दक्षिण एशिया में लोकतंत्र पर पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुरैशी की पुस्तक ब्रिटेन में प्रकाशित

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Tue, 11 Nov 2025 10:58 PM
दक्षिण एशिया में लोकतंत्र पर पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुरैशी की पुस्तक ब्रिटेन में प्रकाशित
ऑडियो सुनें

लंदन. भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) डॉ. एस.वाई. कुरैशी ने दक्षिण एशिया में लोकतंत्र पर उनके गहन विश्लेषण पर आधारित पुस्तक के ब्रिटेन में विमोचन के अवसर पर कहा कि क्षेत्र के लोकतांत्रिक देश एक-दूसरे के अनुभवों से महत्वपूर्ण सबक सीख सकते हैं.

‘डेमोक्रेसीज हार्टलैंड: इनसाइड द बैटल फॉर पावर इन साउथ एशिया’ का पिछले सप्ताह किंग्स कॉलेज लंदन में विमोचन किया गया. इससे पहले कुरैशी को ‘किंग्स इंडिया इंस्टीट्यूट’ में ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) फेलोशिप’ प्रदान की गई थी. यह पुस्तक भारत में सितंबर में जारी की गई थी. इसमें पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने तर्क दिया है कि दक्षिण एशिया की तरह किसी भी अन्य क्षेत्र ने लोकतांत्रिक प्रयोग को पूरी तरह या इतनी तीव्रता से नहीं अपनाया है.

‘किंग्स कॉलेज लंदन’ के कुलपति और अध्यक्ष प्रोफेसर शितिज कपूर ने कहा, ”डॉ. कुरैशी ने अपना करियर भारतीय लोकतंत्र की प्रमुख संस्थाओं में से एक- भारत निर्वाचन आयोग की सेवा और संरक्षण में बिताया है. यह वह संस्था है जो भारत में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय चुनावों पर नजर रखती है.” उन्होंने कहा, ”इस पुस्तक पर चर्चा के लिए ‘किंग्स इंडिया इंस्टीट्यूट’ से बेहतर जगह और क्या हो सकती है – जो भारत में लोकतंत्र के अध्ययन के लिए दुनिया के अग्रणी केंद्रों में से एक है. यह पुस्तक हमें भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका समेत दक्षिण एशिया के अन्य देशों में लोकतंत्र को और व्यापक रूप से देखने के लिए प्रेरित करती है.”

लंदन में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कुरैशी द्वारा अपनाए गए विषय पर चर्चा की गई. कुरैशी भारत के 17वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त रह चुके हैं और उन्होंने अपनी नवीनतम पुस्तक में जिन देशों का उल्लेख किया है, उनमें से कई देशों में उन्होंने चुनावों को प्रत्यक्ष रूप से देखा है. इस पुस्तक में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) समूह में शामिल अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में लोकतांत्रिक अनुभवों की तुलना की गई है.

कुरैशी ने कहा, ”मैंने दक्षेस को इसलिए चुना क्योंकि दुनिया का 40 प्रतिशत लोकतंत्र वहीं रहता है.” उन्होंने ‘एन अनडॉक्यूमेंटेड वंडर: द ग्रेट इंडियन इलेक्शन’ और ‘इंडियाज एक्सपेरिमेंट विद डेमोक्रेसी: द लाइफ ऑफ ए नेशन थ्रू इट्स इलेक्शन्स’ जैसी अपनी पिछली कृतियों का उल्लेख करते हुए कहा, ”मैंने इन सभी देशों को एक ही नजरिए से देखने का पूरा ध्यान रखा है और कोशिश की है कि अपनी अन्य पुस्तकों के विपरीत इस पुस्तक में मेरा भारत की ओर झुकाव नहीं दिखे.” उन्होंने कहा, ”निश्चित रूप से ऐसे कई सबक हैं जो वे सभी एक-दूसरे से सीख सकते हैं.”

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu