सरकार ने ‘फर्जी, सनसनीसेज एवं भारत विरोधी’ सामग्री के कारण आठ यूट्यूब चैनल किए ब्लॉक

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Thu, 18 Aug 2022 08:02 PM
सरकार ने ‘फर्जी, सनसनीसेज एवं भारत विरोधी’ सामग्री के कारण आठ यूट्यूब चैनल किए ब्लॉक

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नयी दिल्ली. सरकार ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गलत सूचना फैलाने और ‘‘फर्जी एवं सनसनीखेज थंबनेल’ का कथित इस्तेमाल करने के मामले में पाकिस्तान से संचालित एक चैनल समेत आठ यूट्यूब चैनल को ब्लॉक (अवरुद्ध) करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया. थंबनेल वे तस्वीरें या सामग्री होती हैं, जिसके जरिए वीडियो में दिखाई जाने वाली विषय वस्तु की संक्षिप्त जानकारी आकर्षक तरीके से पेश की जाती है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, जिन चैनल को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों-2021 के तहत ब्लॉक किया गया है, उनमें सात भारतीय समाचार चैनल हैं. बयान में बताया गया कि ब्लॉक किए गए इन चैनल के 114 करोड़ ‘व्यूज’ (यानी उन्हें 114 करोड़ बार देखा गया) और 85.73 लाख सब्सक्राइबर हैं तथा इन चैनल की सामग्री से धन अर्जित किया जा रहा था.

सरकार के आदेश को तहत ‘लोकतंत्र टीवी’, ‘यू एंड वी टीवी’, ‘ए एम रजवी’, ‘गौरवशाली पवन मिथिलांचल’, ‘सीटॉप 5टीएच’, ‘सरकारी अपडेट’, ‘सब कुछ देखो’ और पाकिस्तान से संचालित ‘न्यूज की दुनिया’ चैनल को ब्लॉक किया गया है. बयान में कहा गया है कि भारतीय यूट्यूब चैनल को ‘‘फर्जी और सनसनीखेज थंबनेल का इस्तेमाल करते’’ पाया गया. उन्हें दर्शकों को समाचार की प्रामाणिकता का भरोसा दिलाने के लिए समाचार प्रस्तोताओं की छवियों और कुछ टीवी समाचार चैनल के ‘प्रतीक चिह्नों’ (लोगो) का इस्तेमाल करते पाया गया.

बयान में बताया गया कि इन यूट्यूब चैनल ने भारत सरकार द्वारा धार्मिक संरचनाओं को ध्वस्त किए जाने, धार्मिक त्योहारों को मनाने पर प्रतिबंध लगाए जाने, भारत में धार्मिक युद्ध की घोषणा जैसे झूठे दावे भी किए. बयान में कहा गया, ‘‘ऐसा पाया गया कि यह सामग्री साम्प्रदायिक सद्भाव और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ सकती है.’’ इसमें कहा गया कि इन यूट्यूब चैनल का इस्तेमाल भारतीय सशस्त्र बलों और जम्मू-कश्मीर जैसे विभिन्न विषयों पर भी फर्जी खबरें पोस्ट करने के लिए किया जाता था.

बयान में कहा गया, ‘‘इस सामग्री को राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों के दृष्टिकोण से संवेदनशील और पूरी तरह से मिथ्या पाया गया.’’ इसमें कहा गया कि मंत्रालय द्वारा ब्लॉक किए गए चैनल की सामग्री को देश की संप्रभुता एवं अखंडता, देश की सुरक्षा, अन्य देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाया गया, इसीलिए इन्हें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के दायरे में लाया गया. सरकार ने पिछले साल दिसंबर से 102 यूट्यूब आधारित समाचार चैनलों और कई अन्य सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं.

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