
बेंगलुरु. कर्नाटक में विभिन्न बोर्ड और निगमों में नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस में जारी चर्चा के बीच प्रदेश के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने मंगलवार को कहा कि इस विषय पर उनके साथ कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया. बहरहाल, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि किसी भी नेता से संपर्क नहीं किया गया है, क्योंकि प्रक्रिया अभी भी ”शुरुआती चरण” में है.
कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला पार्टी की राज्य इकाई के नेतृत्व के साथ इस विषय पर चर्चा के लिए बेंगलुरु में हैं. पिछले सप्ताह भी उन्होंने यहां इस मुद्दे पर चर्चा की थी. पार्टी सूत्रों के अनुसार, बोर्ड और निगमों में नियुक्तियां उन मुद्दों में से एक हैं जिन पर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच कुछ मतभेद थे.
गृह मंत्री परमेश्वर ने एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ”नहीं, मुझसे सलाह नहीं ली गई है. अगर सलाह ली जाती, तो अच्छा होता. मैं आठ साल तक पार्टी का (प्रदेश) अध्यक्ष था और इसके बारे में सुझाव दे सकता था कि मौजूदा हालात में राजनीतिक रूप से कौन फायदेमंद होगा. वरिष्ठता को लेकर अपनी राय दे सकता था.”
उन्होंने आगे कहा, ”वे (पार्टी नेतृत्व) भी इसके बारे में जानते हैं, लेकिन अगर हमसे भी सलाह ली जाती, तो अच्छा होता. वे अंतत? आलाकमान की सहमति लेने के बाद निर्णय ले सकते हैं. उन्हें ऐसा करने दीजिए.” मंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सूची को कब अंतिम रूप दिया जाएगा. माना जा रहा है कि अब तक नियुक्तियां नहीं होने से पार्टी के एक वर्ग के भीतर खासकर उन विधायकों में कुछ असंतोष है, जो मंत्री नहीं बन सके.
परमेश्वर की टिप्पणियों को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, ”केवल परमेश्वर ही नहीं, किसी की भी राय अभी तक नहीं ली गई है. यह (चर्चा) अभी प्रारंभिक चरण में है… सूची को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है, इसलिए इस पर मेरा टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा.” उधर, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ. कांग्रेस के विधायकों और कार्यकर्ताओं को राज्य के विभिन्न बोर्ड एवं निगमों में प्रमुख पदों पर नियुक्त करने के संबंध में चर्चा जारी है और सूची को अंतिम रूप दिए जाने पर इसे मंजूरी के लिए पार्टी आलाकमान को भेजा जाएगा.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिवकुमार ने सुरजेवाला के साथ मुलाकात से संबंधित सवाल पर संवाददाताओं से कहा, ”यह हमारा नियमित काम है, यह पार्टी का काम है…वह (सुरजेवाला) व्यस्त थे. हमने दो से तीन दौर की बैठकें की हैं, आज भी हमारी बैठक होगी, सूची दिल्ली जानी है, उसके बाद हम आप लोगों को सूचित करेंगे.” शिवकुमार ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं दोनों को बोर्ड एवं निगमों में नियुक्त किया जाएगा. उन्होंने यह संकेत भी दिया था कि लगभग 15 से 20 विधायकों और एमएलसी को बोर्ड एवं निगमों में समायोजित किया जाएगा तथा सर्मिपत कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारियां दी जाएंगी.



