
नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के तहत पश्चिम बंगाल, हरियाणा और उत्तराखंड में नागरिकता देने की शुरुआत कर दी है. गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संबंधित राज्यों की अधिकार प्राप्त समिति ने तीनों राज्यों के आवेदकों को बुधवार को नागरिकता प्रदान की. नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 की अधिसूचना के बाद दिल्ली की अधिकार प्राप्त समिति ने पहली बार भारतीय नागरिकता प्रदान की. इन आवेदकों को 15 मई को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव ने नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपा.
भारत सरकार ने दिसंबर 2019 में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से 31 दिसंबर 2014 को या इससे पहले आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने के लिए सीएए बनाया है.
राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद कानून को अधिसूचित कर दिया गया था लेकिन भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए नियम चार साल की देरी के बाद 11 मार्च को जारी किए गए.



