पश्चिम बंगाल में चार औद्योगिक गलियारों का गठन, गांगुली होंगे ब्रांड एंबेसडर: ममता

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को सातवें ‘बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन’ में राज्य से निर्यात दोगुना करने, लॉजिस्टिक क्षमता को आधुनिक बनाने और नवीकरणीय ऊर्जा विनिर्माण के प्रोत्साहन की योजनाओं समेत कई नई नीतियों की घोषणा की.

बनर्जी ने यहां आयोजित व्यापार शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए पूर्वी क्षेत्र में ‘इंटरनेट कनेक्टिविटी’ सुधारने के लिए दीघा के समुद्री रिसॉर्ट में एक नए केबल लैंडिंग स्टेशन और जैव-ईंधन को प्रोत्साहन देने की भी घोषणा की. उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एवं उद्यमी सौरभ गांगुली को पश्चिम बंगाल का ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने का भी ऐलान किया. उद्योगपति परिवार से ताल्लुक रखने वाले गांगुली ने पिछले कुछ वर्षों में कारोबारी जगत में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है.

बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था 8.41 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) चालू वित्त वर्ष में 212 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. फोर्ब्स इंडिया की हालिया रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल को भारतीय राज्यों में सकल घरेलू उत्पाद के मामले में छठे स्थान पर रखा गया था.

मुख्यमंत्री ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, ऊर्जा दिग्गज संजीव गोयनका और विप्रो के रिशद प्रेमजी जैसे शीर्ष उद्यमियों की मौजूदगी में कहा कि चार नए औद्योगिक गलियारे स्थापित किए जाएंगे. ये गलियारे दानकुनी-कल्याणी, ताजपुर बंदरगाह-रघुनाथपुर, दनकुनी-झारग्राम और दुर्गापुर-कूच बिहार में स्थापित किए जाएंगे.

बनर्जी ने कहा कि इस सम्मेलन के पिछले छह संस्करणों में कुल 190 अरब डॉलर के प्रस्ताव आए थे जिनमें से 121 अरब डॉलर की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं या क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं. बंगाल वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन का आयोजन हर साल होता है. इसके सातवें संस्करण में ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कोरिया, जापान, जर्मनी और फ्रांस सहित 35 देशों की सैकड़ों कंपनियां शिरकत कर रही हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने अपने उद्घाटन भाषण में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि राज्य को केंद्र से कोई भी वित्तीय समर्थन नहीं मिल रहा है. हमें माल एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व में अपना हिस्सा नहीं मिल रहा है और मनरेगा योजना के तहत आवंटन भी रोक दिया गया है.”

उन्होंने पश्चिम बंगाल को शांति और सुशासन का एक मॉडल राज्य बताते हुए कहा कि विपक्ष इसकी छवि खराब करने का अभियान चलाए हुए है. इसके साथ ही बनर्जी ने कहा, “हालांकि मैं शांति और खुशहाली के पक्ष में हूं. कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि मेरी विचारधारा क्या है. मैं उनसे कहती हूं कि न तो मैं वामपंथ और न ही दक्षिणपंथ के पक्ष में हूं. मैं मानवतावाद में भरोसा करती हूं.” उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल 1.3 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाली लगभग 90 लाख एमएसएमई इकाइयों का घर रहा है. इसके चमड़ा विनिर्माण परिसर को एशिया के सबसे बड़े परिसर के रूप में विस्तारित किया जा रहा है. इसके अलावा बंगाल में देश का एक प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) केंद्र भी है.

उन्होंने कहा कि बंगाल के मशहूर दुर्गा पूजा उत्सव से जुड़ी अर्थव्यवस्था इस साल बढ़कर 80,000 करोड़ रुपये की हो गई. इस अवसर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने अगले तीन वर्षों में पश्चिम बंगाल में 20,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की. अंबानी ने कहा कि यह निवेश दूरसंचार, खुदरा और जैव-ऊर्जा के क्षेत्र में किया जाएगा.

अंबानी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में करीब 45,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है. उन्होंने कहा, ”बंगाल के विकास को गति देने में रिलायंस कोई कसर नहीं छोड़ेगी.” अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन कोलकाता के प्रतिष्ठित कालीघाट मंदिर के “असली गौरव” की बहाली के लिए उसके नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार का काम करेगा.

देश की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी ने कहा, “पश्चिम बंगाल आईटी उद्योगों के विस्तार के लिए सही नीतिगत माहौल प्रदान करता है.” वहीं आरपीजी समूह के संजीव गोयनका ने कहा कि उनकी कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य में 25,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है. उन्होंने कहा, “निर्णय लेना त्वरित और कुशल रहा है. इसके अलावा धीमे चलो, हड़ताल और अशांति का दौर भी बीत चुका है. मुख्यमंत्री काम चाहती हैं.”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button