मुझे संप्रग सरकार के तहत कोई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ होने की जानकारी नहीं है: आठवले

मुंबई. केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान की गई किसी भी ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ की जानकारी नहीं है और इस बारे में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जरूरी था. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवादियों का समर्थन करना बंद कर देना चाहिए और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत को वापस सौंप देना चाहिए. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा बनने से पहले, आठवले की रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) कांग्रेस नीत संप्रग का घटक दल थी.

‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए आठवले ने कहा, ”इससे पहले नरेन्द्र मोदी सरकार के दौरान ही एक और ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ की गई थी. कांग्रेस के नेता कह सकते हैं कि मनमोहन सिंह के कार्यकाल में ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ हुई थी. लेकिन ऐसी कोई जानकारी नहीं है. मैं उस समय कांग्रेस के साथ था और संप्रग का हिस्सा था. मुझे ऐसी किसी ‘र्सिजकल स्ट्राइक’ के बारे में कोई जानकारी नहीं है.” सामाजिक न्याय राज्य मंत्री ने कहा, ”पूरी दुनिया जानती है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाई जरूरी थी. आतंकवादी पाकिस्तान से आए और कश्मीर के पहलगाम में हमारे निर्दोष लोगों को मार डाला.” उन्होंने इन आरोपों को खारिज कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं.

आठवले ने कहा, ”पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जरूरी था. इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोई जरूरत नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी इसका राजनीतिकरण नहीं कर रहे हैं.” भारत और पाकिस्तान के बीच ‘संघर्ष विराम’ प्रयासों का श्रेय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लिये जाने पर भाजपा की चुप्पी को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि ट्रंप को अपनी राय व्यक्त करने से कोई नहीं रोक सकता.

मंत्री ने कहा, ”ट्रंप ने अपने विचार रखे हैं. मौजूदा शांतिपूर्ण स्थिति का कारण यह है कि हम पाकिस्तान में आतंकवादी शिविरों को नष्ट करने में सफल रहे. भारत ने हमेशा कहा है कि पीओके को वापस किया जाना चाहिए. ट्रंप की इसमें कोई भूमिका नहीं है.” उन्होंने कहा कि भारत हमेशा से कहता रहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत में किसी मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा, ”हमें इसके लिए किसी की जरूरत नहीं है.”

आठवले ने आतंकवाद को समर्थन जारी रखने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की. उन्होंने कहा, ”पाकिस्तान ने कभी भी सबक नहीं सीखा, क्योंकि उसने आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया और उन्हें भारत भेजा. यदि वह ऐसा करता रहा, तो पाकिस्तान को अब तक यह पता चल गया होगा कि भारत उसे नष्ट कर सकता है. पाकिस्तान को आतंकवादियों का समर्थन करना बंद कर देना चाहिए और पीओके को भारत को वापस सौंप देना चाहिए.” महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव के बारे में आठवले ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी आरपीआई (ए) भाजपा के साथ ही रहेगी, भले ही सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अन्य सहयोगी अपने दम पर चुनाव लड़ें. उन्होंने कहा, ”आरपीआई (ए) के साथ जुड़े रहना भाजपा के लिए फायदेमंद होगा.”

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