
तेजपुर. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को एक बार फिर कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ‘शत-प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट’ हैं. शर्मा ने यह बयान गोगोई द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए ‘अयोग्य’ कहे जाने के दो दिन बाद दिया है. मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर गोगोई ऐसी टिप्पणी करने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज कराते हैं तो उन्हें खुशी होगी.
शर्मा ने गोगोई के पाकिस्तानी एजेंसियों के साथ कथित संबंधों के बारे में पूछे जाने पर ने कहा, ”हां, बिल्कुल 100 प्रतिशत. लोग कभी-कभी दूध में थोड़ा पानी मिला देते हैं, लेकिन गौरव गोगोई का पाकिस्तानी एजेंट के साथ संबंध दूध में थोड़े पानी के मिश्रण जैसा नहीं है, बल्कि यह 100 प्रतिशत दूध जैसा है. इसका मतलब है कि मैंने जो कुछ भी कहा है वह शत-प्रतिशत सही है.” मुख्यमंत्री ने 31 अक्टूबर को आरोप लगाया था कि गोगोई ”शत-प्रतिशत पाकिस्तानी एजेंट” हैं, जिन्हें किसी विदेशी ताकत ने भेजा है.
इसके एक दिन बाद विपक्षी नेता ने पलटवार करते हुए दावा किया था कि इस तरह की टिप्पणियों से पता चलता है कि शर्मा सरकार के मुखिया के तौर पर पद संभालने के लिए ‘अयोग्य’ हैं. शर्मा ने यहां एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”कल, देबब्रत सैकिया (असम विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष) ने गौरव गोगोई से मामला दर्ज कराने को कहा. अगर वह मेरे खिलाफ मामला दर्ज करते हैं तो मुझे खुशी होगी. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो भी हम जुबिन गर्ग मामले में आरोप-पत्र दाखिल करने के बाद गौरव गोगोई की गतिविधियों को सार्वजनिक करेंगे.” असम के मुख्यमंत्री और भाजपा, तेजपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सदस्य गोगोई पर उनकी पत्नी के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से कथित संबंध को लेकर हमला कर रहे हैं.
शर्मा ने दावा किया था कि गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न ने भारत और पाकिस्तान के बीच 19 बार यात्रा की थी. मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि गोगोई ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निमंत्रण पर वहां का दौरा किया था और वहां प्रशिक्षण लिया था. उन्होंने आरोप लगाया कि गोगोई ने पड़ोसी देश की सत्ता के साथ मिलकर काम किया था.
शर्मा ने यह भी दावा किया कि कोलबर्न पाकिस्तानी जलवायु लॉबी की ओर से विभिन्न वर्गीकृत सरकारी दस्तावेज, मुख्य रूप से खुफिया ब्यूरो की रिपोर्ट, एकत्र कर रही थीं. गोगोई ने पलटवार करते हुए शर्मा के आरोप पर उनकी आलोचना की और राज्य में उभर रहे मुद्दों के कारण उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठाया था. कांग्रेस सांसद ने यहां तक ??कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी ”हास्यास्पद, निराधार, सनक से युक्त और बकवास” है. उन्होंने कहा कि शर्मा तथ्यों के साथ बात करने के बजाय ‘आईटी सेल ट्रोल’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं.
जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, ‘अवैध मियां’ चैन से नहीं रह पाएंगे: हिमंत विश्व शर्मा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि राज्य भर में अतिक्रमण हटाने के लिए बेदखली अभियान जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि वह जब तक मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे, “अवैध मियां” चैन से नहीं रह पाएंगे. हिमंत ने जमुगुरीहाट में एक आधिकारिक समारोह के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “बेदखली जारी रहेगी. आज भी, बेहाली क्षेत्र (बिश्वनाथ जिले में) में नोटिस दिए गए. जब ??तक मैं मुख्यमंत्री हूं, ‘अवैध मियां’ चैन से नहीं रह पाएंगे.” ‘मियां’ मूलत? असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है, जिन्हें गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर बांग्लादेशी प्रवासी मानते हैं. हाल के वर्षों में, समुदाय के कार्यकर्ताओं ने इस शब्द को अवज्ञा के संकेत के रूप में अपनाना शुरू कर दिया है.
हिमंत ने कहा, “अगर आप समाधि पर प्रार्थना करेंगे, तो भी आपको चैन नहीं मिलेगा. जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, ‘अवैध मियां’ तनाव में रहेंगे. अगर मैं नहीं रहूंगा, तो बात अलग है.” उन्होंने कहा कि सरकार असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान 25 नवंबर को बहुविवाह के खिलाफ एक नया कानून लाएगी. हिमंत ने कहा, “अगर कोई व्यक्ति बहुविवाह करता है, तो उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा दी जाएगी.”



