सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने को प्रतिबद्ध : नड्डा

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Mon, 07 Oct 2024 09:54 PM
सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने को प्रतिबद्ध : नड्डा
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने सोमवार को कहा कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने के लिए ”पूरी सरकार” और ”पूरे समाज” के दृष्टिकोण को अपनाती है, जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है. नड्डा ने कहा, ”सभी को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, केंद्र सरकार ने दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित स्वास्थ्य आश्वासन योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) शुरू की है.”

उन्होंने यहां विश्व स्वास्थ्य संगठन के दक्षिणपूर्व एशिया क्षेत्र (एसईएआरओ) के 77वें सत्र के उद्घाटन भाषण में कहा, ”इस पहल के तहत 12 करोड़ से अधिक परिवार शामिल हैं और प्रत्येक परिवार को सालाना 6,000 अमेरिकी डॉलर का अस्पताल में भर्ती पर होने वाले खर्च का लाभ मिलता है.” यहां जारी एक बयान में कहा गया कि नड्डा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने हाल ही में इस योजना का विस्तार 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए किया है.

उन्होंने कहा, ”इस विस्तार से लगभग 4.5 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा, जिनमें छह करोड़ बुजुर्ग आबादी शामिल है, क्योंकि उन्हें मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा. यह भारत की बढ़ती बुजुर्ग आबादी के लिए सार्वभौमिक और समावेशी स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है.” गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से उत्पन्न बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के मद्देनजर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों जैसी स्थितियों से निपटने के लिए 2010 से एनसीडी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को लागू कर रहा है.

बयान में कहा गया है कि इस पहल के कारण प्रारंभिक चरण में निवारक उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 753 एनसीडी क्लीनिक, 356 डे केयर सेंटर और 6,238 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं. नड्डा ने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रकाश स्तंभ देश के रूप में भारत, डिजिटल स्वास्थ्य पर वैश्विक पहल – भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान शुरू की गई डब्ल्यूएचओ-प्रबंधित नेटवर्क के माध्यम से तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करके आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, ई-संजीवनी, एकीकृत स्वास्थ्य सूचना मंच (आईएचआईपी), सक्षम आदि जैसे अपने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को साझा करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान कोविन डिजिटल मंच की सफलता के बाद, भारत ने सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म-यूविन की अवधारणा तैयार की है. दक्षिण पूर्व एशियाई सदस्य देशों में पारंपरिक और पूरक चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए, नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र बनाने में डब्ल्यूएचओ का समर्थन किया है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर इन प्रणालियों को बढ़ावा देना है.

उन्होंने कहा, ”इस प्रणाली को पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के साथ एकीकृत करने में भारत के अनुभव ने समग्र स्वास्थ्य सेवा के प्रावधान को बढ़ावा दिया है, जिससे समग्र कल्याण को बढ़ावा मिला है और स्वास्थ्य सेवाओं की सीमा का विस्तार हुआ है.” उन्होंने कहा, ”हमारे आयुष्मान आरोग्य मंदिर जो सामुदायिक स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र हैं, हमारे नागरिकों की शारीरिक और मानसिक सेहत सुनिश्चित करते हैं.”

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