रक्षा उत्पादन और निर्यात में देश की यात्रा पर हर भारतीय गर्व कर सकता है: प्रधानमंत्री मोदी

भारतीय युवा नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ: मोदी

नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा उत्पादन और निर्यात में देश की वृद्धि की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि हर भारतीय इस यात्रा पर गर्व कर सकता है. इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स, निर्माताओं और नवेन्मेषकों को इस क्षेत्र का हिस्सा बनने का आ”ान किया. सोशल मीडिया मंच ‘लिंक्डइन’ पर एक पोस्ट में उन्होंने युवाओं, स्टार्टअप्स, निर्माताओं और नवेन्मेषकों से कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र उन्हें बुला रहा है.

उन्होंने कहा, ”यह इतिहास का हिस्सा बनने का उनका अवसर है.” मोदी ने कहा, ”भारत को आपकी विशेषज्ञता और उत्साह की जरूरत है. नवाचार के लिए दरवाजे खुले हैं, नीतियां सहायक हैं, और अवसर अभूतपूर्व है. साथ मिलकर, हम भारत को न केवल रक्षा में आत्मनिर्भर बनाएंगे, बल्कि रक्षा विनिर्माण में एक वैश्विक नेता बनाएंगे.” उन्होंने ‘भारत की रक्षा क्रांति ने उड़ान भरी’ शीर्षक से लिखे आलेख में कहा, ”आइए, साथ मिलकर एक मजबूत, आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करें.” प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस समय रक्षा बलों को महत्वपूर्ण उपकरणों की कमी का सामना करना पड़ता था, उस समय से लेकर आज आत्मनिर्भरता के युग तक, यह ऐसी यात्रा है जिस पर हर भारतीय गर्व कर सकता है.

वडोदरा में स्पेन के शासनाध्यक्ष पेड्रो सांचेज के साथ संयुक्त रूप से सी-295 विमान विनिर्माण परिसर का उद्घाटन करने के कुछ दिन बाद मोदी ने इसे भारत की रक्षा और एयरोस्पेस यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण बताया. उन्होंने कहा, ”निष्पादन की गति शानदार है. शिलान्यास के बाद केवल दो वर्षों में परिचालन सुविधा तक! यह नयी कार्य संस्कृति और भारत के लोगों की क्षमता की स्पष्ट अभिव्यक्ति है.” अपने दावे के समर्थन में आंकड़े देते हुए, मोदी ने कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन 1.27 लाख करोड़ रुपये (2023-24) तक बढ़ गया है और इसका निर्यात 2014 में 1,000 करोड़ रुपये से बढ़कर आज 21,000 करोड़ रुपये हो गया है.

उन्होंने कहा कि केवल तीन वर्षों में 12,300 से अधिक वस्तुओं का उत्पादन स्वदेश में किया गया है और रक्षा पीएसयू द्वारा घरेलू विक्रेताओं में 7,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है. उन्होंने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास बजट का 25 प्रतिशत उद्योग के नेतृत्व वाले नवाचार के लिए सर्मिपत था. उन्होंने कहा कि संख्या के अलावा ऐसी चीजें भी हैं जो हर किसी को बहुत खुश करेंगी. प्रधानमंत्री ने कहा कि संपूर्ण रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव हो रहा है.

उन्होंने कहा, ”विनिर्माण में, स्वदेशी युद्धपोत पानी में गश्त कर रहे हैं जबकि मेड-इन-इंडिया मिसाइलों ने देश की जवाबी क्षमता को मजबूत किया है.” उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर निर्मित बुलेटप्रूफ जैकेट सैनिकों की रक्षा कर रहे हैं और भारत रक्षा में आत्मनिर्भर बन रहा है और शीर्ष रक्षा उपकरण निर्माता बनने के लिए भी काम कर रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां तक रणनीतिक बुनियादी ढांचे का सवाल है, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में दो आधुनिक रक्षा गलियारे बन रहे हैं.

उन्होंने कहा कि नवाचार के क्षेत्र में रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवोन्मेष (आईडेक्स) पूरे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को शक्ति प्रदान कर रहा है और एमएसएमई रक्षा आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न अंग बन रहे हैं, जबकि उद्योग-अकादमिक भागीदारी अनुसंधान और विकास को बढ़ावा दे रही है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सबके परिणामस्वरूप आयात पर निर्भरता कम हुई है, रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन हुआ है, युवाओं का कौशल विकास हुआ है और रक्षा क्षेत्र में एमएसएमई को बढ़ावा मिला है.

भारतीय युवा नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ: मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारतीय युवा नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ हैं. प्रधानमंत्री ने यह बात टिप्पणी माइक्रोसॉफ्ट के डेवलपर प्लेटफॉर्म ‘गिटहब’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) थॉमस डोह्मके की उस टिप्पणी के जवाब में कही जिसमें उन्होंने कहा था कि वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज के रूप में भारत के उदय को रोकना मुश्किल है.

डोह्मके ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ”बेशक, मुझे भारत के लिए कुछ प्यार दिखाना होगा. अब भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती डेवलपर आबादी है और वैश्विक ‘टेक टाइटन’ के रूप में भारत के उदय को रोकना मुश्किल है.” उन्होंने कहा कि भारत के डेवलपर्स एक लंबी छलांग लगा रहे हैं क्योंकि वे एआई बनाने के लिए एआई (कृत्रिम मेधा) का लगातार उपयोग कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ”सार्वजनिक उत्पादक एआई परियोजनाओं में योगदानकर्ताओं की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है. इससे इस बात की अधिक संभावना है कि अगली बड़ी एआई बहुराष्ट्रीय कंपनी इस महाद्वीप से निकलेगी.” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा, ”जब नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी की बात आती है तो भारतीय युवा सर्वश्रेष्ठ हैं. डोह्मके ने कहा कि उनके मंच पर जनरेटिव एआई परियोजनाओं में अमेरिका के बाद भारतीय दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता हैं.

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