नक्सलवाद का समर्थन करने के शाह के आरोप पर बहस नहीं बढ़ाना चाहता : बी. सुदर्शन रेड्डी

Author: navabharat digital
UPDATED: Tue, 26 Aug 2025 02:41 PM
नक्सलवाद का समर्थन करने के शाह के आरोप पर बहस नहीं बढ़ाना चाहता : बी. सुदर्शन रेड्डी
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लखनऊ: उपराष्ट्रपति पद के लिए ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के उम्मीदवार एवं उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उन पर नक्सलवाद का समर्थन करने के आरोप को लेकर बहस को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि शाह उनके खिलाफ माहौल बनाना चाहते हैं।

रेड्डी ने उपराष्ट्रपति पद को राजनीतिक के बजाय ‘उच्च संवैधानिक’ पद करार देते हुए मंगलवार को सभी दलों से अपील की कि वे गुण-दोष के आधार पर उनकी उम्मीदवारी पर गौर करें। ‘इंडिया’ गठबंधन के प्रमुख घटक दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं से विचार-विमर्श के लिए लखनऊ आए रेड्डी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में शाह द्वारा लगाए गए आरोपों पर कहा, ‘‘मैं इस विषय पर पिछले चार दिन से लगातार बात कर रहा हूं। इस समय मेरे पास कहने के लिए कुछ नया नहीं है। यह सवाल अब नया नहीं है।’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘वह (शाह) एक ‘नैरेटिव’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं पहले ही इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुका हूं और जो कुछ कहना था, वह कह चुका हूं। मैं इस बहस को और आगे नहीं बढ़ाना चाहता।’’ उन्होंने कहा कि वह हमेशा संविधान की प्रस्तावना की मूल भावना के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी पूरी मजबूती से खड़े रहेंगे।

पूर्व न्यायमूर्ति ने कहा, ‘‘मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि मैं यहां क्यों हूं। मैं उत्तर प्रदेश से संसद के माननीय सदस्यों का सहयोग प्राप्त करने के लिए आया हूं।’’ उन्होंने उपराष्ट्रपति पद को लेकर कहा, ‘‘मेरा मानना है कि उपराष्ट्रपति, जो राष्ट्रपति के बाद देश का दूसरा सर्वोच्च पद है, वह कोई राजनीतिक पद नहीं है, बल्कि एक उच्च संवैधानिक पद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग मुझसे पूछते हैं कि मैंने राजनीति अखाड़े में कदम क्यों रखा। मैंने जवाब दिया कि मैंने राजनीति में कदम नहीं रखा है। यह एक उच्च संवैधानिक पद है, जिस पर पहले दार्शनिक, राष्ट्रनेता और शिक्षाविद् रह चुके हैं- जैसे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन, पूर्व राजनयिक डॉ. के. आर. नारायणन और बाद में श्री हामिद अंसारी। ये सभी मेरे लिए प्रेरणा स्रोत हैं।’’

रेड्डी ने कहा, ‘‘मुझे इस पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है, इसके लिए मैं सभी विपक्षी राजनीतिक दलों का हृदय से आभार प्रकट करता हूं।’’ रेड्डी ने कहा, ‘‘प्रतिपक्ष ने मुझ पर विश्वास जताया है और इसके लिए मैं बहुत आभारी हूं। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि वे लोग भी मेरी मदद के लिए आगे आ रहे हैं जो इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं हैं।’’ उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा, ‘‘मैं सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों से आग्रह करता हूं कि वे दलगत भावना से ऊपर उठकर मेरी उम्मीदवारी पर गुण-दोष के आधार पर विचार करें।’’

इस सवाल पर कि क्या उन्हें लगता है कि भारत की संवैधानिक संस्थाएं अपनी राह से भटक गई हैं, रेड्डी ने कहा, ‘‘इतना तो मुझे स्वीकार करना पड़ेगा कि वे निश्चित रूप से किसी न किसी प्रभाव में हैं। जरूरत इस बात की है कि वे खुद को रास्ते पर लाने के लिए गंभीरता से ंिचतन करें।’’

संसद में हाल में पेश किए गए 130वें संविधान संशोधन विधेयक के बारे में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने ने कहा, ‘‘अभी यह विधेयक संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना फिलहाल उचित नहीं होगा।’’

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