
नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कहा कि वह अपने इस दावे के समर्थन में दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दाखिल करे कि पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा ने छत्तीसगढ़ में कथित ‘नागरिक आपूर्ति निगम’ (एनएएन) घोटाले में उन्हें दी गई अग्रिम जमानत का दुरुपयोग किया.
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति अगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि 2019 में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दाखिल किए जाने के बावजूद मामले में जांच अभी तक पूरी नहीं हुई है और पीएमएलए के तहत कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है. ईसीआईआर, प्राथमिकी का ईडी का संस्करण है.
पीठ ने कहा, ”विद्वान एएसजी का बयान दर्ज किया गया कि याचिकाकर्ता इस तर्क के समर्थन में एक हलफनामा पेश करेंगे कि प्रतिवादियों (अनिल टुटेजा और आलोक शुक्ला) को दी गई अग्रिम जमानत की सुविधा का उनके द्वारा दुरुपयोग किया गया है.” उसने कहा, ”अग्रिम जमानत देने का यह आदेश 14 अगस्त, 2020 का है. हम याचिकाकर्ता को हलफनामा दायर करने के लिए दिए गए समय को आज से दो सप्ताह की अवधि के लिए बढ़ाते हैं.” ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने कहा कि वह हलफनामा दायर नहीं करना चाहते क्योंकि इससे ”न्यायपालिका की बहुत खराब तस्वीर पेश होगी”. जब शीर्ष अदालत ने राजू से पूछा कि आरोपी द्वारा अग्रिम जमानत का दुरुपयोग करने के आरोपों से न्यायपालिका का क्या लेनादेना है तो सरकारी वकील ने कहा कि वह हलफनामा दायर करेंगे.



