गोडसे टिप्पणी: पुलिस ने एनआईटी-कालीकट की प्रोफेसर को नोटिस दिया

कोझिकोड. पुलिस ने यहां रविवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कालीकट (एनआईटी) की एक प्रोफेसर को नोटिस जारी करके नाथूराम गोडसे का कथित तौर पर महिमामंडन करने वाली उनकी एक फेसबुक टिप्पणी से संबंधित मामले में पुलिस के सामने पेश होने को कहा. प्रोफेसर ए शैजा के घर पर दिए गए नोटिस में, कुन्नमंगलम पुलिस ने उन्हें 13 फरवरी को जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए कहा. टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ पहले ही एक प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”उन्हें विस्तृत पूछताछ के लिए 13 फरवरी को पुलिस थाने आने के लिए कहा गया है. हम नोटिस आज ही सौंप सके क्योंकि वह बाहर थीं. आज प्राथमिक पूछताछ की गई और उससे विवरण एकत्र किया गया.” यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कालीकट (एनआईटी) ने महिला प्रोफेसर की उस हालिया विवादास्पद टिप्पणी की जांच पड़ताल के लिए एक समिति का गठन किया है, जिसमें महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का कथित तौर पर महिमामंडन किया गया था.

यहां संस्थान में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की एक वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रोफेसर ए शैजा ने 30 जनवरी को फेसबुक पर टिप्पणी पोस्ट की थी, ”भारत को बचाने के लिए गोडसे पर गर्व है.” उन्होंने यह टिप्पणी एक वकील कृष्णा राज की पोस्ट पर की थी, जिन्होंने गोडसे की तस्वीर पोस्ट करते हुए शीर्षक दिया था, ‘हिंदू महासभा कार्यकर्ता नाथूराम विनायक गोडसे, भारत में कई लोगों के नायक.’ एक आधिकारिक बयान में संस्थान ने समिति के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है. इसमें कहा गया है कि संस्थान के अधिकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संस्थान किसी भी ऐसी टिप्पणी का समर्थन नहीं करता है जो महात्मा गांधी के सिद्धांतों और मूल्यों के खिलाफ हो.

बयान में कहा गया है, ”संबंधित टिप्पणी से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए, संस्थान ने घटना के विभिन्न पहलुओं की गहन जांच के लिए एक समिति का गठन किया है.” इसमें कहा गया है, “समिति एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करेगी और इसके निष्कर्षों के आधार पर उच्च अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई की जाएगी.” अधिकारियों ने कहा कि एनआईटी-कालीकट शुचिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि उसके संकाय सदस्य सिद्धांतों का पालन करें. अधिकारियों ने यह भी कहा कि संस्थान एक सामंजस्यपूर्ण और समावेशी शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के लिए सर्मिपत है.

समिति का गठन प्रोफेसर ए शैजा के खिलाफ उनकी फेसबुक टिप्पणी के लिए पुलिस द्वारा एक मामला दर्ज किए जाने के एक सप्ताह बाद किया गया है. एसएफआई, केएसयू और एमएसएफ सहित विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा शहर के कई पुलिस थानों में प्रो. शैजा के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज करायी गईं थी, जिसके बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. प्रोफेसर के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 लगाई गई है. कुन्नमंगलम और नादक्कवु पुलिस थाने उन पुलिस थानों में से थे जहां प्रोफेसर के खिलाफ शिकायतें दर्ज करायी गईं थीं. एसएफआई और एबीवीपी समेत कई छात्र संगठनों ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एनआईटी परिसर में विरोध मार्च निकाला.

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