गुजरात के जहरीली शराब कांड की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराई जाए: कांग्रेस

Author: Yogesh Kumar Sahu
UPDATED: Fri, 29 Jul 2022 09:44 PM
गुजरात के जहरीली शराब कांड की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराई जाए: कांग्रेस

ऑडियो सुनें

नयी दिल्ली. कांग्रेस ने गुजरात में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत की घटना को लेकर शुक्रवार को राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इस मामले की जांच राज्य उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए. पार्टी के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने यह आरोप भी लगाया कि गुजरात में भाजपा सरकार के संरक्षण में नशे का कारोबार हो रहा है.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तथाकथित शराबबंदी वाले गुजरात में जहरीली शराब पीने की वजह से 45 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज्यादा लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं.’’ उनके अनुसार, ‘‘यह जानकारी सामने आई है कि बोटाद जिले में 600 लीटर ‘मिथाइल अल्कोहल’ (मेथेनॉल) अहमदाबाद से लाया गया था. उसके बाद इसमें पानी मिलाकर जिले के विभिन्न इलाकों में बेच दिया गया जिसके सेवन से या तो लोगों की जान चली गई या उनके गुर्दे खराब हो गए.’’

खेड़ा ने कहा, ‘‘एक ड्राई स्टेट में इतना सब कुछ हो जाए और स्थानीय पुलिस-प्रशासन को भनक तक नहीं लगे, यह संभव नहीं है. जरूर इसके पीछे सत्ताधारी दल के नेता, पुलिस-प्रशासन और शराब माफियाओं की मिलीभगत रही होगी. यह सिर्फ आरोप नहीं है बल्कि इसके पीछे ठोस आधार भी है. रोजीद गांव के सरपंच लगातार प्रशासन को पत्र लिख कर बता रहे थे कि गांव में सरेआम देसी शराब की बिक्री हो रही है.’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘जहरीली शराब से जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों का मीडिया में रोते हुए बयान है कि यहां कोई शराबबंदी नहीं है, खुलेआम शराब बिक रही है. यदि पूरे गुजरात की बात करें तो अवैध शराब का करीब 15,000 करोड़ रुपए का सालाना कारोबार हो रहा है. (नरेंद्र) मोदी जी के गांव वडनगर से लेकर हर जÞलिे में शराब का गÞैर कÞानूनी धंधा फल फूल रहा है.’’

खेड़ा ने कहा, ‘‘इतना बड़ा मामला हुआ, करीब 50 लोगों की जान गई, 100 से ज्यादा लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं लेकिन न तो गृह मंत्री, न मुख्यमंत्री और न ही प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों से मुलाकÞात की, जबकि प्रधानमंत्री गुजरात में ही हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जहरीली शराब कांड की उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए क्योंकि जिस पुलिस पर आरोप है यदि वही जांच करेगी तो जांच का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.’’

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘‘जहरीली शराब पीने की वजह से जिन लोगों की मौत हुई है उनमें से अधिकतर गरीब थे और घर चलाने की उन पर जिम्मेदारी थी. ऐसे परिवारों को समुचित मुआवजा दिया जाए. इस कांड की वजह से जिनकी आंखें चली गई हैं या गुर्दे खराब हो गए हैं उनके लिए मुफ्त और बेहतर इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए.’’ गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने बुधवार को कहा था कि 25 जुलाई को प्रदेश के बोटाद में जहरीली शराब पीने के बाद बोटाद और पड़ोसी अहमदाबाद जिले में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि भावनगर, बोटाद और अहमदाबाद में कम से कम 97 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं.

गुजरात में कौन सी सत्ताधारी ताकतें शराब माफिया को संरक्षण दे रही हैं: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत होने पर दुख जताते हुए शुक्रवार को सवाल किया कि राज्य में कौन सी सत्ताधारी ताकतें हैं जो शराब माफिया को संरक्षण दे रही हैं ? उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ ‘ड्राई स्टेट’ गुजरात में जÞहरीली शराब पीने से कई घर उजड़ गए. वहां लगातार अरबों रुपये के मादक पदार्थ भी बरामद हो रहे हैं. यह बेहद ंिचता की बात है. बापू और सरदार पटेल की धरती पर, ये कौन लोग हैं जो धड़ल्ले से नशे का कारोबार कर रहे हैं? इन माफिया को कौन सी सत्ताधारी ताकÞतें संरक्षण दे रही हैं?’’

Breaking news. hindi news. Navabharat News. Latest news, in-depth analysis and opinion.
नवभारत न्यूज : छत्तीसगढ़, असम, ओडिशा, देश, दुनिया और राज्यों की खबरों का विश्वसनीय मंच.

लेखक के बारे में
By Yogesh Kumar Sahu