीं है और न ही देशभक्ति केवल उन्हीं तक सीमित है बल्कि ‘यह इस देश के हर नागरिक में, हर व्यक्ति में होती है.’ सिंह ने अपनी बात पर जोर देने के लिए एक शिविर की यात्रा का जिक्र किया.

एयर चीफ मार्शल ने कहा, ह्लवहां किसी ने कहा था कि ‘वर्दी पहने हर सैनिक एक नागरिक है और हर नागरिक बिना वर्दी का सैनिक है’. मुझे लगता है कि यही तरीका है. इस देश का हर नागरिक एक सैनिक है और उसे देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए.” उन्होंने कहा, “इसलिए चाहे हम वर्दी पहनें या नहीं, हम देश की सेवा कर सकते हैं. यहां सीखे गए मूल्य आपके पूरे जीवन में आपका मार्गदर्शन करेंगे, चाहे आप कोई भी विकल्प (करियर) चुनें.” देश भर से कुल 2,361 एनसीसी कैडेट इस गणतंत्र दिवस शिविर में भाग ले रहे हैं, जो 30 दिसंबर को शुरू हुआ था और 27 जनवरी को प्रधानमंत्री की रैली के साथ समाप्त होगा. इस वार्षिक कार्यक्रम में 917 बालिका कैडेट भी शामिल हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा दल है.

By Yogesh Kumar Sahu