IND vs SA: भारत की करारी हार के बाद पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने कोच गंभीर-अजीत अगरकर पर उठाए सवाल

IND vs SA: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में खेले गए पहले टेस्ट में भारत को तीसरे दिन ही करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। मुकाबला भारत ने पहले दो दिनों में अपने पक्ष में जरूर मोड़ा था, लेकिन तीसरे दिन टीम पूरी तरह बिखर गई। 124 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत मात्र 93 पर ऑल आउट हो गया। इस हार के बाद पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने टीम मैनेजमेंट और चयन समिति पर सवाल खड़े किए।

वेंकटेश प्रसाद का चयनकर्ताओं और गंभीर पर हमला
प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, ‘हम सफेद गेंद क्रिकेट में शानदार रहे हैं, लेकिन इस तरह की प्लानिंग के साथ हम खुद को शीर्ष टेस्ट टीम नहीं कह सकते। चयन में स्पष्टता की कमी और ओवर-टैक्टिकल सोच टीम को नुकसान पहुँचा रही है। पिछले एक साल में टेस्ट क्रिकेट में परिणाम बेहद निराशाजनक रहे हैं।’

उन्होंने सीधे तौर पर कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर को जिम्मेदार ठहराया। गंभीर के कोच बनने के बाद भारत का टेस्ट रिकॉर्ड लगातार चर्चा में रहा है। प्रसाद के अनुसार टीम में बिना ठोस योजना के बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे स्थिरता प्रभावित हो रही है।

शुभमन गिल की चोट ने बढ़ाई मुश्किलें
भारतीय कप्तान शुभमन गिल दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने नहीं उतरे। पहली पारी में तीन गेंद खेलकर ही गर्दन में चोट के चलते रिटायर हर्ट हुए गिल को अस्पताल ले जाया गया। टीम की बल्लेबाजी पहले से ही दबाव में थी, और कप्तान की अनुपस्थिति ने स्थिति और कठिन बना दी।

दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर्स बने जीत के हीरो
दक्षिण अफ्रीका के लिए इस मैच में सबसे बड़ा अंतर उनके स्पिनर्स ने पैदा किया। साइमन हार्मर ने मैच में कुल आठ विकेट लिए (दोनों पारियों में चार-चार विकेट)। दूसरी ओर, केशव महाराज ने दूसरी पारी में दो गेंदों में दो विकेट लेकर भारत को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। उनकी गेंदबाजी ने भारत के बल्लेबाजों को कभी संभलने ही नहीं दिया और दक्षिण अफ्रीका को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिला दी।

तेम्बा बावुमा की जुझारू पारी
दूसरी पारी में जब दक्षिण अफ्रीका 91/7 पर संघर्ष कर रहा था, तब कप्तान तेम्बा बावुमा ने 55 रन* की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर टीम को सम्मानजनक स्कोर (153) तक पहुंचाया। उनकी यह पारी मैच में निर्णायक साबित हुई।

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