गुजरात सरकार ने बेमौसम बारिश से हुए फसलों के नुकसान के आकलन के लिए सर्वेक्षण का आदेश दिया

राजकोट: गुजरात सरकार ने हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करने को लेकर फसलों के नुकसान के आकलन के लिए राज्य व्यापी सर्वेक्षण का आदेश दिया है। राज्य के कृषि मंत्री राघवजी पटेल ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नुकसान ज्यादा नहीं होगा क्योंकि ज्यादातर खरीफ फसलों की कटाई हो चुकी है और शुरुआती अनुमान से पता चला है कि बारिश से लगभग तीन से चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ हो सकता है।

पटेल ने कहा, ”आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 26 और 27 नवंबर को बेमौसम बारिश ने 236 तालुका को प्रभावित किया। कम से कम 112 तालुका में एक इंच बारिश हुई जबकि 34 में करीब दो इंच। वहीं छह तालुका में चार इंच तक बारिश दर्ज की गई। चूंकि कपास और तूअर फसलों की कटाई अभी होनी है इसलिए हम अनुमान लगा रहे हैं कि तीन से चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ होगा।” उन्होंने कहा कि हाल-फिलहाल में रबी मौसम की शुरुआत हुई है और कुछ बड़ी फसलों की बुवाई शुरू ही हुई है इसलिए नुकसान की संभावना कम है।

उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ”हम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज को लेकर नुकसान के आकलन के सर्वेक्षण का आदेश पहले ही दे चुके हैं। चूंकि बारिश रुक गई है इसलिए अधिकारियों ने आज से यह प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमने अधिकारियों से जल्द से जल्द सर्वेक्षण पूरा करने को कहा है। रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा दे दिया जाएगा।”

पटेल ने कहा कि एसडीआरएफ मानदंडों के अनुसार, ऐसे किसान, जिनकी कुल फसल के 33 प्रतिशत या इससे अधिक का नुकसान हुआ है वे दो हेक्टेयर तक 6,800 रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा पाने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार को उचित लगता है तो राहत राशि बढ़ाई भी जा सकती है।

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